UP हमेशा से भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन का केन्द्र बिन्दु रहा:मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री हर घर तिरंगा अभियान-2026 के अन्तर्गत जनपद गोरखपुर में तिरंगा यात्रा में सम्मिलित हुए।
  • ‘तिरंगा यात्रा’ केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत के हुतात्माओं, अमर बलिदानियों और स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की अभिव्यक्ति
  • ’हर घर तिरंगा’ प्रधानमंत्री जी के आह्वान का महत्वपूर्ण हिस्सा, इसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक भारत की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने घर पर फहराकर गौरव की अनुभूति कर सकता।
  • देश एवं प्रदेश के युवा राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
  • तिरंगा भारत की आन-बान-शान का प्रतीक, देश की आजादी के आन्दोलन के दौरान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने अलग-अलग समय में विभिन्न।
  • प्रकार के ध्वजों को लेकर स्वतंत्रता आन्दोलन को नई गति प्रदान की वर्ष 1905 में स्वदेशी आन्दोलन भारत की आजादी का मंत्र बना।
  • हाल ही में भारत सरकार ने राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया तथा इसमें दंड का प्राविधान किया।
  • राष्ट्र के महापुरुष और क्रान्तिकारी किसी भी युवा के लिए प्रेरणास्रोत, तिरंगा भारत के क्रान्तिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान की अमिट गाथा का प्रतीक।
  • तिरंगे के प्रति जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही, हजारों की संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे।
  • उ0प्र0 हमेशा से भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन का केन्द्र बिन्दु रहा।
  • प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में काकोरी की घटना को ’काकोरी ट्रेन एक्शन’ के रूप में प्रतिष्ठित करते हुए क्रान्तिकारियों के योगदान को उचित सम्मान दिया जा रहा।
  • सरकार ने इस वर्ष प्रदेश में 05 करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया, प्रत्येक सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी संस्थान, उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा घरों में तिरंगा फहराया जाएगा।
  • स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रान्तिकारियों ने जाति-पाँति का विचार किये बिना राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य किया।

गोरखपुर/लखनऊ। तिरंगा यात्रा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि भारत के हुतात्माओं, अमर बलिदानियों और स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है। देश एवं प्रदेश के युवा राष्ट्र के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री योगी ने हर घर तिरंगा अभियान-2026 के अन्तर्गत आज जनपद गोरखपुर में नगर निगम पार्क में अमर वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा से लेकर रेलवे स्टेशन के समीप महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक निकलने वाली तिरंगा यात्रा में सम्मिलित होने से पूर्व आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने जनसेवा हेतु समर्पित एम्बुलेंसों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।


तिरंगा भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है। देश की आजादी के आन्दोलन के दौरान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने अलग-अलग समय में विभिन्न प्रकार के ध्वजों को लेकर स्वतंत्रता आन्दोलन को नई गति प्रदान की। वर्ष 1905 में स्वदेशी आन्दोलन भारत की आजादी का मंत्र बना। इसके बाद वर्ष 1930 के दशक में तिरंगे के मध्य चरखे का चिन्ह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के ध्वज का प्रतीक बना। स्वतंत्र भारत में तिरंगे के साथ धर्मचक्र का प्रवर्तन हुआ और राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार किया गया। यह हमारा सौभाग्य है कि जिस राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के लिए पहले भारत के नागरिकों को न्यायालय में संघर्ष करना पड़ता था, आज प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक अपने घर पर तिरंगा फहराने का अधिकार प्राप्त है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान वर्ष 2022 में नेशनल फ्लैग कोड में संशोधन किया गया, जिसके बाद कोई भी नागरिक सम्मानजनक ढंग से अपने घर पर तिरंगा फहरा सकता है।


“हर घर तिरंगा” प्रधानमंत्री जी के आह्वान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक भारत की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने घर पर फहराकर गौरव की अनुभूति कर सकता है। वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 के बाद वर्ष 2026 में भी तिरंगा यात्रा के साथ ’हर घर तिरंगा’ अभियान निरन्तर अपने चरम की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्र के महापुरुष और क्रान्तिकारी किसी भी युवा के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। तिरंगा भारत के क्रान्तिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान की अमिट गाथा का प्रतीक है। किसी युवा से उसके आदर्श को छीनना उसे गौरव के भाव से वंचित करने के समान है। प्रधानमंत्री जी ने प्रत्येक युवा को राष्ट्रगौरव की अनुभूति से जोड़ने के लिए ’हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया है।


तिरंगे के प्रति जागरूकता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के लिए तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। हजारों की संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं। कभी यही तिरंगा भारत की आजादी का मंत्र बना था। उत्तर प्रदेश हमेशा से भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन का केन्द्र बिन्दु रहा है। बैरकपुर में मंगल पांडे, गोरखपुर में शहीद बंधू सिंह, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, बिठूर-कानपुर में तात्या टोपे तथा मेरठ में धन सिंह कोतवाल ने स्वतंत्रता की जो चिंगारी प्रज्ज्वलित की थी, वह प्रत्येक जनपद और प्रत्येक गांव तक पहुंची तथा भारत की आजादी का मंत्र बनी। यह आजादी हमें अचानक नहीं मिली। इसके लिए देशवासियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। वर्ष 1922 की चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना ने अंग्रेजी शासन की चूलें हिला दी थीं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन भारत की आजादी का मंत्र था। वर्ष 1925 में पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ, चन्द्रशेखर आजाद, शचीन्द्रनाथ सान्याल और राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित अनेक क्रान्तिकारियों ने अंग्रेजों द्वारा भारत को लूटकर ब्रिटेन ले जाए जा रहे धन को वापस लेकर उसे देश की आजादी के लिए उपयोग करने का कार्य प्रारम्भ किया। इसी उद्देश्य से काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना को अंजाम दिया गया। अंग्रेजों ने ’काकोरी ट्रेन एक्शन’ को ’डकैती’ कहा था। देश की आजादी के बाद भी लम्बे समय तक काकोरी की घटना को इसी दृष्टिकोण से पढ़ाया जाता रहा। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में काकोरी की घटना को ’काकोरी ट्रेन एक्शन’ के रूप में प्रतिष्ठित करते हुए क्रान्तिकारियों के योगदान को उचित सम्मान दिया जा रहा है। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां और राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी सहित अनेक क्रान्तिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। अलग-अलग स्थानों की जेलों में इन अमर बलिदानियों को फांसी दी गई।


आजादी के बाद लम्बे समय तक इन क्रान्तिकारियों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उनकी प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जाती थीं और उनके नाम पर सड़कों एवं संस्थाओं के नाम रखने में भी उपेक्षा की गई। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इन अमर क्रान्तिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को उचित सम्मान दिया जा रहा है।युवाओं का आह्वान किया कि वह ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के अन्तर्गत निकलने वाली तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करें तथा अपनी सहभागिता से सम्बन्धित सेल्फी अपलोड करें। सरकार ने इस वर्ष प्रदेश में 05 करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रत्येक सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी संस्थान, उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा घरों में तिरंगा फहराया जाएगा।


स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रान्तिकारियों ने जाति-पाँति का विचार किये बिना राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। महान क्रान्तिकारियों ने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य किया। हम सभी तिरंगा, वन्दे मातरम् और राष्ट्रगान का सम्मान करके उन क्रांतिकारियों तथा अपनी गौरवशाली विरासत का सम्मान कर सकते हैं। हाल ही में भारत सरकार ने राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया है तथा इसमें दण्ड का प्राविधान किया गया है। भारत और उसके राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक का दायित्व होना चाहिए। यह वर्ष वन्दे मातरम् की रचना के 150वें वर्ष के रूप में भी महत्वपूर्ण है। वन्दे मातरम् के प्रति सम्मान और राष्ट्रभाव को व्यापक रूप से जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

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