- संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 से 31 जुलाई एवं दस्तक अभियान 11 से 31 जुलाई तक होगा संचालित।
- सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव।
- हाई रिस्क क्षेत्रों में सघन मच्छर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जाएं।
- ई-कवच पोर्टल पर होगी लक्षणयुक्त व्यक्तियों की डिजिटल ट्रैकिंग।
- लखनऊ। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 से 31 जुलाई, 2026 तथा दस्तक अभियान 11 से 31 जुलाई, 2026 तक संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों का समन्वित एवं सक्रिय सहयोग अत्यंत आवश्यक है। विशेष रूप से हाई रिस्क क्षेत्रों में अंतर्विभागीय सहयोग के माध्यम से सघन वेक्टर एवं मच्छर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जाएं।
अपर मुख्य सचिव ने यह निर्देश संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान-2026 के अंतर्गत संपादित की जाने वाली अंतर्विभागीय गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी जनपदों में 29 जून को द्वितीय जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय बैठक आयोजित कर ब्लॉक स्तरीय माइक्रो प्लानिंग एवं अभियान संबंधी तैयारियों की समीक्षा की जाए तथा आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। अभियान के सफल संचालन हेतु आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का संवेदीकरण एवं प्रशिक्षण 8 जुलाई तक पूर्ण कर लिया जाए। साथ ही सभी स्तरों की बैठकों में स्टॉप डायरिया कैंपेन तथा अन्य आवश्यक अंतर्विभागीय गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा सुनिश्चित की जाए।
READ ALSO:राजनीतिक स्थिरता बनाम लोकतांत्रिक विवेक: कहाँ है संतुलन?
श्री घोष ने निर्देश दिए कि फ्रंटलाइन वर्कर्स अपने साथ ओआरएस पैकेट एवं जिंक की गोलियां उपलब्ध रखें, ताकि दस्त अथवा अन्य लक्षणयुक्त व्यक्तियों की पहचान होने पर तत्काल सहायता प्रदान की जा सके। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को अधोमानक एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। विशेष रूप से खुले खाद्य पदार्थों, कटे-फटे एवं सड़े हुए फल-सब्जियों तथा अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किए जा रहे फलों एवं गन्ने के जूस की बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय आधारित गतिविधियों के अंतर्गत छात्रों को जानवरों के काटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार के रूप में घाव को बहते हुए स्वच्छ पानी से धोने की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर जागरूक किया जाए। इसके अतिरिक्त पोस्टर प्रतियोगिता, वाद-विवाद, क्विज एवं निबंध लेखन जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को संचारी रोगों से बचाव, पर्यावरणीय स्वच्छता तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाया जाए।
श्री घोष ने यह भी निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिन्हित अधिक मच्छर घनत्व वाले क्षेत्रों में संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जाएं। वहीं ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा स्टॉप डायरिया कैंपेन के अंतर्गत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां शुद्ध पेयजल की उपलब्धता एवं जनजागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।उन्होंने अभियान के अंतर्गत सभी विभागों को समयबद्ध प्रशिक्षण, माइक्रो प्लान तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने, निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप गतिविधियों का संचालन करने तथा 01 जुलाई को सभी कार्यालयों एवं विद्यालयों में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक सोमवार को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट तथा अंतिम रिपोर्ट 05 अगस्त तक राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान के सफल संचालन के लिए विभागीय नोडल अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि अभियान की तिथियों, विभागीय गतिविधियों एवं माइक्रो प्लानिंग से संबंधित सभी सूचनाएं समय से जनपद एवं ब्लॉक स्तर तक पहुंचें। साथ ही राज्य एवं जनपद स्तर पर आयोजित बैठकों में लिए गए निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। फ्रंटलाइन वर्कर्स द्वारा सभी 75 जनपदों में घर-घर भ्रमण कर क्षय रोग, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया तथा काला आजार जैसे रोगों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जाए। दस्तक अभियान के दौरान किसी भी रोग के लक्षणयुक्त व्यक्ति की सूचना मिलने पर उसका नाम, पता एवं मोबाइल नंबर सहित संपूर्ण विवरण ई-कवच पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड किया जाए।



