इन्वेस्ट यू0पी0 और विकास प्राधिकरणों को अपनी कार्यशैली को बेहतर बनाना होगा-मुख्यमंत्री

इन्वेस्ट यू0पी0 और विकास प्राधिकरणों को अपनी कार्यशैली को और बेहतर बनाना होगा। प्रत्येक विकास प्राधिकरण द्वारा महायोजना के अनुसार शीघ्र अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए, जल्द ही सभी विकास प्राधिकरणों की समीक्षा की जाएगी। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में लैंडबैंक विस्तार के लिए सभी जरूरी प्रयास किये जाने चाहिए। किसी भी जनपद में अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड/रिक्शा स्टैंड संचालित न हों। फील्ड में तैनात किसी अधिकारी को जनहित के कार्यों में किसी असुविधा पर शासन स्तर से अपेक्षित सहयोग न मिले, तो बेहिचक मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित किया जाए, मुख्यमंत्री स्वयं चौबीसों घण्टे उनकी (जिलाधिकारी) समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए उपलब्ध।

लखनऊ। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल,जोन,रेंज,पुलिस कमिश्नरेट और जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों के साथ प्रदेश में अतिवृष्टि/अल्पवृष्टि, कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और औद्योगिक निवेश की गहन समीक्षा की। विगत 05-06 माह में प्रदेश ने टीम वर्क के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। संवाद के माध्यम से धर्मस्थलों पर लगाए गए लाउडस्पीकरों को उतारे जाने, सड़कों पर धार्मिक क्रियाकलापों को रोकने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था निरन्तर बनाए रखी जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों द्वारा स्वयं पहल कर अपने जनपद में एक हेल्थ एटीएम किसी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर स्थापित कराया जाए। हेल्थ एटीएम पर प्रशिक्षित पैरामेडिक्स की तैनाती की जाए। हेल्थ एटीएम को नजदीक के किसी अस्पताल से सम्बद्ध किया जाए। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच-परीक्षण के लिए बड़ा सुलभ तंत्र विकसित हो सकेगा। हेल्थ एटीएम की स्थापना के लिए रेडक्रॉस, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड अथवा सी0एस0आर0 फंड का उपयोग किया जा सकता है। इसके बाद भी यदि धन की व्यवस्था नहीं हो पाती है तो उन्हें अवगत कराया जाए। वे वित्तीय प्रबंधन करेंगे। उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात किसी अधिकारी को जनहित के कार्यों में किसी असुविधा पर शासन स्तर से अपेक्षित सहयोग न मिले, तो बेहिचक मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित किया जाए। वे स्वयं चौबीसों घण्टे उनकी (जिलाधिकारी) समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए उपलब्ध हैं।


उत्तर प्रदेश अनंत संभावनाओं वाला प्रदेश है। इसकी सम्भावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए निरन्तर प्रभावी प्रयास किए जाने की जरूरत है। कोरोना काल में प्रदेश की क्षमता और संकल्प को सबने देखा और सराहा है। माह जनवरी, 2023 में प्रदेश में ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर समिट’ का आयोजन किया जाना प्रस्तावित है। समिट के माध्यम से राज्य में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। यह समिट वर्ष 2027 तक प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की पूर्ति में सहायक होगी। औद्योगिक विकास प्रधिकारण, शिक्षा विभाग, पशुपालन, कृषि सहित सभी विभागों को इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सहयोग करना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश के प्रयासों की हर ओर सराहना हो रही है। इसमें अब भी बहुत सुधार की आवश्यकता है। निवेश के माहौल को और बेहतर बनाने के लिए राज्य की विभिन्न सेक्टर की नीतियों को और सरल तथा निवेशोन्मुखी बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राजस्व संहिता में जरूरी बदलाव के लिए तत्काल निर्णय लेकर कार्यवाही की जाए।

इन्वेस्ट यू0पी0 और विकास प्राधिकरणों को अपनी कार्यशैली को और बेहतर बनाना होगा। जनहित के आवेदनों का समयबद्ध ढंग से निस्तारण कराया जाए। प्रत्येक विकास प्राधिकरण द्वारा महायोजना के अनुसार शीघ्र अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। विकास प्राधिकरण क्षेत्र में लैंडबैंक विस्तार के लिए सभी जरूरी प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी विकास प्राधिकरणों की समीक्षा की जाएगी। विकास परियोजनाओं के लिए वितीय स्वीकृतियां अनावश्यक लंबित न रखी जाएं। जारी की जाने वाली धनराशि की हर तीन दिन के अंतराल पर शासन स्तर पर समीक्षा की जाए।



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