उत्तर प्रदेश शीघ्र ही युवा नीति लेकर आ रहा:मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने जनपद सिद्धार्थनगर में 311 करोड़ रु0 लागत की 107 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। यह परियोजनाएं डुमरियागंज एवं बांसी विधान सभा क्षेत्रों के विकास से सम्बन्धित। विगत 09 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में किए गए प्रयासों से सिद्धार्थनगर जनपद देश के 112 आकांक्षी जनपदों में अग्रणी छलांग लगाने वाला तथा नीति आयोग से 25 करोड़ रु0 का पुरस्कार प्राप्त करने वाला जनपद बना प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में हम बदलते हुए भारत को देख रहे, देश दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ। भारत मजबूती के साथ युवाओं के लिए स्टार्टअप ईको सिस्टम, आई0आई0टी0, ट्रिपल आई0टी0, आई0आई0एम0, एम्स, मेडिकल कॉलेज की एक लंबी श्रृंखला के साथ खड़ा। हमारे युवा केवल जॉब सीकर नहीं, वह जॉब देने वाले बन चुके। जनपद सिद्धार्थनगर में स्वर्गीय माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम पर मेडिकल कॉलेज संचालित, एक जनपद एक उत्पाद योजना में सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल शामिल। सरकार द्वारा यहाँ काला नमक चावल के लिए कॉमन फैसिलिटेशन सेण्टर स्वीकृत,कपिलवस्तु में भगवान बुद्ध पर आधारित थीम पार्क व विपश्यना केन्द्र के निर्माण लिए धनराशि स्वीकृत। हमारी सरकार ने 09 वर्षों में 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी, इनमें जनपद सिद्धार्थनगर के युवा भी शामिल। उत्तर प्रदेश सरकार शीघ्र ही युवा नीति लेकर आ रही। गोरखपुर से सिद्धार्थनगर जनपद होते हुए शामली तक इकोनॉमिक कॉरिडोर बन रहा। महाविद्यालय, विश्वविद्यालय में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था की जा रही। हाल ही में प्रदेश सरकार ने विधान सभा में 59,000 करोड़ रु0 का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया, इसमें युवाओं, महिलाओं, गरीब, किसान, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी, गांव के चौकीदार, रसोइया आदि के लिए व्यवस्था। बांसी से मिठुवन क्षतिग्रस्त मार्ग के लिए 28 करोड़ रु0 स्वीकृत, डुमरियागंज में बरड़िया से बढ़नी-चापा मार्ग के लिए 24.58 करोड़ रु0 स्वीकृत।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में किए गए प्रयासों से सिद्धार्थनगर जनपद देश के 112 आकांक्षी जनपदों में अग्रणी छलांग लगाने वाला तथा नीति आयोग से 25 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्राप्त करने वाला जनपद बना है। अब यह जनपद विकास के पायदान पर तेजी के साथ अग्रसर है। विकास के लिए प्रयास और पुरुषार्थ करना पड़ता है। आज जनपद सिद्धार्थनगर में विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जा रहा है।

आज जनपद सिद्धार्थनगर में 311 करोड़ रुपये लागत की 107 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इनमें 127 करोड़ रुपये लागत की 46 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 184 करोड़ रुपये लागत की 61 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। यह परियोजनाएं डुमरियागंज एवं बांसी विधान सभा क्षेत्रों के विकास से सम्बन्धित हैं। मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाभी, पाठ्य सामग्री, आयुष्मान कार्ड, स्वीकृति पत्र तथा प्रमाण-पत्र आदि वितरित किए। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन तथा बच्चों का अन्नप्राशन भी किया। इस अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गयी।

यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें महात्मा बुद्ध की पावन धरा सिद्धार्थनगर आने का अवसर प्राप्त हुआ है। राजकुमार सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त होने के बाद दुनिया भगवान बुद्ध के रूप में जानती है। जनपद सिद्धार्थनगर का नाम भगवान बुद्ध के बचपन के नाम ‘सिद्धार्थ’ पर पड़ा है। आज से ढाई हजार वर्ष पहले यह क्षेत्र अपने वैभव के लिए विख्यात था। आजादी के बाद 75 वर्षों तक यह क्षेत्र विकास के लिए तरसता रहा और आकांक्षात्मक जनपद बनकर रह गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि विकास, पर्यावरण, रोजगार सृजन, स्वावलम्बन सहित विभिन्न क्षेत्रों में यह जनपद पिछड़ गया।

आज प्रातःकाल वह काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे। आज ही के दिन 09 अगस्त, 1925 को लखनऊ के काकोरी में पं0 राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में ठा0 रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी, शचीन्द्र नाथ सान्याल, शचीन्द्र नाथ बक्शी जैसे क्रान्तिकारियों ने अंग्रेजों द्वारा ले जाए जा रहे खजाने को अपने हाथ में लेकर भारत की आजादी के यज्ञ में लगाने के लिए अर्पित किया था। अंग्रेजों ने इस घटना को डकैती की संज्ञा दी। आजादी के बाद की सरकार ने भी इसे डकैती कहा। प्रधानमंत्री जी ने इसका नाम बदलकर ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के रूप में रखकर क्रान्तिकारियों को सम्मान देने का कार्य किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही, हर नागरिक के मन में स्वार्थ से उठकर परमार्थ के लिए तथा देश और दुनिया के बारे एक भावना पैदा हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री जी के आह्वान पर लखनऊ में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में 30 हजार युवा भागीदार बने थे। इस यात्रा में भारत माता की जय और वन्दे मातरम का नारा लगाया जा रहा था। आजादी के बाद देश की हर संस्था का नाम एक ही परिवार के व्यक्तियों के नाम पर रख दिया गया। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, ठा0 रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चन्द्रशेखर आजाद, सुखदेव, राजगुरु, वीर सावरकर जैसे क्रान्तिकारियों के योगदान को भुला दिया गया। यह लोग महाराजा सुहेलदेव, निषाद राज गुह्य, वीरांगना ऊदा देवी, वीरांगना अवंतीबाई और वीरांगना झलकारी बाई को भूल गए। आज ऐसे लोग सत्ता से बाहर हैं।

उत्तर प्रदेश शीघ्र ही युवा नीति लेकर आ रहा:मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश शीघ्र ही युवा नीति लेकर आ रहा:मुख्यमंत्री

भारत की गुलामी के दो कारण थे, एक अंतर्विरोध, एक दूसरे को नीचा दिखाने तथा जाति, क्षेत्र व भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कुप्रवृत्ति और दूसरा अपनी ही संस्थाओं के प्रति षड्यंत्र करने का भाव। जिन लोगों पर देश को दिशा देने तथा समाज को आगे बढ़ाने का दायित्व था, वही लोग उस समय समाज को दिग्भ्रमित कर रहे थे। इसीलिए देश गुलाम हुआ। सैकड़ों वर्षों की इस गुलामी के खिलाफ सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से चली एक लड़ाई प्रारम्भ हुई। मंगल पाण्डे, गोरखपुर में बंधु सिंह, बिठूर में तात्या टोपे, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई तथा मेरठ में धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में जो लड़ाई आगे बढ़ी थी, उसका परिणाम था कि लगातार किसी न किसी जनपद में क्रांतिकारियों द्वारा अंग्रेजों की चूलें हिलाने का काम किया जाता रहा। यह लड़ाई आगे बढ़ती रही। वर्ष 1922 में गोरखपुर में चौरी-चौरा की घटना, वर्ष 1925 में लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन और वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन तक लगातार यह क्रम चलता रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय अमर बलिदानियों ने अपनी मातृभूमि को सर्वोच्च मानते हुए अपना बलिदान दिया था। मातृभूमि को सर्वोच्च मानते हुए ही पं0 राम प्रसाद बिस्मिल फांसी के फंदे पर झूल गए थे। ठा0 रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद, राजगुरु, भगत सिंह, वीर सावरकर जैसे क्रान्तिकारियों ने अपना सब कुछ भारत माता के चरणों में समर्पित कर स्वयं को आजादी की इस लड़ाई में झोंक दिया था। उस कालखंड में देश को बांटने का काम कुछ लोगों ने किया था, जिसके कारण देश गुलाम हुआ था। आज कुछ लोग समाज को जाति के नाम पर बांटकर वही पाप फिर से कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में हम बदलते हुए भारत को हम देख रहे हैं। पहले भारत के बारे में दुनिया की राय थी कि भारत एक पिछड़ा, गरीब और कमजोर देश है। यह विरोधियों के सामने टिक नहीं पाएगा। आज वही भारत सीना तान कर अपने विरोधियों के सामने खड़ा है। दुनिया भारत की ओर देख रही है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। जिस भारत के बारे में कहा जाता था कि यहां भ्रष्टाचार व्याप्त है तथा भारत पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार है। आज वही भारत मजबूती के साथ खड़ा होकर युवाओं के लिए स्टार्टअप ईको सिस्टम, आई0आई0टी0, ट्रिपल आई0टी0, आई0आई0एम0, एम्स, मेडिकल कॉलेज की एक लंबी श्रृंखला के साथ खड़ा है। भारत आज निवेश का बेहतरीन गंतव्य बन कर दुनिया भर से निवेश आमंत्रित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चला अभियान है, जिसके कारण आज देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से उबर कर खुशहाली के साथ सम्मानजनक जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़े हैं। आज के युवा की आवश्यकता है कि उसे अच्छी शिक्षा प्राप्त हो, उनकी स्किलिंग की व्यवस्था हो, उन्हें रोजगार मिले तथा उनके पास उद्यमिता के अवसर हो। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में 17 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। वर्ष 2014 के पहले देश में युवाओं की स्किलिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। आज उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में 17,000 स्किल डेवलपमेण्ट सेण्टर और 15,000 से अधिक आई0टी0आई0 संचालित हैं। आई0आई0टी0 की संख्या 16 से बढ़कर 23 तथा आई0आई0एम0 की संख्या 13 से बढ़कर 22 हुई है।

वर्ष 2014 में पूरे देश में 431 मेडिकल कॉलेज थे। वर्ष 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 818 हुई है। पहले देश में 07 एम्स थे, जिसमें से 06 श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में बने थे। प्रधानमंत्री जी ने इनकी संख्या 23 तक पहुंचाने का काम किया है। वर्ष 2014 के पहले देश में एम0बी0बी0एस0 की कुल सीटें 51,348 थी। आज इनकी संख्या बढ़कर 1,28,926 हो गयी है। एम0डी0 और एम0एस0 की पी0जी0 सीटें वर्ष 2014 के पहले केवल 31,185 थीं। आज इनकी संख्या बढ़कर 85,822 हुई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन है कि युवा जॉब सीकर के स्थान पर जॉब क्रिएटर बने। अब हमारे युवा केवल जॉब सीकर नहीं है और जॉब के लिए भटकते नहीं है। वह जॉब देने वाले बन चुके हैं। भारत में स्टार्टअप का एक ईको-सिस्टम विकसित हुआ है। भारत ने तेजी से इसका विस्तार किया है। प्रधानमंत्री स्टार्ट अप, प्रधानमंत्री स्टैण्ड अप, डिजिटल इण्डिया, पी0एम0 इण्टर्नशिप तथा मिशन रोजगार के माध्यम से युवाओं को बिना भेदभाव के नौकरी उपलब्ध करायी जा रही है। पहले की सरकारों ने युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था।

जब देश में भ्रष्टाचार, आतंकवाद, नक्सलवाद, उग्रवाद, उपद्रव होगा या राज्यों में भी दंगे, गुण्डागर्दी होगी व व्यापार और निवेश के लिए कोई अवसर नहीं होगा, तो स्वाभाविक रूप से सबसे ज्यादा प्रभावित हमारे युवा होंगे। वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के साथ यही होता था। प्रदेश का युवा राज्य के बाहर जाने पर अपनी पहचान छुपाता था। पहले हर जिले में एक माफिया की स्थिति थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था। कुख्यात माफियाओं की समानान्तर सत्ता प्रदेश की पहचान थी। पर्व और त्यौहार सकुशल नहीं मनाए जा सकते थे। जबकि विगत चार दिनों में गाजियाबाद से तीन करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार में जल लेने के लिए गए हैं। पूरा वातावरण शिवमय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले प्रदेश में कांवड़ यात्रा निकलने नहीं दी जाती थी। हमारी सरकार ने अनुशासन के साथ कांवड़ यात्रा निकालने की अनुमति दी। अब गौरव के साथ यह यात्रा निकलती है। शिव की भक्ति हम सबके लिए एक प्रेरणा है। वहां जाति-पाति का बंधन दूर हो जाता है। हमने कांवड़ यात्रियों को सुरक्षा दी और पुष्प वर्षा करने के लिए मैं स्वयं भी वहां गया। दुर्गा पूजा, रामलीला या किसी अन्य अवसर पर दंगे फसाद होते थे। पिछले 09 वर्षों में प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ। आज यू0पी0 में कर्फ्यू और दंगा नहीं है। अब यू0पी0 में सब चंगा है। हर व्यक्ति अपने काम-धंधे में लगा है। अब बेटियों की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता। व्यापारी की सम्पत्ति पर कोई जबरदस्ती कब्जा नहीं कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक जनपद एक मेडिकल कॉलेज की दिशा में कार्य कर रही है। जनपद सिद्धार्थनगर में स्वर्गीय माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम पर मेडिकल कॉलेज संचालित है। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल शामिल है। यह भगवान बुद्ध का प्रसाद है। इसकी बाजार में अच्छी कीमत मिल रही है। इस चावल की अत्यधिक माँग होने से इसकी सप्लाई नहीं हो पा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा इस चावल के लिए यहाँ पर कॉमन फैसिलिटेशन सेण्टर स्वीकृत किया गया है। कपिलवस्तु में भगवान बुद्ध पर आधारित थीम पार्क के साथ ही, विपश्यना केन्द्र के निर्माण लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में बेसिक शिक्षा की स्थिति खराब थी। परीक्षाओं में नकल के कारण प्रदेश के युवाओं के समक्ष पहचान का संकट था। युवाओं के समक्ष स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर होने के लिए सीमित अवसर थे। सरकारी नौकरियों में अनियमितता की शिकायतें आती थीं। युवा पलायन या आत्महत्या करने के लिए मजबूर थे। हमारी सरकार ने 09 वर्षों में 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इनमें जनपद सिद्धार्थनगर के भी युवा शामिल हैं।

आज सिद्धार्थनगर में विकास की एक नई लहर चली है। गोरखपुर से सिद्धार्थनगर जनपद होते हुए शामली तक इकोनॉमिक कॉरिडोर बन रहा है। 6-लेन का यह इकोनॉमिक कॉरिडोर 8-लेन तक विस्तारित हो सकेगा। यह शामली से अम्बाला तक तथा गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक जाएगा। इससे जनपद सिद्धार्थनगर भी जुड़ा है। इसके साथ ही नॉर्थ-वेस्ट, नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में भी सिद्धार्थनगर से बांसी, बस्ती, अम्बेडकरनगर, प्रयागराज व चित्रकूट शामिल हैं। आज विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं है। विकास के लिए जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि दिन-रात मेहनत करते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार शीघ्र ही युवा नीति लेकर आ रही है। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन, उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन, नीट, आई0आई0टी0-जे0ई0ई0 या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए प्रत्येक जनपद में महाविद्यालय, विश्वविद्यालय में युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में वर्चुअल और फिजिकल क्लास की व्यवस्था रहेगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक इनमें प्रत्येक माह एक घण्टा समय देंगे। उन्होंने यू0पी0एस0सी0 परीक्षा पास की है।

उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा पास एस0डी0एम0 तथा नीट क्वालीफाइड डॉक्टर भी क्लास लेंगे। आई0आई0टी0-जे0ई0ई0 पास होकर इरीगेशन, पी0डब्ल्यू0डी0 या अन्य विभागों में कार्य कर रहे इंजीनियर भी वहां क्लास लेंगे। बैंक के पी0ओ0 वहां आकर नौजवानों को आगे बढ़ने के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध करायेंगे। आई0टी0आई0 में आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स तथा 3-डी प्रिंटिंग के बारे में बताया जाएगा। सिद्धार्थनगर जनपद में भी यह कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में 02 आई0टी0आई0 इसके साथ जोडे़ गये हैं तथा पॉलिटेक्निक को जोड़ने की तैयारी चल रही है।

प्रदेश सरकार ने तय किया है कि युवाओं के स्किल डेवलपमेण्ट के लिए उन्हें ए0आई0, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स या अन्य मॉडर्न टेक्नोलॉजी में पारंगत बनाया जाएगा। युवाओं को टैबलेट दिए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से वह केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जान सकेंगे। मेधावी बेटियों के लिए सरकार शीघ्र ही ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ लेकर आ रही है। गरीब की बेटी भी अब स्कूटी से विद्यालय जा पाएगी। अब बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगा सकता। आज प्रदेश में 16 करोड़ गरीबों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। 10 करोड़ गरीबों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ की सुविधा दी गयी है, जिसके माध्यम से वह 05 लाख प्रतिवर्ष तक का उपचार किसी भी इम्पैनल्ड हॉस्पिटल में जाकर करा सकता है। प्रदेश के 65 लाख गरीबों को आवास दिया गया है। 06 लाख अन्य आवासों की स्वीकृति दी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धार्थ नगर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर एवं बस्ती में यह सीजन प्रत्येक परिवार के लिए भय और दहशत का कारण बनता था। हजारों बच्चे जापानी इन्सेफेलाइटिस से पीड़ित होते थे। सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। आज डबल इंजन सरकार ने बच्चों को जीने के लिए उत्तम स्वास्थ्य सुविधा दी है। वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में केवल 41 मेडिकल कॉलेज बने थे, जबकि विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 83 तक पहुंच गयी है। इससे स्पष्ट है कि सरकार में कार्य करने की इच्छा शक्ति होती है, तो सकारात्मक परिणाम आते हैं। सिद्धार्थनगर जनपद ने आकांक्षी जनपद से उबर कर विकास के पायदान पर स्वयं को अग्रणी जनपद के रूप में स्थापित किया है। यहां एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण के लिए भी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है।

हाल ही में प्रदेश सरकार ने विधान सभा में 59,000 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है। इसमें युवाओं, महिलाओं, गरीब, किसान, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी, गांव के चौकीदार, रसोइया आदि के लिए व्यवस्था की गयी थी। कोटेदारों के लिए भी इंसेन्टिव बढ़ाने के लिए धनराशि की व्यवस्था की गयी है। बांसी में बांसी से मिठुवन मार्ग क्षतिग्रस्त है। इसके लिए प्रदेश सरकार 28 करोड़ रुपये स्वीकृत कर रही है। डुमरियागंज में बरड़िया से बढ़नी-चापा मार्ग के लिए 24 करोड़ 58 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इटवा में बढ़िया से गोला बाजार मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन बाधित है। इसकी भी स्वीकृति दी जा रही है। प्रदेश सरकार सकारात्मक भाव के साथ बिना भेदभाव शासन की योजनाओं को प्रत्येक गरीब, गांव, किसान और नौजवान तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। डबल इंजन सरकार क्रांतिकारियों व स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए मजबूती से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने देश के 80वें स्वाधीनता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि देश ने 12 वर्ष में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में व्यापक परिवर्तन को देखा है। विगत 09 वर्षां में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए परिवर्तन का साक्षी सम्पूर्ण प्रदेश रहा है। प्रधानमंत्री जी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आह्वान किया है। हर घर पर तिरंगा लगना चाहिए। यह भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। इस अवसर पर सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्री श्याम धनी राही, विनय वर्मा, विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश, धु्रव कुमार त्रिपाठी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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