- मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश में कौशल, करियर काउंसलिंग एवं उद्योग सहभागिता को सशक्त बनाने हेतु नवीन योजना Integrated Scheme in Skilling Architecture (ISSA) के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
- आईएसएसए के क्रियान्वयन से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप एवं रोजगार के व्यापक अवसर होंगे उपलब्ध।
- प्रदेश में एक सुदृढ़, उद्योगोन्मुख एवं रोजगारपरक कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र (Skilling Ecosystem) विकसित करने पर दिया गया विशेष बल।
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्योग के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित नवीन योजना Integrated Scheme in Skilling Architecture (ISSA) के प्रारूप एवं कार्यान्वयन रणनीति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित योजना का क्रियान्वयन विभिन्न विभागों के प्रभावी अभिसरण, उद्योगों की सक्रिय सहभागिता तथा परिणाम-आधारित कार्यप्रणाली के साथ सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, करियर मार्गदर्शन, अप्रेंटिसशिप, इंटर्नशिप एवं रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक विभाग की भूमिका एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से परिभाषित किए जाएँ तथा चरणबद्ध कार्ययोजना, वित्तीय आवश्यकताओं, संस्थागत व्यवस्थाओं एवं कार्यान्वयन तंत्र का विस्तृत प्रस्ताव निर्धारित समयावधि में तैयार कर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाए।बैठक में राज्य, जनपद एवं क्लस्टर स्तर पर प्रभावी चार-स्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने, डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय (Real-time) में प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करने तथा उद्योगों, एमएसएमई, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से प्रदेश में एक सुदृढ़, उद्योगोन्मुख एवं रोजगारपरक कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र (Skilling Ecosystem) विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
इससे पहले बैठक में प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग डॉ० हरि ओम द्वारा ISSA से सम्बन्धित राज्य स्तरीय प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक एवं कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार व उद्यमिता की प्रस्तावित एकीकृत व्यवस्था के सम्बन्ध में विस्तार से अवगत कराया गया तथा विभिन्न विभागों एवं हितधारकों से सम्बन्धित बिन्दुओं से प्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। अंत में मुख्य सचिव के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के दृष्टिगत प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग डॉ० हरि ओम द्वारा समस्त विभागों एवं हितधारकों से अपेक्षा की गयी कि वे अपने-अपने विभाग एवं संस्था से सम्बन्धित प्रस्ताव व बिन्दुओं से सम्बन्धित विवरण को 01 सप्ताह की अवधि में तैयार कर निदेशक, प्रशिक्षण निदेशालय, उ०प्र० को उपलब्ध करा दें, जिससे कि कार्य योजना को अंतिम रुप से तैयार कराते हुये मुख्य सचिव के अनुमोदन से स्वीकृति हेतु भारत सरकार को समयबद्ध रुप से प्रेषित किया जा सके।
प्रस्तुतीकरण के पश्चात बैठक में विद्यालयी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार तक एक समग्र एवं एकीकृत स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने के विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान कक्षा 6 से विद्यार्थियों के लिए चरणबद्ध करियर काउंसलिंग व्यवस्था, विद्यालय प्रबंधन समितियों में उद्योग विशेषज्ञों की सहभागिता, विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण, आईटीआई एवं उद्योगों के मध्य सुदृढ़ समन्वय, राज्य इंटर्नशिप योजना, अंतरराष्ट्रीय भाषा प्रशिक्षण, कौशल मंदिरों की स्थापना, रोजगार संगम पोर्टल का उन्नयन, APAAR ID आधारित डिजिटल स्किल प्रोफाइल तथा विभिन्न विभागों के मध्य प्रभावी अभिसरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि नवीन योजना ISSA के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य को पायलट प्रोजेक्ट हेतु चयनित किया गया है तथा योजनान्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपये 500.00 करोड़ की धनराशि प्रथम किश्त के रुप में आवंटित की है।बैठक में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग, सचिव उच्च शिक्षा विभाग, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक, विशेष सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग, निदेशक सेवायोजन तथा निदेशक प्रशिक्षण निदेशालय के साथ-साथ माध्यमिक शिक्षा, विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा, इन्वेस्ट यूपी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



