भाजपा सरकार निवेश का झूठा प्रचार करती रही। जमीन पर कोई निवेश नहीं आया। भाजपा सरकार में एमएसएमई इकाइयों को बर्बाद कर दिया। हिन्दुजा ग्रुप को ट्रक-बस बनाने के लिए जमीन सरकार ने दी। पैसा बैंकों का लगा। निवेशकों ने अपना कोई व्यय नहीं किया। बस सरकार खरीदेगी। यह सरकार अपने करीबियों को आगे बढ़ा रही है। भाजपा सरकार मोबाइल निर्माण का झूठा दावा करती। यहां मोबाइल का निर्माण नहीं हो रहा है, केवल असेम्बल होता। मोबाइल के सामान, चाइना, ताइवान, कोरिया से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोबाइल बनाने की कम्पनी नोएडा में समाजवादी पार्टी की सरकार में लगी। लखनऊ में आईटी सिटी बनी, अन्य क्षेत्रों में निवेश आया, हॉस्पिटल बने, जो दिखाई दे रहा है और प्रदेश की जनता को लाभ मिल रहा है।
2027 का विधानसभा चुनाव लोकतंत्र और संविधान बचाने का चुनाव है। यह चुनाव जनता के लिए अंतिम अवसर है। भाजपा लोकतंत्र को खत्म कर रही है। संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया हैं, भाजपा संविधान विरोधी काम कर रही है। वह बाबा साहब के संविधान को नहीं मानती है। भाजपा ने हर स्तर पर अराजकता फैला रखा हैं। जनता में भारी आक्रोश है। भाजपा की अराजकता को खत्म करने की ताकत सिर्फ समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में है।
अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी चरम पर है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड टूट गए है। भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है। कानून-व्यवस्था ध्वस्त हैं। प्रदेश में हर दिन कई-कई हत्याएं हो रह है। महिलाओं-बेटियों के साथ अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही है। अपराधी और अराजक तत्व बेलगाम है, उन्हें सŸाा का संरक्षण मिला हुआ है।
अखिलेश यादव ने कहा कि झूठ, लूट और बेईमानी भाजपा की नीति है। बजट की लूट हो रही है। इस सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सब कुछ बर्बाद कर दिया है। भाजपा सरकार किसान, नौजवान, गरीब विरोधी है। सरकार मिलावटखोरी को बढ़ावा दे रही है। पेट्रोल में इथेनॉल का मिलावट कर मुनाफाखोरी कर रही है। भाजपा सरकार पूंजीपतियों के लिए काम करती है। सरकारी संसाधनों को पूंजीपतियों के हाथों में सौंप रही है। भाजपा सरकार में बने एक्सप्रेस-वे में भारी लूट और भ्रष्टाचार हुआ है। गंगा एक्सप्रेस-वे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे बनते ही जगह-जगह धंस गया।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार ने दस सालों में पीडीए को अपमानित और प्रताड़ित किया है। पीडीए का हक छीना है। पीडीए के लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमें लगाए है। भाजपा सरकार के खिलाफ पीडीए एकजुट हो गया है। भाजपाई घबराये हुए हैं। पीडीए अब आन्दोलन बन गया है। पीडीए के लोग संविधान लोकतंत्र और आरक्षण बचाने के लिए खड़े हो गये है।



