राजेन्द्र चौधरी
अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी डिलिमिटेशन बिल और एफसीआरए बिल का विरोध कर रही है। सरकार संस्थाओं पर कब्जा करने के लिए एफसीआरए बिल ला रही है। ये एफसीआरए से लोगों को डराएंगे। जिन सस्थाओं को अच्छे कार्यों को चलाने के लिए विदेश से पैसा आ रहा है, सरकार उन्हें डराएगी। यह लोग भूमाफिया हैं। जमीन कब्जा कर रहे हैं, एफएसीआरए के बाद ये संस्थाओं पर कब्जा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार एफसीआरए बिल अल्पसंख्यकों को परेशान करने के लिए ला रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कई संस्थाएं चल रही है। एक बड़े शहर में भाजपा के मंत्री ने उस संस्था पर कब्जा कर लिया। भाजपा बहुत बड़ी भूमाफिया पार्टी है। उत्तर प्रदेश में तो बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। इन्हें जहां भी खाली जमीन और तालाब दिखाई देता है, कब्जा कर लेते हैं। अयोध्या की पावन धरती पर इन लोगों ने आस्था से खिलवाड़ किया। पन्द्रह-पन्द्रह मिनट में जमीनों के दाम कई-कई गुना बढ़ा कर बेंच दिया।
सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने वादा किया था कि पैसा भारत से बाहर नहीं जाएगा। काला धन वापस लाया जाएगा। तमाम लोग बैंकों का पैसा भारत से लेकर बाहर चले गए। उनके लिए क्या कानून है। सरकार ने क्या किया? बाहर का पैसा भारत में आए उसके लिए पाबंदी लगाना चाहते हैं लेकिन भारत का पैसा बाहर चला जाए, उस पर कोई पाबंदी नही है। इस सरकार को अपने पुराने नारे याद करना चाहिए। कालाधन वापस आएगा, किसी को पैसा लेकर भागने नहीं देंगे। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आयी है पैसे वालों के अच्छे दिन आए हैं। सरकार कानून और गैर कानूनी तरीके से बाहर जाने वाले पैसे पर पाबंदी कब लगाएगी।
भाजपा सरकार सवालों से भाग रही है। जनता हम लोगों को चुनकर भेजती है। लोकतंत्र में विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना होता है लेकिन यह सरकार सवालों का जवाब नहीं देना चाहती है। दिल्ली में छात्रों, नौजवानों पर आंसू गैस के गोले चले, लाठी चली, करंट लगा, चोटें आयीं,बड़े पैमाने पर छात्र अस्तपाल में भर्ती हुए, इलाहाबाद में आज भी बच्चों के ऊपर मुकदमें दर्ज हुए। कई बच्चें जो आंदोलन में नहीं शामिल थे उनपर भी मुकदमें दर्ज हुए। सरकार ने कहा था कि किसी पर मुकदमें नहीं होंगे। किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर गयी। ऐसे में सवाल किससे पूछा जाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार परिसीमन बिल लाकर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलना चाहती है लेकिन सरकार को देश की सीमाओं की चिंता नहीं है। सरकार को बताना चाहिए कि 2014 में देश का क्षेत्रफल और सीमाएं क्या थी और अब वर्तमान समय में क्या है। ये परिसीमन बिल लाकर निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा बदलेंगे लेकिन देश की सीमा कितनी है, यह नहीं बताएंगे। यह सरकार देश की सीमा नहीं बचा पा रही है।
अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले को बहुत दुखद बताते हुए कहा कि ममता बनर्जी जी बहुत सीनियर नेता है। पूर्व मुख्यमंत्री हैं। अगर उन पर हमला सरकार करा रही है तो यह बहुत निन्दनीय है। सरकारें तो आती जाती रहती हैं। इतनी वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री को सरकार कैसे अपमानित कर सकती है? ममता बनर्जी जी को पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।



