UP अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी:मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस की विभिन्न विंग्स के 4,543 उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये।
  • प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध।
  • भर्तियां पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो रहीं।
  • अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयीं।
  • आगामी 06 माह में 01 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य।
  • लगातार नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे और यह क्रम निरन्तर जारी रहेगा।
  • प्रदेश के नवचयनित युवाओं की प्रतिभा का लाभ उ0प्र0 की समृद्धि और प्रधानमंत्री जी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में लिया जा रहा।
  • नवचयनित उपनिरीक्षक उ0प्र0 पुलिस को आमजन के विश्वास का प्रतीक बनाएं तथा अपने कार्यां से सिद्ध करें कि पुलिस आमजन की सुरक्षा, न्याय और विश्वास का मजबूत आधार।
  • जिस पुलिसकर्मी और अधिकारी ने जनता का विश्वास प्राप्त कर लिया, उसने सबसे बड़ी पूंजी अर्जित कर ली।
  • उ0प्र0 पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता 60 हजार हुई, जो पहले की तुलना में 10 गुनी।
  • पुलिस प्रशिक्षण में 03 नए आपराधिक कानून, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस और ड्रोन तकनीक जैसे विषय शामिल।
  • आज प्रदेश के 56 जनपदों में सबसे ऊंची बिल्डिंग पुलिस विभाग की, जिनमें पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

लखनऊ।   आज यहां रिजर्व पुलिस लाइन्स में उत्तर प्रदेश पुलिस की विभिन्न विंग्स के लिए चयनित 4,543 पुलिस उपनिरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने नवचयनित पुलिस उपनिरीक्षकों के साथ सेल्फी भी ली।मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का लाभ उत्तर प्रदेश की समृद्धि और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में लिया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना उनके परिवारों के लिए भी खुशी का अवसर है। इसके साथ ही प्रदेश के नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति एक नया भरोसा भी प्राप्त हो रहा है। धनतेरस के शुभ अवसर पर नियुक्ति पत्र वितरण को उन्होंने युवाओं और उनके परिवारों के लिए दीपावली का उपहार बताया। उन्होंने कहा कि जब ये युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा, परिश्रम और पुरुषार्थ का लाभ प्रदेश की जनता को देंगे, तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी और लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी।


मुख्यमंत्री ने नवचयनित उपनिरीक्षकों से अपेक्षा की कि वे उत्तर प्रदेश पुलिस को आमजन के विश्वास का प्रतीक बनाएं। प्रत्येक नागरिक के साथ न्याय होना चाहिए और कोई भी व्यक्ति स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे। गरीब, पीड़ित और वंचित व्यक्ति जब अपनी समस्या लेकर पुलिस अधिकारी के पास पहुंचे, तो उसकी पीड़ा के प्रति पुलिसकर्मी की संवेदना दिखाई देनी चाहिए। पुलिस की संवेदना गरीब, पीड़ित और वंचित के प्रति होनी चाहिए, जबकि सख्ती अपराधियों और माफियाओं के प्रति होनी चाहिए। कोई भी दोषी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाना पुलिस का संकल्प होना चाहिए। जो लोग कानून को अपने हाथ में लेने और कानून के राज को चुनौती देने का प्रयास करते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन का विश्वास अर्जित करना सबसे कठिन चुनौती है। जिस पुलिसकर्मी और अधिकारी ने जनता का विश्वास प्राप्त कर लिया, उसने सबसे बड़ी पूंजी अर्जित कर ली। नवचयनित उपनिरीक्षक अपने आचरण, संवेदनशीलता, निष्पक्षता और कार्यशैली से यह विश्वास स्थापित करें। जीवन में मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और शानदार तरीके से निभाना चाहिए। व्यक्ति को अपने संकल्प से बिना रुके, बिना झुके, बिना डिगे आगे बढ़ना चाहिए। उत्तर प्रदेश पुलिस ने विगत साढे़ नौ वर्षों में इसी भावना के साथ कार्य किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की नई पहचान को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए नवचयनित उपनिरीक्षकों को अपने कार्यों से यह सिद्ध करना होगा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा, न्याय और विश्वास का मजबूत आधार है।


उत्तर प्रदेश पुलिस के विभिन्न विंग्स को नए उपनिरीक्षक मिलने से पुलिस बल की क्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी। आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 4,543 नवचयनित उपनिरीक्षकों में 3,394 पुरुष उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 848 महिला उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 135 पुरुष प्लाटून कमाण्डर पी0ए0सी0/उपनिरीक्षक सशक्त पुलिस, 60 पुरुष प्लाटून कमाण्डर/उपनिरीक्षक विशेष सुरक्षा बल तथा महिला बटालियन हेतु 106 महिला उप निरीक्षक नागरिक पुलिस शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें पुलिस की परम्परागत कार्यप्रणाली के साथ-साथ आधुनिक कानूनों और तकनीकी विषयों की भी जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में 03 नए आपराधिक कानूनों, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस और ड्रोन तकनीक जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।


प्रदेश में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त प्रशिक्षण केन्द्र तैयार किए गए हैं। नवचयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान इन आधुनिक संसाधनों का लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे अपनी कार्यक्षमता, अनुशासन और सेवा भावना से एक नई पहचान स्थापित करें। बदलते समय की चुनौतियों के अनुरूप पुलिस बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है। अपराध के नए तरीकों से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और नए कानूनों की जानकारी होनी चाहिए।


प्रदेश सरकार सरकारी भर्तियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से लगातार सम्पन्न करा रही है। उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों से पूछा कि क्या चयन प्रक्रिया के दौरान किसी को सिफारिश, लेन-देन अथवा किसी प्रकार के दबाव का सामना करना पड़ा। नवचयनित अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा कि नहीं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की सिफारिश, भाई-भतीजावाद, भेदभाव अथवा अनियमितता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आज प्रदेश में योग्यता और मेरिट के आधार पर, आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए चयन किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद के युवाओं को समान अवसर मिल रहे हैं।


वर्ष 2012 से 2017 तथा उससे पूर्व की सरकारों के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के अनेक मामले सामने आए। युवाओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले बेईमान लोगों की सम्पत्तियां जब्त की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता करने का साहस न कर सके। वर्ष 2017 में प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख पुलिस पद रिक्त थे। वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूरा करते हुए रिक्त पदों को भरने का कार्य किया है। विगत साढे़ नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 2.26 लाख से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों की भर्ती की गई है। वहीं, प्रदेश के विभिन्न विभागों में 9.50 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में चयनित किया गया है। यह संख्या वर्ष 2003 से 2017 के बीच 14 वर्षों में हुई कुल भर्तियों की तुलना में भी उल्लेखनीय रूप से बहुत अधिक है।


सरकार ने आगामी 06 माह में 01 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य रखा था। इस दिशा में लगातार नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों में हाल में वितरित नियुक्ति पत्रों का विवरण देते हुए बताया कि- विगत 25 अगस्त को कृषि विभाग के 3,572 अधिकारियों, विगत 19 सितम्बर को आयुष विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा उद्यान विभाग से जुड़े 818 कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसी प्रकार विगत 20 सितम्बर को पुलिस विभाग के 912 अभ्यर्थियों, विगत 22 सितम्बर को शिक्षा विभाग के 3,567 अभ्यर्थियों, 28 सितम्बर, 2026 को पंचायती राज विभाग के 1,375 कार्मिकों, विगत 08 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश पुलिस में चयनित 470 मेधावी खिलाड़ियों तथा 05 नवम्बर, 2026 को 28 फॉरेंसिक साइंटिस्ट को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण का यह क्रम निरन्तर जारी रहेगा। दीपावली के बाद भैया दूज के अगले दिन राजस्व विभाग के 1,200 से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त लगभग 42,000 होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,000 कांस्टेबल एवं हेड कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और डॉक्यूमेण्ट सत्यापन का कार्य चल रहा है। इसके बाद इन्हें नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। लगभग 25,000 शिक्षकों के नियुक्ति पत्र वितरण के लिए भी समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की उपेक्षा करने वाला कोई भी समाज और व्यवस्था अपने भविष्य को सुरक्षित नहीं रख सकती। प्रदेश के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।


वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस कार्मिकों के रहने, प्रशिक्षण और कार्य करने की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने वर्ष 2017 में पुलिस लाइन्स के निरीक्षण का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय पुलिसकर्मियों के बैरक की स्थिति अत्यन्त खराब थी। एक बैरक की छत टूटी हुई थी, चारपाइयां भी जर्जर थीं और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। उस समय ही सरकार ने पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्णय लिया। आज प्रदेश के 56 जनपदों में सबसे ऊंची बिल्डिंग पुलिस विभाग की है, जिनमें पुलिस कार्मिकों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।


पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। पहले एक समय में लगभग 6,000 पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी, जिसे बढ़ाकर 60,000 पुलिसकर्मियों तक पहुंचाया गया है। इससे बड़े पैमाने पर भर्ती के बाद चयनित अभ्यर्थियों को समय से प्रशिक्षण देना सम्भव हुआ है। प्रदेश में पुलिस की विभिन्न इकाइयों को लगातार सशक्त किया जा रहा है। यू0पी0 स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया गया है। आपदा प्रबन्धन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल कार्य कर रहा है। समाप्त की गयी पी0ए0सी0 कम्पनियों का पुनर्गठन किया गया। पी0ए0सी0 की नई बटालियनों का गठन कर पुलिस बल को और मजबूत किया गया है।


पहले प्रदेश में केवल 02 साइबर थाने थे, जबकि अब प्रत्येक जनपद में एक साइबर थाना स्थापित किया गया है। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। पुलिस की विभिन्न विंग्स को मजबूत करने के साथ ही प्रदेश के 07 जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है। पुलिस की अवस्थापना सुविधाओं, संसाधनों और प्रशिक्षण क्षमता में किया गया। यह सुधार निरन्तर प्रयासों और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है। इसी के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है।


वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में ऐसी स्थिति थी कि महिलाएं और बेटियां देर शाम तक भी घर से बाहर निकलने में स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करती थीं। पुलिस सुधार, बेहतर कानून-व्यवस्था और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप प्रदेश में व्यापक परिवर्तन आया है। उत्तर प्रदेश को अराजकता और लॉ-लेस व्यवस्था से बाहर निकालकर लॉ-फुल प्रदेश बनाने के लिए पुलिस बल को मजबूत करना आवश्यक था। इसके लिए भर्ती, प्रशिक्षण, संसाधन, पुलिस आवास और नई इकाइयों के गठन पर एक साथ काम किया गया। आज देश के किसी भी हिस्से में कोई घटना होने पर पीड़ित की ओर से यह अपेक्षा व्यक्त की जाती है कि यदि वहां उत्तर प्रदेश पुलिस होती तो अपराधियों और माफियाओं का इतना दुस्साहस नहीं होता। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की बदली हुई छवि और कानून-व्यवस्था में आए परिवर्तन का परिचायक है। इस पहचान को और मजबूत करने के लिए पुलिस बल को लगातार बेहतर प्रदर्शन करना होगा।


वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने प्रारम्भ से ही ’जीरो टॉलरेन्स टुवर्ड्स क्राइम एण्ड करप्शन’ का स्पष्ट संकल्प दिया। यह संकल्प पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना और शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति का आधार बना। 9.5 वर्षों में उत्तर प्रदेश का परसेप्शन बदला है। आज उत्तर प्रदेश देश और दुनिया में एक प्रोग्रेसिव प्रदेश के रूप में जाना जा रहा है। इस परिवर्तन का सबसे अधिक श्रेय पुलिस विभाग को जाता है, जिसने कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करते हुए संगठित अपराधों को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।


पुलिस उपनिरीक्षक का पद अत्यन्त जिम्मेदारी वाला है। पुलिसकर्मी न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण अंग होते हैं। पुलिस द्वारा तैयार की जाने वाली केस डायरी का महत्व थाने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक रहता है। जब पुलिसकर्मी पीड़ित को न्याय दिलाएंगे तो इससे उनकी व्यक्तिगत ख्याति बढ़ेगी, पूरे पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और सरकार की ख्याति भी बढ़ेगी। इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक राजेश्वर सिंह, डॉ0 नीरज बोरा, ओ0पी0 श्रीवास्तव, अमरेश कुमार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था श्री अमिताभ यश, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, नवचयनित अभ्यर्थी एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

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