- एसीएस गृह और प्रमुख सचिव को नहीं दिख रहा एआईजी जेल का भ्रष्टाचार!
- पैसा लाओ ट्रांसफर रुकवाओ या बदलाव का खुला ऑफर।
- बीते एक सप्ताह में दर्जनों बदले और रोके गए जेलकर्मियों के ट्रांसफर।

लखनऊ। अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन वसूली के चलते इस कदर अंधे हो गए हैं कि इनके लिए न तो सरकार की स्थानांतरण नीति का कोई मायने रह गया है और न ही जेल के नियमों का मतलब रह गया है। एआईजी प्रशासन ने मोटी रकम लेकर तबादला आदेश बदलने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। बीते एक सप्ताह में दर्जन जेल अधिकारियों और जेलकर्मियों के तबादले या तो बदल दिए गए या फिर उन्हें उन्हीं जेलों पर रोक दिया गया। एक जेलर का तबादला 24 घंटे में रोक दिया। मजे की बात तो यह है कि एआईजी प्रशासन की बेतहाशा वसूली का यह सच न तो अपर मुख्य सचिव गृह और न ही प्रमुख सचिव कारागार को दिखाई पड़ रहा है। उधर विभाग के उच्चाधिकारी अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे है।
मामला प्रदेश की मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद जेल का है। सूत्रों का कहना है कि मुजफ्फरनगर जेल पर तैनात जेलर नीरज कुमार श्रीवास्तव का तबादला लखनऊ जेल पर किया गया। तबादला हुए अभी 24 घंटे भी नहीं बीत पाए थे कि इनका तबादला निरस्त कर उन्हें उसी जेल पर रोक दिया गया। बताया गया है कि अपने कार्यकाल का अधिकांश समय जेलर नीरज श्रीवास्तव ने पश्चिम की कमाऊ जेलों पर ही बिताया है। इसके बावजूद एआईजी प्रशासन ने मोटी रकम लेकर उन्हें उसी जेल पर रोक दिया। इसी प्रकार मुरादाबाद जेल में जेलर के दो पद है। एआईजी प्रशासन ने जेलर महेंद्र पाल को लखनऊ जिला कारागार और 30 जून 2026 को सेवानिवृत होने वाले सुरेश मिश्रा को बागपत जेल पर स्थानांतरित कर दिया। इनके स्थान पर बंदायू के जेलर रणंजय सिंह और फतेहपुर के जेलर अनिल कुमार को मुरादाबाद जेल पर स्थानांतरित कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि स्थानांतरण होने की सूचना मिलते ही जेलर महेंद्र पाल मोटी रकम लेकर एआईजी कारागार प्रशासन के पास पहुंच गए। एआईजी प्रशासन ने इनका तबादला बदलने के बजाए 24 घंटे के अंदर ही उन्हें उसी जेल पर रोके दिया।
सूत्रों का कहना है कि इसी प्रकार बीते स्थानांतरण सत्र में झांसी जेल से स्थानांतरित किए गए जेलर कस्तूरी लाल गुप्ता, एटा जेल से पहले लखनऊ के नारी बंदी निकेतन और उसके बाद प्रतापगढ़ जिला जेल पर ड्यूटी लगाई गई इन्हें मोटी रकम लेकर जिला जेल प्रतापगढ़ जेल पर ही समायोजित कर दिया गया। इसी प्रकार एटा जेल से नैनी सेंट्रल जेल ड्यूटी पर लगाए गए जेलर प्रदीप कश्यप को पहले नैनी सेंट्रल पर ड्यूटी लगाई गई। इसी प्रकार आजमगढ़ से गाजियाबाद स्थानांतरित किए गए जेलर विकास कटियार का तबादला बदलकर बागपत जेल पर कर दिया। बागपत जेल पर एक भी दिन काम नहीं करने वाले जेलर विकास कटियार को बागपत से फिरोजाबाद जेल पर विशेष ड्यूटी लगा दी। विशेष ड्यूटी पर लगाए गए इन जेलरों को या तो उन्हीं जेलों पर समायोजित कर दिया गया या फिर और अधिक कमाऊ जेलों पर स्थानांतरित कर दिया गया।
विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नहीं उठाते फोन
कारागार विभाग में बेतरतीब तरीके हुए तबादलों में एआईजी जेल प्रशासन की मनमानी के संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से बात करने का प्रयास किया गया तो उनके निजी सचिव अमित गुप्ता ने बताया कि साहब मीटिंग में है अभी बात नहीं हो पाएगी। एआईजी जेल प्रशासन धर्मेंद्र सिंह ने तो कई प्रयासों के बाद भी फोन नहीं उठाया।



