
बच्चों को मोबाइल का प्रयोग कम से कम करना चाहिए। आशियाना अटल सेवा केंद्र में साइकोलॉजिस्ट ने बच्चों संग किया संवाद।
राकेश यादव
लखनऊ। आशियाना रेजीडेंट्स एसोसिएशन के तत्वधान में आशियाना कॉलोनी के 18 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन एवं व्यक्तित्व निर्माण के उद्देश्य से अटल सेवा केंद्र, सेक्टर- “के” आशियाना कॉलोनी, लखनऊ, में प्रत्येक रविवार को अटल ज्ञानशाला का आयोजन किया गया। इस ज्ञानशाला में समाज के विद्वान अनुभवी वक्ता एवं प्रबुद्धजन बच्चों को प्रेरणादायक विचारों, ज्ञानवर्धक विषयों तथा उत्तम संस्कारों से मार्गदर्शित कर रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, नैतिकता एवं सामाजिक चेतना का विकास हो। इस ज्ञानशाला की कडी में आज अटल सेवा केंद्र में लगभग 40 बच्चों ने भाग लिया।
बच्चों को नेहा आनंद ,जो कंसलटेंट साइकोथैरेपिस्ट एवं मेडिकल प्रैक्टिशनर, आल्टरनेटिव मेडिसिंस एवं राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एवं बोधीट्री में मुख्य मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता हैं, एवं जिनको देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित संस्थानों में चीफ साइकोलॉजिस्ट कंसलटेंट के रूप में कार्य करते हुए तमाम पुरस्कारों से नवाजा गया,उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि उनको मोबाइल का प्रयोग कम से कम करना चाहिए तथा पढ़ाई के साथ साथ भौतिक गतिविधियों एवं खेल कूद पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे मानसिक एवं शारीरिक विकास हो सके। उन्होंने बताया कि मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से छोटी उम्र में ही आँखों पर चश्मा चढ़ जा रहा है।
उन्होंने कहानियों एवं उदाहरण देकर संस्कारों के महत्व को समझाया। बच्चों को गुस्सा न करने, सभी से विनम्र व्यवहार करने की शिक्षा दी। उपस्थित सभी बच्चों को आलस त्यागने तथा आज का काम कल पर न टालने की सलाह दी। घर पर दैनिक कार्यों में माता पिता का सहयोग करने की अनुकरणीय शिक्षा के साथ बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सार गर्भित बातें बताईं। बच्चों ने काफी तनमयता के साथ तमाम प्रश्न पूछ कर जानकारी प्राप्त की एवं अपना ज्ञानवर्धन किया। कार्यक्रम इतना अच्छा था, कि बच्चों ने ऐसे कार्यक्रम दोबारा किए जाने का अनुरोध किया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् राष्ट्रगीत से हुआ।

























