
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 17वीं बैठक सम्पन्न। बैठक में 04 पेयजल एवं 07 सरोवर से संबंधित परियोजनाएं अनुमोदित। 80,000 घरों को मिलेगा पेयजल कनेक्शन।
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 17वीं बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत विभिन्न परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पेयजल एवं सरोवर (सीवरेज/जल संरक्षण) से संबंधित कुल 11 परियोजनाओं को अनुमोदन प्रदान किया गया। समग्र रूप से, प्रस्तुत 11 परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत सेंटेज सहित 63,340.79 लाख रुपये है। पेयजल क्षेत्र में ट्रेंच-2 के अंतर्गत 3 परियोजनाएं तथा ट्रेंच-3 के अंतर्गत 1 परियोजना प्रस्तुत की गई। इन परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत (सेंटेज सहित) 61,022 लाख रुपये है।
स्पेशल ट्रेंच के अंतर्गत सरोवर से संबंधित 7 परियोजनाएं प्रस्तुत की गईं, जिनकी अनुमानित लागत सेंटेज सहित 2,318.70 लाख रुपये है। सरोवर की 07 प्रमुख परियोजनाओं में गोरखपुर नगर निगम के अन्तर्गत भरवालिया तालाब एवं शाहपुर स्थित तालाब का विकास कार्य शामिल है। इसी प्रकार नगर पालिका परिषद रायबरेली में मढियॉन माता देवी मन्दिर के किनारे स्थित तालाब का विकास कार्य, नगर पंचायत सुरियावा (भदोही) में बीघा तालाब का विकास कार्य, नगर निगम गाजियाबाद के अन्तर्गत ढुडहेरा में अमृत सरोवर का विकास कार्य, नगर निगम लखनऊ के जानकीपुरम वार्ड-02 (सहारा स्टेट) स्थित तालाब का विकास कार्य तथा नगर पंचायत फतेहपुर (बाराबंकी) में सैदुआ तालाब का विकास कार्य सम्मिलित है।
पेयजल परियोजनाओं के अंतर्गत बक्शी का तालाब नगर पंचायत (लखनऊ) में बक्शी तालाब नगर पंचायत पेयजल योजना, वाराणसी नगर निगम के 18 अत्यधिक प्रभावित वार्डों के क्लस्टर-3 (काजीपुरा, शिवपुरा, तुलसीपुर एवं बिरदोपुर) में पेयजल विस्तारीकरण योजना, लखनऊ नगर निगम के पेयजल डिस्ट्रिक्ट-डी में हैदरगंज तृतीय, आलमनगर एवं केशरीखेड़ा वार्ड की पेयजल योजना तथा राजापुर नगर पंचायत (चित्रकूट) में पेयजल योजना शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 80,000 गृह संयोजन प्रदान किए जाएंगे, जिससे नागरिकों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी तथा शहरी जल संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण सुनिश्चित होगा। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी0गुरू प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।























