- महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध से जनता परेशान, उत्तर प्रदेश से भाजपा सरकार की विदाई तय।
- जनता अब बदलाव चाहती है, नौजवान रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा और आम आदमी को महंगाई से राहत चाहिए।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और आए दिन सामने आ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी मुद्दे पर डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं रमाबाई चेतना संस्थान, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग आज़ाद ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की जनता आज महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक परेशानियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर जवाब मांग रही है। जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना किसी भी सरकार की पहली जिम्मेदारी होती है, लेकिन प्रदेश के आम नागरिकों के सामने आज अनेक चुनौतियां खड़ी हैं।
अनुराग आज़ाद ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। रसोई का खर्च, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मध्यम वर्ग एवं गरीब परिवारों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। दूसरी ओर रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के मन में भविष्य को लेकर चिंता है। डिग्रियां हासिल करने के बाद भी यदि नौजवानों को सम्मानजनक रोजगार के अवसर नहीं मिलते, तो यह व्यवस्था के सामने गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा केवल आश्वासन नहीं, बल्कि रोजगार के वास्तविक अवसर चाहता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर भर्ती प्रक्रिया, रिक्त पदों पर नियुक्तियां और युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। प्रदेश की तरक्की तभी संभव है, जब नौजवानों को अपने ही प्रदेश में रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।
अनुराग आज़ाद ने प्रदेश में अपराध और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को भयमुक्त वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है। महिलाओं, बेटियों, बुजुर्गों, दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है। कानून का शासन ऐसा होना चाहिए, जिसमें पीड़ित को न्याय मिले और अपराध करने वालों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय पर आधारित भारत का सपना देखा था, उसकी वास्तविक स्थापना तभी होगी, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और विकास के समान अवसर मिलेंगे। केवल नारों से सामाजिक परिवर्तन नहीं आता, बल्कि इसके लिए मजबूत नीतियों और ईमानदार कार्यान्वयन की आवश्यकता होती है।
प्रदेश अध्यक्ष अनुराग आज़ाद ने कहा कि पीडीए यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज सहित सभी वंचित एवं शोषित वर्गों की भागीदारी और सम्मान लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। सामाजिक न्याय का अर्थ केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक अवसरों और संवैधानिक अधिकारों में समान भागीदारी सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब अपने भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है। महंगाई से राहत, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की खुशहाली, बेहतर शिक्षा और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था जनता की प्राथमिकताएं हैं। यदि इन सवालों पर जनता को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो लोकतंत्र में जनता अपने मताधिकार के माध्यम से सत्ता को जवाब देने का अधिकार रखती है।
अनुराग आज़ाद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में बदलाव की मांग को केवल राजनीतिक बयान समझना उचित नहीं होगा। जनता के मुद्दे ही राजनीति की असली कसौटी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में महंगाई, बेरोजगारी, अपराध, सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में भाजपा सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ रही है और उत्तर प्रदेश से भाजपा सरकार की विदाई का रास्ता तैयार हो रहा है।
अंत में अनुराग आज़ाद ने कहा कि हमारा उद्देश्य ऐसा उत्तर प्रदेश बनाना है, जहां गरीब को सम्मान, नौजवान को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा, किसानों को उचित अधिकार और प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों। संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को केंद्र में रखकर ही प्रदेश का वास्तविक विकास संभव है। जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और लोकतंत्र में अंतिम फैसला हमेशा जनता की अदालत यानी मतदान से होता है।



