

80 वर्षीय बुजुर्ग महिला न्याय के लिए भटकने को मजबूर, पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जे का आरोप। बेटे और नातियों पर जमीन व मकान हड़पने का आरोप, थाना पटरंगा के चक्कर काट रही पीड़िता।
अयोध्या/रुदौली। मवई क्षेत्र के थाना पटरंगा अंतर्गत ब्लॉक मवई मुख्यालय की ग्राम पंचायत पचलो मजरे पूरे कामगार गांव निवासी लगभग 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला न्याय की आस में लगातार पुलिस और प्रशासन के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़िता मांझिलका पत्नी पूदन का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन और मकान पर उनके बेटे बेकारू तथा नाती रमेश और उमेश ने कब्जा कर लिया है, जिसके कारण उन्हें अपने ही घर में रहने नहीं दिया जा रहा है।
पीड़िता का कहना है कि उम्र के इस अंतिम पड़ाव में वह दर-दर भटकने को विवश हैं। उन्होंने कई बार थाना पटरंगा पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है। महिला का आरोप है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। कभी जांच का हवाला दिया जाता है तो कभी बाद में आने को कहा जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार बुजुर्ग महिला लंबे समय से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते मामले का संज्ञान लेता तो महिला को इस प्रकार परेशान नहीं होना पड़ता। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, मामला पुश्तैनी संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि उनके बेटे और नातियों ने जमीन एवं मकान पर जबरन कब्जा कर रखा है तथा उन्हें संपत्ति से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में वह न्याय की उम्मीद लेकर लगातार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंच रही हैं।
यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला अपनी शिकायत लेकर बार-बार थाने और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगा रही है, तो उसकी शिकायत का समयबद्ध निस्तारण क्यों नहीं किया जा रहा है। यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल बुजुर्ग महिला की निगाहें प्रशासन और पुलिस विभाग पर टिकी हैं। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि मानवता और संवेदनशीलता के आधार पर मामले का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और उनका अपने अधिकारों पर विश्वास बना रहे।
इस संबंध में थाना पटरंगा के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
























