
भारत पोल्ट्री एक्सपो 2026 का लखनऊ में भव्य शुभारंभ। नई तकनीक, बढ़ती मांग और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाओं पर जोर।
त्रिनाथ शर्मा
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में 1090 चौराहे के निकट गोमती रिवर फ्रंट चौपाटी पर 4, 5 और 6 अप्रैल तक आयोजित हो रहे भारत पोल्ट्री एक्सपो 2026 का भव्य आगाज़ हुआ। इस आयोजन में प्रदेश और देश भर से पोल्ट्री उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ, उद्यमी तथा किसान बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। एक्सपो में विभिन्न नामी कंपनियों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां आधुनिक तकनीकों, उन्नत उपकरणों और नवीन प्रबंधन प्रणालियों की जानकारी दी जा रही है। इससे किसानों और उद्यमियों को नए व्यवसायिक अवसरों के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में मार्गदर्शन मिल रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर मुख्य सचिव, पशुधन उत्तर प्रदेश मुकेश कुमार मेश्राम (आईएएस) को सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में इस प्रकार के आयोजन विभिन्न क्षेत्रों में श्रृंखला के रूप में आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 5 करोड़ अंडों की खपत होती है और प्रोटीन के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण आने वाले समय में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है। उन्होंने पोल्ट्री सेक्टर को वर्ष 2030 और 2047 के विकास लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं और महिलाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने तथा नई तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही उन्होंने “गर्मी में अंडा नुकसान करता है” जैसे मिथकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाप्त करने की आवश्यकता बताई।
मंच पर आयोजक बी. वी. शिवशंकर, डॉ. मनोज शुक्ला (प्रेसिडेंट, पीपल फॉर पोल्ट्री), डॉ. पी. के. शुक्ला (डीन, मथुरा यूनिवर्सिटी), डॉ. ए. यू. किदवई, डॉ. शरद सिंह (प्रेसिडेंट, यूपीबीबीआईए), रिकी थापर (जॉइंट सेक्रेटरी, पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया), सेल्वम कन्नन, अली अकबर, वी. पी. सिंह (प्रेसिडेंट, कुक्कुट विकास समिति), एफ. एम. शेख, डॉ. महेश गुप्ता (वीएचपीएल) तथा डॉ. त्रिपाठी (डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन) सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने उपस्थित होकर अपने विचार साझा किए।
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया के जॉइंट सेक्रेटरी रिकी थापर ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बायोगैस और सोलर प्लांट अपनाने की अपील की और कहा कि उत्तर प्रदेश का पोल्ट्री सेक्टर तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसका लाभ किसानों और उद्यमियों को उठाना चाहिए। वहीं डॉ. पंकज शुक्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश शीघ्र ही पोल्ट्री उत्पादन में अग्रणी राज्य बनेगा और कुपोषण की समस्या को दूर करने में यह क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एक्सपो में बड़ी संख्या में लोग नई तकनीकों को समझने, व्यवसायिक संभावनाओं का आकलन करने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए पहुंच रहे हैं। इससे यह आयोजन पोल्ट्री उद्योग के विकास, रोजगार सृजन और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।




















