सरकार को भारी न पड़ जाए घरेलू गैस के दाम

सरकार को भारी न पड़ जाए घरेलू गैस के दाम बढ़ाना! रसोई गैस के दामों में एकाएक हुई बढ़ोत्तरी से आधी आबादी में आक्रोश। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में चुकाना पड़ सकता हिसाब।

राकेश यादव
राकेश यादव

लखनऊ। इराक और ईरान के बीच छिड़े युद्ध की आड़ में आए दिन दैनिक आवश्यक वस्तुओं के दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी की जा रही है। पहले पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए। इस महंगाई का दंश पब्लिक अभी झेल भी नहीं पाई थी कि रविवार को घरेलू गैस के दाम में एकाएक 29 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी कर सरकार ने आधी आबादी को करारा झटका दिया है। घरेलू गैस के दाम में हुई बढ़ोत्तरी का असर प्रदेश के 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में दिखाई पड़ेगा। रसोई का बजट बिगड़ने से आधी आबादी काफी आक्रोशित नजर आ रही है। आधी आबादी का यह आक्रोश सरकार को करारा झटका दे सकता है।

रविवार को एकाएक सूचना आई कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोत्तरी कर दी गई है। जून के प्रथम रविवार को महंगाई की इस मार में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के सिलेंडर में 29 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी की है। एलपीजी घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ी दरों को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है। अभी तक राजधानी लखनऊ में घरेलू सिलेंडर की कीमत 950.50 रुपए थी। अब लखनऊ में 14.2 किलोग्राम वाले एक एलपीजी घरेलू गैस सिलेंडर की 979.50 हो गई है। पश्चिम एशिया में उत्पन्न हुए संकट का हवाला देकर आए दिन दैनिक उपयोग होने वाली वस्तुओं के दामों में बढ़ोत्तरी ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने से खासतौर पर आधी आबादी (महिलाओं) में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

दाम बढ़ने से आक्रोशित समाजसेवी किरण पांडे का कहना है हर बार पश्चिम एशिया में संकट उत्पन्न होने के नाम पर आवश्यक और दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं के दामों में ही बढ़ोतरी की जा रही है। पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई बढ़ोत्तरी का असर खानपान समेत अन्य वस्तुओं पर पड़ रहा है। घरेलू गैस के दाम बढ़ाकर रसोई की बजट को और बिगाड़ दिया गया है। जन आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली सिद्धीरात्रि कहती है कि सरकार आए दिन दामों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर रही है। बढ़ती महंगाई का असर आम जनमानस की जेब पर सीधे पड़ रहा है। इसके बाद भी आम जनता हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। उन्होंने कहा कि इन बढ़े हुए दामों का असर आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा। ग्रहणी सरिता कहती है कि पेट्रोलियम पदार्थों के साथ घरेलू गैस का दाम बढ़ाना सरकार को भारी पड़ सकता है।

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