गोण्डा में अफसरों ने जिंदा लोगों को मारा….!

गोण्डा में अफसरों का हैरतअंगेज कारनामा दो जिंदा लोगों को किया मारा घोषित।

अजय सिंह

गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा में अफसरों का कारनामा सिर चढ़कर बोल रहा है कहीं फर्जीबाड़े के मामले तो कहीं इनकी लापरवाही के चलते बड़े कारनामे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले ने एक बार फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अफसर की लापरवाही ने दो लोगों को जिंदा मारडाला। दोनों अपने जिंदा होने का सबूत हाथों में लिए अफसरों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। लोगों ने बताया कि वे अपने जिंदा होने के सबूत क ईबार इन अफसरों के सामने पेश कर चुके हैं इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं हुई।

मामला गोंडा जिले के वजीरगंज ब्लाक का है यहां के नियामतपुर भिटिया गांव के 70 साल के जगदीश ने बताया कि मैं अभी जिंदा हू लेकिन सरकारी विभागों लगे कागजों में हमे मृत घोषित कर दिया गया जिससे करीब 3 साल से 5 सौ रुपया मिलने वाला पेंशन बंद हो गया ।यदि सरकार मुझे कागज पर जिंदा कर दे तो पेंशन मिलने लगे और हमे किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े। वहीं नियामतपुर गांव के 92 वर्षीय भगौती भी अभी जिंदा है और वे भी कागजो में मृत घोषित किए जा चूके है जिससे एक साल से पेंशन बंद हो गयी दोनों बुजुर्गों की कही कोई सुनवाई नही हो रही है।

मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने कहा दोनों बुजुर्गों के मामले संज्ञान में आये है जांच करवा रहा हूं इनकी पेशन तत्काल प्रभाव से प्रभावी की जाएगी ताकि इनको पेंशन मिल सके और जो भी कर्मचारी इसके लिए दोषी पाये जायैगें उनके विरूद्ध कठोर से कठोर कार्यवाही की जाएगी ।सीडीओ से जब पूछा गया कि जब से पेंशन बंद हुई है तब से मिलेगी तब कहा कि अभी स्टार्ट होगा अगर पहले उनको मिलती थी तो उसमें जांच की जाएगी जांच के बाद जब कार्रवाई तय हो जाएगी जिस कर्मचारी का दायित्व है उससे संबंधित से वसूली भी की जाएगी बहरहाल यदि सीडीओ के पहल से यदि दोनों बुजुर्गों की पेंशन बहाल हो गयी तो दोनों बुजुर्गों के चेहरों पर पड़ी झुर्रियों की सिकुडन थोड़ी कम हो जाएगी और ये दोनो बुजुर्ग सरकार को धन्यवाद देंगे।

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