Friday, April 24, 2026
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योगी सरकार का मेगा डेवलपमेंट प्लान,गोरखपुर को मिली नई पहचान

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योगी सरकार का मेगा डेवलपमेंट प्लान,गोरखपुर को मिली नई पहचान
योगी सरकार का मेगा डेवलपमेंट प्लान,गोरखपुर को मिली नई पहचान

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में राप्ती ईको पार्क व नौसड़-मलौनी मार्ग का लोकार्पण किया। गोरखपुर नगर निगम की लगभग 1,055 करोड़ रु0 लागत की 497 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारम्भ तथा अभियान से सम्बन्धित पोस्टर एवं टूल-किट का विमोचन किया। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के अन्तर्गत नालों की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु 31 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। गोरखपुर नगर निगम ने महानगर के प्रवेश द्वार पर ‘कचरे को कंचन’ में बदलने का कार्य किया, कई दशकों से पर्यावरणीय प्रदूषण का कारण बना एकला बन्धा आज आधुनिक ईको पार्क के रूप में शोभायमान हो रहा। जब नीयत साफ हो, तो नियति बदलने में देर नहीं लगती, यह बदलाव गोरखपुर के प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिल रहा। गोरखपुर-वाराणसी मार्ग को जोड़ने के लिए नौसड़ से मलौनी तक लगभग 03 किलोमीटर लम्बी 04-लेन कनेक्टिविटी प्रदान की गयी, इससे नौसड़ के जाम का समाधान हुआ। गोरखपुर को 07-स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप-थ्री में लाने के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में स्कूली बच्चों के विशेष कैम्पेन की शुरूआत की गयी। हमें स्कूली बच्चों को ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन, जल संरक्षण, थ्री-आर (रिड्यूस, री-यूज, रिसाइकिल) तथा वेस्ट-टू-आर्ट के प्रति जागरूक करना होगा। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप स्मार्ट एण्ड सेफ सिटी के रूप में प्रदेश के सभी नगर निगमों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाया। सी0एम0 ग्रिड योजना के अन्तर्गत स्मार्ट सड़कों का निर्माण किया जा रहा। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अन्तर्गत विभिन्न वॉर्डों में एण्ड-टू-एण्ड पेविंग, ग्रीन बेल्ट एवं मिनी फॉरेस्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट, पार्कों के सुन्दरीकरण का कार्य हो रहा। एकला बन्धे पर प्रकाश के लिए सोलर एनर्जी का उपयोग किया जाएगा, यह ‘नेट जीरो’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया बेहतरीन प्रयास।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो अनेक सकारात्मक परिवर्तन किये जा सकते हैं। गोरखपुर नगर निगम ने महानगर के प्रवेश द्वार पर ‘कचरे को कंचन’ में बदलने का कार्य किया है। कई दशकों से पर्यावरणीय प्रदूषण का कारण बना एकला बन्धा आज आधुनिक ईको पार्क के रूप में शोभायमान हो रहा है। यह केवल पार्क ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो गया है, जहां लोग परिवार के साथ आकर पिकनिक मना सकते हैं। यह केवल परिवर्तन नहीं, बल्कि गोरखपुर के दृढ़संकल्प तथा टीम वर्क का प्रतीक है। जब नीयत साफ हो, तो नियति बदलने में देर नहीं लगती। यह बदलाव गोरखपुर के प्रत्येक क्षेत्र में देखने को मिल रहा है।


गोरखपुर में राप्ती ईको पार्क तथा नौसड़ से मलौनी मार्ग का लोकार्पण तथा लगभग 1,055 करोड़ रुपये लागत की गोरखपुर नगर निगम की 497 परियोजनाओं के लोकार्पण तथा शिलान्यास के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारम्भ तथा इस अभियान के पोस्टर एवं टूल-किट का विमोचन किया। मुख्यमंत्री जी ने गोरखपुर के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न विभागों के कर्मियों को उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित किया तथा राप्ती ईको पार्क में पौधरोपण भी किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री जी ने 15वें वित्त आयोग एवं नगर निगम निधि के अन्तर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के तहत नालों की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु 31 वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।


गोरखपुर में जहां ट्रांसपोर्टनगर बना है, वहां पहले शहर का कचरा डम्प होता था। यह प्रदूषण का बड़ा कारण था। आज वहां बेहतरीन मार्केट व मण्डी स्थित है। पहले एकला बन्धे पर 02 लाख 26 हजार मीट्रिक टन कूड़ा एकत्रित था, जिससे मीथेन गैस निकलती थी। इस कचरे का बायो-रेमेडिएशन विधि से वैज्ञानिक निस्तारण किया गया। परिणामस्वरूप, आज यहां बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। लोग योगासन और ध्यान कर सकते हैं। गोरखपुर-वाराणसी मार्ग को जोड़ने के लिए नौसड़ से मलौनी तक लगभग 03 किलोमीटर लम्बी 04-लेन कनेक्टिविटी प्रदान की गयी है। इससे नौसड़ के जाम का समाधान हुआ है। इस मार्ग से लखनऊ, बांसगांव, बड़हलगंज, कौड़ीराम आदि स्थानों पर सुगमतापूर्वक पहुंचा जा सकता है। विगत 09 वर्षों में किये गये कार्यां के क्रम में, गोरखपुर को 07-स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप-थ्री में लाने के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में स्कूली बच्चों के विशेष कैम्पेन की शुरूआत की गयी है, जिसके पोस्टर व टूल-किट का आज यहां विमोचन हुआ है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें स्कूली बच्चों को ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन, जल संरक्षण, थ्री-आर (रिड्यूस, री-यूज, रिसाइकिल) तथा वेस्ट-टू-आर्ट के प्रति जागरूक करना होगा। ईको पार्क में वेस्ट-टू-आर्ट का प्रयोग कर कलात्मक प्रदर्शन किया गया है। क्विज़ और रील जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर तक पहुंचाया जा रहा है। गोरखपुर महानगर में एक लाख से अधिक बच्चे, दो हजार से अधिक शिक्षक, एक हजार से अधिक सेवानिवृत्त अधिकारी और प्रबुद्धजन तथा अनुभवी अभिभावकों को इस अभियान से जोड़कर व्यापक जन-आन्दोलन बनाने का कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुआ है। प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप स्मार्ट एण्ड सेफ सिटी के रूप में प्रदेश के सभी नगर निगमों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाया है। सी0एम0 ग्रिड योजना के अन्तर्गत स्मार्ट सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। स्वच्छता कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अन्तर्गत विभिन्न वॉर्डों में एण्ड-टू-एण्ड पेविंग, ग्रीन बेल्ट एवं मिनी फॉरेस्टेशन तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेण्ट, पार्कों के सुन्दरीकरण के कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का कार्य किया जा रहा है। उचित जल निकासी तथा स्टॉर्म वॉटर के प्रबन्धन के लिए बेहतरीन व्यवस्था की गयी है।


डबल इंजन सरकार के प्रयासों से विगत 09 वर्षों में गोरखपुर में व्यापक बदलाव आया है। आज यहां बेहतर नालियां, एल0ई0डी0 स्ट्रीट लाइटें तथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। अब एकला बन्धे पर प्रकाश के लिए सोलर एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। यह ‘नेट जीरो’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया बेहतरीन प्रयास है। यहां पर लगाया गया सिटी फॉरेस्ट सम्पूर्ण क्षेत्र को हरियाली युक्त व प्रदूषण मुक्त करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में विधायक श्री राजेश त्रिपाठी के प्रयासों से चिल्लूपार में होम्योपैथी कॉलेज का संचालन प्रारम्भ हुआ। आज वहां अनेक विद्यार्थी आयुष की पढ़ाई कर रहे हैं। पहले दक्षिणांचल में बाढ़ आती थी, आज बाढ़ की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है। पहले गोरखपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था, अब बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज तथा गोरखपुर एम्स बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। पहले गोरखपुर के लोग स्वास्थ्य व शिक्षा के लिए बाहर जाते थे। आज यहां 04 विश्वविद्यालय संचालित हैं। पहले यहां खेल सुविधाएं नहीं थी, अब मिनी स्टेडियमों का निर्माण हो रहा है। सहजनवा में मिनी स्टेडियम तथा अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण हो चुका है। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में इण्टरनेशनल स्टेडियम तथा वेटनरी कॉलेज का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है।


गोरखपुर में उद्योग लग रहे हैं। युवाओं को रोजगार मिल रहा है। फर्टिलाइजर कारखाना संचालित हो गया है। पिपराइच में चीनी मिल लग गई है। इन सभी कार्यों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है, ताकि यह सभी उपक्रम आने वाले समय में बेहतरीन रूप से उपयोग किये जा सकें। गोरखपुर ग्रामीण के विधायक व पार्षद इस बार वन महोत्सव के अवसर पर विधानसभा से जुड़े लोगों को इस बन्धे पर वृक्षारोपण अभियान से जोड़ें। प्रत्येक पार्षद अपने वॉर्ड में एक मिनी फॉरेस्ट स्थापित कर उसकी सुरक्षा की व्यवस्था करें। यह सभी कार्य बेहतरीन भविष्य के लिए आवश्यक हैं।