कोविड-19,खुद पहला डोज लेने काे तैयार,डॉ़0 हर्षवर्धन

कोरोना वैक्सीन को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बोले- अगर लोगों को भरोसा नहीं तो मैं खुद पहला डोज लेने काे तैयार है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ़0 हर्षवर्धन ने आज कहा कि अगले साल मार्च तक कोरोना वैक्सीन तैयार हो सकती है और अगर लोगों को इसके सुरक्षा पहलू को लेकर आशंका है, तो वह खुशी-खुशी खुद वैक्सीन का पहला डोज लेने को तैयार हैं। डॉ़ हर्षवर्धन ने ‘संडे संवाद’ के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक नया कार्यक्रम शुरु किया है, जहां वह लोगों के सवालों का जवाब देते हैं। इस कार्यक्रम की शुरुआत गत रविवार को होनी थी लेकिन उनकी माताजी के निधन के कारण यह संवाद आज से शुरु हुआ। उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान कोरोना वायरस कोविड-19 के प्रबंधन और कोरोना वैक्सीन से संबंधित कईं सवालों के जवाब दिए।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना वैक्सीन के लांच की अभी कोई तिथि तय नहीं की गई लेकिन यह अगले साल की पहली तिमाही में तैयार हो सकता है।

कोरोना वायरस की सबसे ऐडवांस्‍ड वैक्‍सीन बताई जा रही ऑक्‍सफर्ड-अस्‍त्राजेनेका वैक्‍सीन का ट्रायल फिर शुरू होने वाला है। ब्रिटेन की एक एक्‍सपर्ट कमिटी ने सभी तरह के रिव्‍यू करने के बाद, अस्‍त्राजेनेका को इसकी मंजूरी दे दी है। इसके बाद भारत में भी इस टीके का ट्रायल दोबारा शुरू हो सकता है। सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के नोटिस के बाद, टीके का इंसानों पर ट्रायल रोक दिया था। DCGI के परमिशन देते ही कंपनी ने फिर से ट्रायल शुरू करने की बात कही है। मुंबई के म्‍युनिसिपल कमिश्‍नर आईएस चहल का कहना है कि वे इस हफ्ते ट्रायल रीस्‍टार्ट कर देंगे।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ0हर्षवर्धन ने बताया है कि अभी वैक्सीन की लॉन्चिंग को लेकर कोई तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन यह अगले साल की पहली तिमाही में आ सकती है। सोशल मीडिया के कार्यक्रम ‘संडे संवाद’ के दौरान डॉ0 हर्षवर्धन ने कहा क‍ि ‘देश में कई वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। अभी हम इस बात का अनुमान नहीं लगा सकते हैं कि कौन सी वैक्सीन सबसे ज्यादा प्रभावी होगी, लेकिन 2021 की पहली तिमाही तक हम निश्चित तौर पर इसके परिणाम जान जाएंगे।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि अगर भरोसे का संकट हुआ तो वे कोरोना वायरस की वैक्सीन का पहला डोज लेने के लिए तैयार हैं। डॉ0 हर्षवर्धन रविवार को कोरोना वायरस से जुड़े सवालों पर लोगों के साथ ‘संडे संवाद’ कर रहे थे, उन्होंने यह भी बताया कि भारत में वैक्सीन कब तक तैयार हो सकती है।

सरकार वैक्सीन के मानव परीक्षण के लिए सभी सावधानियां बरत रही है और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ0 वी0के0 पॉल की अध्यक्षता में कोविड-19 के वैक्सीन के बारे में राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह का गठन किया गया है। यह विशेषज्ञ समूह यह तय करेगा कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा सके। इसके अलावा वैक्सीन सुरक्षा, इसकी कीमत, कोल्ड-चेन आवश्यकता, विनिर्माण के मुद्दों पर भी सघन चर्चा की जा रही है।

उन्होंने कहा,“ मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि पहले वैक्सीन उन्हें दी जाएगी, जिन्हें इनकी बहुत जरूरत हो, भले ही उनकी भुगतान क्षमता हो या नहीं।”  केन्द्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार कोविड-19 के वैक्सीन के आपात अधिकार पत्र (ऑथोराइजेशन) पर विचार कर रही है। यदि इस पर सहमति होती है तो इस पर आगे काम किया जाएगा, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और अधिक जोखिम वाले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए। यह कार्य आम सहमति होने के बाद किया जाएगा। वैक्सीन के सुरक्षा पहलुओं से जुड़ी आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, “कोरोना वैक्सीन के बारे में यदि किसी को आशंका है तो मैं वैक्सीन का पहला डोज खुद ही खुशी से लेने को तैयार हूं”। 

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