समाज
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महंगाई का बढ़ता साया
डॉ.प्रियंका ‘सौरभ’ भारत जैसे विशाल और विकासशील देश में महंगाई केवल एक आर्थिक शब्द नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के दैनिक…
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आती-जाती सत्ता के साथ बदलती नेताओं की वफादारी!
संजय सक्सेना पारिवारिक और सामाजिक जीवन में जहां वफादारी सबसे बड़ी पूंजी होती है, वहीं क्या सियासत की दुनिया में…
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स्त्री नहीं, सोच घर बनाती और बिगाड़ती है!
स्त्री नहीं, सोच घर बनाती और बिगाड़ती है! यह कौन-सा नियम है जहां दोष पहले से तय होता है? परिवार…
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नगर निगम यातायात कर्मियों ने मानवता को किया शर्मशार
नगर निगम यातायात कर्मियों ने मानवता को किया शर्मशार। शुगर पेशेंट ने लघुशंका के लिए गाड़ी रोकी तो कर दिया…
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भीषण गर्मी में महिलाओं की बढ़ती परेशानियाँ
डॉ. विजय गर्ग गर्मी का मौसम हर किसी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन महिलाओं के लिए यह चुनौती कई…
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सिस्टम की आग में जलते मजदूर!
सिस्टम की आग में जलते मजदूर, प्रगति का स्वांग कब तक? क्या महाशक्ति की राह श्रमिकों की चिताओं से होकर जाएगी?…
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अस्तित्व बचाने को राजनीति में आए सिख समाज :सुरेन्द्र सिंह बक्शी
अपने अस्तित्व के लिए अब सिक्ख समाज राजनीत में आए। यू० पी० सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की तीसरी बैठक आगरा…
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विकास की चकाचौंध में गुम बेघर लोगों के सपने
डॉ. विजय गर्ग भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। महानगरों में…
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सरकार को भारी न पड़ जाए घरेलू गैस के दाम
सरकार को भारी न पड़ जाए घरेलू गैस के दाम बढ़ाना! रसोई गैस के दामों में एकाएक हुई बढ़ोत्तरी से…
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महंगी शिक्षा: प्रतिभा और अवसर के बीच दीवार
डॉ. विजय गर्ग शिक्षा को किसी भी सभ्य समाज की रीढ़ और उज्जवल भविष्य की नींव माना जाता है। भारत…
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