अयोध्या में बुलडोजर कार्रवाई पर अखिलेश का हमला, बोले- गरीबों के घर-दुकान तोड़कर रोजी-रोटी छीनी।अयोध्या में मकान-दुकानों पर हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर सियासत गरमा गई है। CCM अखिलेश यादव ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर सरकार पर गरीबों की रोजी-रोटी उजाड़ने का आरोप लगाया और उचित मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और नुकसान की भरपाई भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
लखनऊ। अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हुई ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर गरीबों के घर और दुकानें उजाड़ना तथा उनकी रोजी-रोटी छीनना उचित नहीं है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या में कई परिवारों के मकान और दुकानें ध्वस्त की गईं और कुछ प्रभावित लोगों को अपना सामान निकालने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई और मुआवजा देने की मांग की। उनके मुताबिक यदि वर्तमान सरकार मुआवजा नहीं देती है तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रभावित परिवारों को नुकसान की भरपाई और पक्के मकान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर कार्रवाई
अयोध्या प्रशासन ने 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के विस्तार के लिए अतिक्रमण की जद में आने वाले कई भवनों पर कार्रवाई की है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि चिन्हित भवनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत हटाया गया। कुछ मामलों में प्रशासन ने नजूल भूमि और मुआवजे से संबंधित दावे भी सामने रखे हैं।
वहीं, प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों की ओर से कार्रवाई के तरीके और नोटिस को लेकर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर पुनर्वास और प्रभावित कारोबारियों की दुकानों को लेकर भी चर्चा हुई है। एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की जा रही है।
पीड़ित परिवारों से मिले सपा नेता
अयोध्या में सपा नेताओं ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों ने मकान और दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर अपनी शिकायतें सपा नेताओं के सामने रखीं। रिपोर्ट में कुछ लोगों ने बिना नोटिस कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने इन परिवारों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ध्वस्तीकरण के दौरान घरेलू सामान, दुकान का सामान और कारोबार से जुड़ी संपत्ति के नुकसान की शिकायतें सामने आई हैं।
सरकार से मुआवजे की मांग
अखिलेश यादव ने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था भी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान गांवों के पुनर्वास और मुआवजे का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रभावित लोगों की सहमति और उचित मुआवजे के साथ विकास कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अयोध्या के विकास के खिलाफ नहीं है और सत्ता में आने पर अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करने की बात कही।
कार्रवाई को लेकर सियासी टकराव
इस मामले ने राजनीतिक बहस को भी तेज कर दिया है। अखिलेश यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कानून, संविधान और लोगों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया जा रहा है। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं; दूसरी ओर प्रशासन ने कार्रवाई को सड़क चौड़ीकरण और चिन्हित भवनों को हटाने से जुड़ा बताया है।
अयोध्या में हुई कार्रवाई को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से भी प्रशासन पर सवाल उठाए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। जागरण के अनुसार, कुछ भाजपा नेताओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर कार्रवाई पर आपत्ति जताई और प्रशासन ने मामले में जांच समिति गठित करने तथा न्याय का आश्वासन दिया।
कानून-व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने हत्या, लूट, पुलिस हिरासत में मौत और महिला अपराध सहित कई मुद्दे उठाए तथा सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावे पर सवाल किया। अयोध्या के ध्वस्तीकरण विवाद के बीच फिलहाल मुख्य सवाल प्रभावित परिवारों के मुआवजे, पुनर्वास, नोटिस और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए उठाए जाने वाले कदम और इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।



