मोबाइल स्क्रीन ने बढ़ाईं सामाजिक दूरियां। युवाओं को शिक्षा और समाज सेवा से जोड़ना समय की आवश्यकता। हल्दीघाटी-दिवेरघाटी विजयोत्सव में प्रतिभाओं और समाजसेवियों का हुआ सम्मान।
त्रिनाथ शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश क्षत्रिय लोक सेवक परिवार महासमिति के तत्वावधान में गोमती नगर स्थित एसकेडी अकादमी सभागार में हल्दीघाटी-दिवेरघाटी विजयोत्सव, सामाजिक सरोकार एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समाज व राष्ट्र का गौरव बढ़ाने वाली 36 विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 112 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रतिभा सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह तथा विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर रहे। अपने संबोधन में कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व में निहित है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मोबाइल संस्कृति के कारण सामाजिक संवाद प्रभावित हुआ है, ऐसे समय में युवाओं को शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के प्रति प्रेरित करना आवश्यक है। मोबाइल स्क्रीन ने सामाजिक दूरियां बढ़ा दी है। उन्होंने सम्मानित विभूतियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए महासमिति के प्रयासों की सराहना की।
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जेपीएस राठौर ने कहा कि क्षत्रिय समाज सदैव सर्वसमाज के हित में कार्य करता आया है। उन्होंने इतिहास लेखन में क्षत्रिय समाज के योगदान को पर्याप्त महत्व न दिए जाने की बात उठाते हुए महाराणा प्रताप के संघर्ष और सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया। उन्होंने महासमिति द्वारा समाज और युवाओं के हित में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपने धर्म, कर्तव्य और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। पूर्व अध्यक्ष बाल अधिकार संरक्षण आयोग जूही सिंह ने मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान को समाज के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ते हुए इसे प्रेरणादायी पहल बताया। इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मुकेश सिंह ने भी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
महासमिति के अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने कहा कि युवाओं को शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराकर समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। महासचिव इन्द्रासन सिंह ‘इन्दु’ ने महासमिति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्था 17 वर्ष पूर्ण कर 18वें वर्ष में प्रवेश कर रही है तथा समाज के जरूरतमंदों और बेरोजगार युवक-युवतियों को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
समारोह में 500 से अधिक सेवारत एवं सेवानिवृत्त लोक सेवक तथा उनके परिवारजन उपस्थित रहे। प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों में अजीत कुमार सिंह, श्री प्रकाश सिंह, धनन्जय सिंह, के.के. सिंह, डा. डी.पी. सिंह, कुँवर प्रदीप सिंह, अजय कुमार गौतम, नायक सिंह, शिवशरण सिंह, डा. देव राज सिंह, डा. अनुपमा सिंह, डा. उर्मिला सिंह, डा. दिव्या सिंह, ई.जी.एन. सिंह, ई.एस.आर. सिंह परिहार, इं. एस.एन. सिंह, रीता सिंह, शिखा सिंह, अनीता सिंह, डा. मुसाफिर सिंह, माधुरी सिंह, आराधना सिंह, वंदना सिंह, रमेन्द सिंह विसेन, विजय कुमार सिंह, जितेन्द्र सिंह नेगी, नगेन्द्र सिंह, हरमनाम सिंह, इं. गोविन्द नारायण सिंह, जयकरन सिंह, आर.पी. सिंह, सिद्धार्थ सिंह, अमित सिंह, राम नायक सिंह, अनिल कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह एवं सुनील सिंह आदि लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे।



