राह देखते-देखते जेल में बीता श्रद्धा दुबे का पहला दिन… जिस इंतज़ार में निगाहें दरवाज़े पर टिकी थीं, अब वही इंतज़ार सलाखों के पीछे जारी है। खबरों के मुताबिक, महिला बैरक में जमीन पर करवटें बदलते हुए बीती पहली रात। आखिर जेल की पहली रात कैसी रही? किन हालात में गुज़रा पहला दिन और अब आगे क्या होगा?
राकेश यादव
लखनऊ। राजधानी के बहुचर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे की जेल के महिला बैरक में जमीन पर करवटें बदलती बीती। लग्जरी जीवन जीने वाली कथित हाई प्रोफाइल बहनों को जेल के बिस्तर और कंबल के सहारे रात काटने को विवश होना पड़ा। जेल में कोई भी इनसे मुलाकात करने तक नहीं पहुंचा।
उल्लेखनीय है कि शिवा शर्मा हत्याकांड के बाद फरार हुई मुख्य आरोपी श्रद्धा शर्मा, बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश को यूपी पुलिस ने एसटीएफ के सहयोग से नागपुर से गिरफ्तार किया। बुधवार को देर शाम तीनों आरोपियों की लखनऊ जिला जेल में दाखिल कराया गया। सूत्रों के मुताबिक जेल प्रशासन के अधिकारियों ने श्रद्धा दुबे और रश्मि दुबे को महिला बैरक और चालक दानिश को नए बंदियों की मुलाहिजा बैरक में रखा गया।
सूत्रों का कहना है कि महिला बैरक में लग्जरी जीवन जीने वाली श्रद्धा दुबे और रश्मि दुबे को सामान्य महिला बंदियों की तरह दो फड़े (बिस्तर) दी गई। जमीन पर लगाए गए बिस्तरों पर दोनों आरोपी महिला बंदियों नींद नहीं आई। रात में उठकर एक अन्य महिला बंदी के सहयोग से पानी पिया और फिर उसी बिस्तर पर लेट कर करवटें बदलकर रात काटी। सूत्रों की माने तो सुबह जब महिला बंदियों की मुलाकात की पर्ची पुकारी जाने लगी तो जानकारी प्राप्त करने बाद पता चला कि उनसे मुलाकात करने की कोई पर्ची नहीं लगी। दोपहर तक बेसब्री से इंतजार करने के बाद उन्हें मुलाकात से मायूस होना पड़ा। उधर जेलर ऋतिक प्रियदर्शी ने सिर्फ इतना ही बताया कि उन्हें सामान्य बंदियों की तरह ही रखा गया है। उन्होंने बताया कि उनसे आज कोई भी मिलने नहीं आया था।



