
मोदी राज में पेट्रोल-डीजल ने तोड़ी जनता की कमर। बीते 10 दिनों में हुई पेट्रोल डीजल के दाम में करीब आठ रुपए की बढ़ोत्तरी। पेट्रोल डीजल के बढ़े दाम खानपान के अन्य वस्तुओं के दामों में होगी बढ़ोत्तरी।
राकेश यादव
लखनऊ। मोदी सरकार की महंगाई अब आम जनता की जेब पर सीधा हमला बन चुकी है। पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हो गया है, और सिर्फ इसी महीने में यह चौथी बढ़ोतरी है। सरकार इसका कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी बता रही है। ईरान-अमेरिका तनाव शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल करीब 70 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। लेकिन जनता सवाल पूछ रही है कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता हुआ था तब राहत क्यों नहीं मिली? 2014 में पेट्रोल लगभग ₹71 और डीजल ₹55 था, जबकि आज कई शहरों में पेट्रोल ₹100 के पार पहुंच चुका है।
2020 में कोरोना काल में तेल सस्ता होने के बावजूद टैक्स बढ़ाए गए, 2021 में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 16 दिनों में करीब ₹10 प्रति लीटर तक दाम बढ़ा दिए गए। भारी एक्साइज ड्यूटी, VAT, कमजोर रुपया और लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। ट्रांसपोर्ट महंगा, खेती महंगी, गैस-सब्जी-दाल महंगी और रोजमर्रा की हर चीज आम न आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ती है तो सिर्फ गाड़ी नहीं, पूरे घर का बजट बिगड़ जाता है!! बीते 10 दिन में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब आठ रुपए की बढ़ोत्तरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।






















