Tuesday, May 19, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश प्रमोशन ‘फारगो’ करने वालों ने लगाया करोड़ों के राजस्व का चूना!

प्रमोशन ‘फारगो’ करने वालों ने लगाया करोड़ों के राजस्व का चूना!

54
प्रमोशन 'फारगो' करने वालों ने लगाया करोड़ों के राजस्व का चूना!
प्रमोशन 'फारगो' करने वालों ने लगाया करोड़ों के राजस्व का चूना!

कारागार मुख्यालय में अफसरों की अनियमिताओं का खुलासा। प्रमोशन ‘फारगो’ करने वालों ने लगाया करोड़ों के राजस्व का चूना! वर्ष 2002 में प्रोन्नति लेने से मना करने वालों का कर दिया प्रमोशन। प्रमोशन लेने वाला कार्मिक 31मई 2026 को हो रहा सेवानिवृत।

राकेश ‘निडर’

लखनऊ। कारागार मुख्यालय में कनिष्ठ लिपिक से वरिष्ठ लिपिक पद पर प्राप्त पदोन्नत कार्मिकों द्वारा पदोन्नति से इनकार (फारगो) करने के बावजूद उच्च पदों पर प्रोन्नति लेने वाले कर्मियों ने प्रदेश सरकार को करोड़ों के राजस्व का चुना लगाया है। प्रमोशन फ़ार्गो कर प्रमोशन लेने वाले वर्तमान कार्मिकों से हुई राजस्व की क्षतिपूर्ति का मामला विभागीय अधिकारियों और कर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर चर्चा है कि विभाग के कुछ आला अफसर सरकार को करोड़ों के राजस्व का चुना लगाने वाले इन कार्मिकों को वसूली से बचाने की कवायद में जुटे हुए है।

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2002 एवं 2003 में कनिष्ठ लिपिक से वरिष्ठ लिपिक पद पर पदोन्नति से इनकार (फारगो) कर दिया। प्रमोशन फ़ारगो करने वालों में रीता जुयाल, रामवृक्ष सिंह, विजय प्रताप सिंह, कुसुम लता वालिया, सी०के० तिवारी, अतुल निगम,मन्जू लता पाण्डेय, सच्चिदानन्द मिश्र, मो० मिजहाजुद्दीन, राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी,रूद्र कुमार श्रीवास्तव, मो० सिकन्दर खां, सुमन सक्सेना, जुगुल किशोर, शिवशंकर वर्मा-2, हसन आरिफ, सुशील कुमार वर्मा, राजेश कुमार मिश्र-2, सीमा त्रिपाठी, अमिताभ मुखर्जी, सुरेश कुमार, अलका जायसवाल, राजेश कुमार, राधेश्याम समेत कुल 24 कार्मिक शामिल थे। इन बाबुओं ने प्रोन्नति को फ़ार्गो किया। इसमें कई लोगों की मृत्यु हो गई तो कई सेवानिवृत हो गए। इसके अलावा कुछ लोग अभी भी सेवा में हैं जिन्हें वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पद पर प्रोन्नत किया गया है।

सूत्रों का कहना है कि सूची में प्रमोशन फारगो करके वरिष्ठ सहायक से प्रधान सहायक से प्रशासनिक अधिकारी से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद पर प्रोन्नति पाने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ मुखर्जी आगामी 31 मई 2026 को सेवानिवृत हो रहे है। प्रमोशन फारगो कर चार प्रमोशन लेकर सरकार को लाखों रुपए के सरकारी राजस्व का चुना लगाने वाले इस वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से इतने अल्प समय में कैसे रिकवरी होगी यह सवाल मुख्यालय के कर्मियो में चर्चा का विषय बना हुआ है। सूत्रों की माने तो मुख्यालय के कुछ अफसर करोड़ों का चुना लगाने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को रिकवरी (वसूली) से बचाने की कवायद में जुटे हुए है। ऐसा तब किया जा रहा जब पूर्व में फारगो के बाद प्रमोशन लेने वाली वरिष्ठ प्रशासनिक महिला अधिकारी मंजू लता पांडेय से लाखों रुपए की वसूली की जा चुकी है।

राजस्व क्षतिपूर्ति के लिए वसूली की जाएगी: डीजी जेल

कारागार मुख्यालय में वर्ष 2002 एवं 2003 में कनिष्ठ लिपिक से वरिष्ठ लिपिक के पद पर प्रोन्नति को पदोन्नति से इनकार (फारगो) करने वाले कर्मियों को प्रमोशन दिए जाने के संबंध में जब महानिदेशक कारागार पीसी मीणा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रमोशन फारगो करने वाले कार्मिकों को प्रोन्नति नहीं दी जा सकती है। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी और जिन लोगों ने प्रमोशन लेकर राजस्व की क्षति की है उनसे वसूली की जाएगी।

वर्तमान समय में पांच कार्मिक मुख्यालय में तैनात

प्रमोशन फारगो कर प्रोन्नति लेने वाले 24 कार्मिकों में चार की मृत्यु हो चुकी है। 15 कार्मिक सेवानिवृत हो चुके है। पांच कार्मिक वर्तमान में मुख्यालय में कार्यरत हैं। इसमें अमिताभ मुखर्जी 31 मई 2026, सुरेश कुमार 31 जनवरी 2030, अलका जायसवाल 30 जून 2031, राजेश कुमार 31 मार्च 2033 और राधेश्याम 30 जून 2031 को सेवानिवृत होंगे। अमिताभ मुखर्जी ने फारगो के बाद चार और सुरेश कुमार, अलका जायसवाल, राजेश कुमार, राधेश्याम ने तीन तीन प्रमोशन लिए हैं।