राजेन्द्र चौधरी
भाजपा सरकार स्वयं में संकट में है। भाजपा राज में उद्योगपतियों के बड़े-बड़े कर्ज माफ कर दिए गए हैं। किसान कर्ज से परेशान आत्महत्या करने को मजबूर है। 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर किसानों की सभी समस्याओं का समाधान होगा। इसलिए भाजपा को हटाना ही होगा। भाजपा के सत्ता में रहते किसान, नौजवान, व्यापारी, शिक्षक और जनसामान्य किसी को राहत नहीं मिलने वाली है। अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों को धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि वही पेट भरता है। कपड़े भी पहनाता है। आज देश की अर्थव्यवस्था अगर अच्छी होने के दावे है तो उसके पीछे किसान के श्रम और उत्पादकता का योगदान है। किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में आए किसान अपनी टोपी में हरी पट्टी लगाए थे। श्री अखिलेश यादव ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि हरियाली खुशी का प्रतीक है। जीवन में हरियाली का विशेष महत्व है। किसान का जमीन से रिश्ता है। वही देश खुशहाली में होगा जिसका किसान खुशहाल होगा। किसान के लाभप्रद उत्पादन से ही देश की अर्थव्यवस्था अच्छी हो सकती है।

राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो0 रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने विधानसभा भवन पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव समेत समाजवादी पार्टी के विधायक एवं प्रमुख नेता मौजूद रहे।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में किसानों की भरपूर मदद की जाएगी। आलू, गेहूं, मक्का की फसलों का लाभप्रद मूल्य मिलेगा। किसानों के लिए मंडिया बनाई जाएगी। बड़े पैमाने पर डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। मस्टर्ड ऑयल के लिए योजना लाई जाएगी। समय से किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक की व्यवस्था होगी। गन्ना किसानों को 24 घंटे से 48 घंटे में गन्ने का भुगतान हो जाएगा। समाजवादी सरकार में कृषि उपकरण सस्ते दरो पर उपलब्ध कराये जायेंगे। किसान सम्मेलन के आयोजक किसान नेता हरेन्द्र ताऊ रहे।
किसान सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी एवं शाहिद मंजूर तथा अतुल प्रधान विधायक सहित वीरेन्द्र सिंह प्रधान जी, 75 वर्षीय मांगेराम बालियान तथा 92वर्षीय किशन लाल बालियान मुजफ्फरनगर से आए थे। सहित सम्राट मलिक मेरठ, दर्शन सिंह, प्रेम चौधरी सादाबाद हाथरस, हरेन्द्र चौधरी शिकारपुर बुलन्दशहर, पुष्पेन्द्र चौधरी मेरठ, ब्रह्मपाल नाला शामली, चाणक्य प्रधान गाजियाबाद, विरेन्द्र प्रधान बिजनौर, चौधरी ब्रिजेन्द्र सिंह बिजनौर सदर, डॉ. रमेश तोमर बिजनौर, विवेक गाजियाबाद, पदम राठी मेरठ, शाहिद बालियान मुजफ्फरनगर, देवेन्द्र जाखड़ हापुड़, नूरा बालियान समेत बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही।



