यूपी में बनेगा बड़ा सिल्क हब, तीन जिलों को मिलेगा क्लस्टर का दर्जा

  • सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित होंगे संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी।
  • इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण में निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से मुख्यमंत्री ने किया सीधा संवाद।
  • वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान जल्द होगा लागू, कालीन कारोबार को लेकर उद्यमियों ने रखीं अपनी बातें।
  • CEPC में महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर, मुख्यमंत्री ने उनके लिए स्थान आरक्षित करने को कहा
  • कालीन उद्योग के लिए अलग नीति की उठी मांग, मुख्यमंत्री बोले- सरकार जरूर लेगी संज्ञान।

    भदोही। सिल्क क्लस्टर के रूप में संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी को विकसित किया जाएगा। वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान भी जल्द लागू होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण में कालीन उद्योग के निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों से सीधे संवाद के दौरान यह बात कही। उद्यमियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति, कारोबार की जरूरतों और महिला उद्यमियों की भागीदारी से जुड़े विषय रखे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर उनकी बात सुनी और उठाए गए मुद्दों पर सरकार की ओर से संज्ञान लेने का भरोसा दिया।

    बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार को मिला लाभ।

    मिर्जापुर के कालीन कारोबारी अनिल कुमार ने बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए योगी सरकार के कार्यों की सराहना की। उन्होंने प्राचीन शहर मिर्जापुर और वहां के कालीन व्यवसाय से जुड़े विषय भी रखे। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनकर उठाए गए मुद्दों पर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।

    ओडीओपी से मिला लाभ, अब कालीन नीति की मांग।

    इम्तियाज अहमद ने कहा कि ओडीओपी योजना से उद्यमियों को बहुत लाभ मिला है। इसी तर्ज पर कालीन उद्योग के लिए नीति बनाई जाए तो कारोबार को और फायदा होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि तीसरी बार उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद मिला है।

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    हस्तनिर्मित कालीन के लिए अलग व्यवस्था का सुझाव।

    पीयूष कुमार बरनवाल ने कहा कि हस्तनिर्मित कालीन में भारत नंबर वन है। कालीन तैयार होने में अधिक समय लगता है, इसलिए इसे मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी से थोड़ा अलग रखते हुए उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीति बनाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने इसे अच्छा सुझाव बताते हुए कहा कि उन बुनकरों का अभिनंदन है, जिन्होंने अपने पूर्वजों की धरोहर को जीवित रखा है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस सुझाव पर सरकार जरूर संज्ञान लेगी।

    महिलाओं को CEPC से जोड़ने की उठी बात।

    आदर्श पूर्णिमा ने कहा कि पहले इंडिया कारपेट एक्सपो दिल्ली में लगता था। तब यह कल्पना भी नहीं की गई थी कि इसका आयोजन भदोही में होगा। अब इतना बड़ा मेला अपने ही जनपद में हो रहा है और मुख्यमंत्री लगातार दूसरी बार कालीन उद्योग का उत्साह बढ़ाने पहुंचे हैं।

    उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और वर्कर्स हैं, लेकिन CEPC का मौजूदा ढांचा महिलाओं को अपने साथ नहीं जोड़ पाया है। महिलाओं के लिए ऐसा प्रावधान होना चाहिए, जिससे उनकी भागीदारी बढ़े और मनोबल मजबूत हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए हैं। नारी अब केवल सरकार या सरकारी भरोसे नहीं रहेगी, बल्कि अपने लिए कानून भी बनाएगी। उन्होंने CEPC से महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके लिए स्थान आरक्षित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में परिवर्तन का भी भरोसा दिया।

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