
मुख्यमंत्री ने नगर निगम, प्रयागराज के नवनिर्मित सदन हॉल का लोकार्पण तथा 400 करोड़ रु0 लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। पुस्तिका ‘3 साल बेमिसाल’ का विमोचन तथा प्रयागराजमेला प्राधिकरण की नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने सफाईकर्मियां को सफाई किट देकर सम्मानित किया, नगर निगम के सफाई वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने त्रिवेणी संगम तट पर गंगा पूजन कर गंगा आरती का शुभारम्भ किया, अब हर शाम भव्य गंगा आरती होगी। बड़े हनुमान जी मन्दिर में दर्शन-पूजन किया। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर प्रयागराज नगर निगम कार्यकारिणी के 03 सफल वर्ष पूरे हो रहे। नगर निगम कार्यकारिणी को महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी महासंगम में ज्ञान, भक्ति और कर्म की नई प्रेरणा प्राप्त की। कुम्भ और महाकुम्भ के भव्य आयोजन के लिए डबल इंजन सरकार ने प्रयागराज में बेहतरीन अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया अगले कुम्भ के आयोजन के लिए हजारों करोड़ रु0 की नई परियोजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी। हम माँ गंगा की अविरल धारा से प्रेरणा प्राप्त करते हुए निरन्तर आगे बढ़ रहे, हमारी यात्रा विकास की गति को प्रगति की ओर बढ़ा रही। प्रयागराज ने स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी यात्रा प्रारम्भ की, प्रयागराज के विकास को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए डबल इंजन सरकार प्रतिबद्ध।= जनता के सहयोग से हम प्रदेश के विकास का लक्ष्य प्राप्त कर सके और प्रदेश को एक नई पहचान देने में सफल हुए। प्रयागराजवासी गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से 07 घण्टे में दिल्ली की यात्रा कर सकते हैं। गंगा जी पर 4-लेन ब्रिज बनाए जाने के लिए 01 हजार करोड़ रु0 स्वीकृत किए गए।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज गंगा दशहरा का पावन पर्व है। इस अवसर पर प्रयागराज नगर निगम कार्यकारिणी के 03 सफल वर्ष पूरे हो रहे हैं। प्रयागराज नगर निगम कार्यकारिणी को महाकुम्भ-2025 के सफल आयोजन का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ है। गत वर्ष प्रयागराज ने दिव्य और भव्य महाकुम्भ का आयोजन कर दुनिया के इतिहास में एक नये अध्याय का सृजन किया। पूरा देश और दुनिया महाकुम्भ में आकर्षित हुई। आज जनपद प्रयागराज भ्रमण के अवसर पर नगर निगम, प्रयागराज के नवनिर्मित सदन हॉल का लोकार्पण तथा 400 करोड़ रुपये लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने नगर निगम प्रयागराज की विगत 03 वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका ‘3 साल बेमिसाल’ का विमोचन तथा प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु तैयार की गई नवीन वेबसाइट का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री जी ने सफाईकर्मियां को सफाई किट देकर उनका सम्मान भी किया। उन्होंने नगर निगम के सफाई वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नगर निगम, प्रयागराज की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री जी ने महापौर तथा नगर निगम कार्यकारिणी को 03 वर्ष के कार्यकाल के पूर्ण होने की बधाई दी। उन्होंने सभी को गंगा दशहरा की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के उपरान्त, मुख्यमंत्री जी ने त्रिवेणी संगम तट पर स्थित फ्लोटिंग जेट्टी पर गंगा पूजन तथा आरती कर गंगा आरती का शुभारम्भ किया। इसके साथ ही अब हर शाम फ्लोटिंग जेट्टी पर भव्य गंगा आरती का आयोजन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री जी ने बड़े हनुमान जी मन्दिर में दर्शन-पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 दिवसीय महाकुम्भ के आयोजन में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रयागराज आकर माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती की त्रिवेणी के महासंगम में ज्ञान, भक्ति और कर्म की नई प्रेरणा प्राप्त की। सभी श्रद्धालुओं ने भारत के वैदिक व पौराणिक ज्ञान और अनन्त ऊर्जा के स्रोत प्रयागराज की पावन धरा पर आकर अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। उन्होंने संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगाकर अपने जन्म और जीवन को धन्य किया। नगर निगम प्रयागराज की कार्यकारिणी ने श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधा के लिए हर सम्भव प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप दुनिया दिव्य और भव्य महाकुम्भ से साक्षात्कार कर पायी। एक समय था जब माघ मेला व कुम्भ मेला जैसे आयोजन भगदड़, गंदगी और अराजकता के पर्याय थे। लोग इनमें शामिल नहीं होना चाहते थे। वर्ष 2019 में हमारी सरकार को प्रयागराज कुम्भ के आयोजन का अवसर मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और प्रयासों से यूनेस्को ने कुम्भ को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता दी। इससे हमारे पूर्वजों की सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक कुम्भ की परम्परा को वैश्विक मान्यता मिली। यह हर सनातन धर्मावलम्बी के लिए गौरव की बात है। वर्ष 2025 में भी हमारी सरकार को प्रयागराज महाकुम्भ के इस गौरव से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ।
कुम्भ व महाकुम्भ के सफल आयोजन में योगदान देने वाले नगर निगम के वर्तमान और पूर्व महापौर, सभी पार्षदों, कार्मिकों, सफाई कर्मियों व सुरक्षा कर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुम्भ और महाकुम्भ के भव्य आयोजन के लिए डबल इंजन सरकार ने प्रयागराज में बेहतरीन अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया। यदि इन सुविधाओं का सही अनुरक्षण किया जाए, तो यह अगले कुम्भ के समय हमारे लिए धरोहर का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि अगले कुम्भ के आयोजन के लिए हजारों करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं धरातल पर उतारी जाएंगी।अपनी जवाबदेही और जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए प्रयागराज के महापौर ने विरासत को विकास के साथ जोड़कर प्रधानमंत्री जी के संकल्पों को आगे बढ़ाया है। उसके परिणाम आज हम सभी को दिखायी दे रहे हैं। प्रयागराज नगर निगम का यह भवन 161 वर्ष पुराना है। आज पार्षदों और नगर निगम कार्यकारिणी के बैठने के लिए इसका हॉल भव्य और दिव्य बन गया है। नगर निगम की 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया है। यह दिखाता है कि हम रुके और थके नहीं हैं, बल्कि माँ गंगा की अविरल धारा से प्रेरणा प्राप्त करते हुए चरैवेति-चरैवेति के मंत्र के साथ निरन्तर आगे बढ़ रहे हैं। हमारी यात्रा विकास की गति को प्रगति की ओर बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, उनमें नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग, जोनल पार्क का निर्माण तथा शिवालय पार्क की नई श्रृंखला जैसे कार्य शामिल हैं। महाकुम्भ के पहले बनाए गए शिवालय पार्क का निर्माण वेस्ट टू वेल्थ की एक सफल कहानी है। इसमें 400 टन वेस्ट मैटीरियल से अलग-अलग तीर्थों व द्वादश ज्योतिर्लिंगों की रेप्लिका बनायी गयी है। यह कार्य हमें एक नई पहचान दिलाते हैं। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से अक्षयवट को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला गया था, जबकि पहले इसकी अनुमति नहीं थी। अब कोई भी वहां जाकर दर्शन कर सकता है और सरस्वती कूप से जल ग्रहण कर सकता है। महर्षि भारद्वाज दुनिया के पहले कुलपति हैं। वह हजारों वर्ष पहले प्रयागराज में गुरुकुल चलाते थे। भगवान श्रीराम वनवास जाते समय तथा वनवास समाप्त होने पर महर्षि भारद्वाज का दर्शन करने प्रयागराज आए थे। महर्षि भारद्वाज का प्रयागराज स्थित आश्रम अतिक्रमण का शिकार हो गया था। वर्तमान में यह आश्रम कब्जा मुक्त हुआ है और भव्य स्वरूप ले चुका है।
प्रयागराज की सड़कें चौड़ी और स्मार्ट हैं। प्रयागराज ने स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी यात्रा प्रारम्भ की है। प्रयागराज के विकास को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए डबल इंजन सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसके लिए वर्तमान महापौर के नेतृत्व नगर निगम में अपना कार्य कर रहा है। महापौर सभी पार्षदों को साथ लेकर विकास की धारा को हर मोहल्ले तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं। आज गंगा दशहरा है। साथ ही, ज्येष्ठ मास का मंगलवार भी है। इस अद्भुत संयोग में माँ गंगा और हनुमान जी के दर्शन हो रहे हैं। आज नगर निगम के 03 वर्ष के कार्यकाल के पूर्ण होने के साथ ही, उनके लिए कई पुण्य अर्जित करने का भी अवसर है। प्रयागराज तीर्थों का राजा शुरू से ही है। लेकिन 09 वर्ष पूर्व प्रयागराज में भय और आतंक का माहौल था। यहां अराजकता और गुण्डागर्दी थी। व्यापारियों की और सार्वजनिक जमीन पर कब्जा कर लिया जाता था। विकास कार्य ठप हो गए थे। आज प्रयागराज आतंक, माफियागिरी, गुण्डागर्दी से मुक्त हो चुका है। अब यहां बेटियां और व्यापारी सुरक्षित हैं। डबल इंजन सरकार सभी को सुरक्षा देगी, सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करेगी तथा समृद्धि के लिए प्रयास करेगी। आपके व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में खुशहाली हो, इसके लिए निरन्तर कार्य करेगी।
महाकुम्भ-2025 के दौरान 45 दिनों तक प्रयागराज वासियों का आवागमन बाधित था। इस दौरान किसी ने भी कोई विरोध नहीं किया, बल्कि अपने घर का कार्यक्रम समझकर कार्य किया। विकास तभी होता है, जब सार्वजनिक कार्यक्रमों और महाकुम्भ जैसे बड़े आयोजन को लोग अपना मानते हैं। आज उत्तर प्रदेश विकास के जिन नये प्रतिमानों को प्राप्त कर रहा है, वह इसी भाव के साथ जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से पूरे हुए हैं। जनता के सहयोग से ही हम प्रदेश के विकास का लक्ष्य प्राप्त कर सके हैं और प्रदेश को एक नई पहचान देने में सफल हुए हैं। युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार की सुविधा ला सकें। अन्नदाता किसानों तथा गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ दे पाए हैं तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े कार्य कर पाए हैं।अब प्रयागराजवासी गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से 07 घण्टे में दिल्ली की यात्रा कर सकते हैं। गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण विश्वस्तरीय तकनीक से किया गया है। इससे यात्रा करना बहुत सरल और सुगम हो गया है। प्रदेश में औद्योगिक गलियारे बन रहे हैं। गंगा जी पर 4-लेन ब्रिज बनाए जाने के लिए 01 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही, विकास के अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं। फाफामऊ में गंगा जी पर बन रहे पुल के लोकार्पण तथा नये 4-लेन ब्रिज के शिलान्यास के लिए हम प्रधानमंत्री जी के प्रयागराज की धरती पर आगमन के लिए प्रयासरत हैं।
प्रयागराज की धरती पर बड़ी-बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाना है। भगवान प्रयागराज, भगवान अक्षयवट, माँ गंगा, भगवान बेणीमाधव की कृपा से प्रयागराज की यह यात्रा अनवरत रूप से आगे बढ़ती रहेगी। इसके लिए प्रयागराज के जनप्रतिनिधियों तथा महापौर के नेतृत्व में नगर निगम की कार्यकारिणी की तैयारियां धरातल पर आगे बढ़ रही हैं। यहां के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आएंगे, सरकार उनमें अपना पूरा सहयोग करेगी। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश से गुण्डागर्दी, भ्रष्टाचार, नियुक्तियों में भाई-भतीजावाद को जड़ से समाप्त किया। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में आज प्रदेश में सरकारी नौकरियों में बिना भेदभाव के पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से, योग्यता के आधार पर नियुक्तियां की जा रही है।
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को बदहाली के अतीत से बाहर निकल कर खुशहाली के दौर में प्रवेश करते हुए देख रहे हैं। यह नया दौर नई सफलताओं, कीर्तिमानों और उपलब्धियों का दौर है। आज उत्तर प्रदेश की समृद्धि प्रत्येक जनपद में दिखायी देती है। डबल इंजन सरकार ने विकास को सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी बनाया है। प्रयागराज के महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश निरन्तर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनके नेतृत्व में प्रयागराज का सर्वांगीण विकास हुआ है। राज्य में कानून का राज है। प्रयागराज पूरे भारत की संस्कृति, परम्पराओं और मान्यताओं का केन्द्र है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रयागराज के गौरव को और आगे बढ़ाने का कार्य जारी रहेगा। इस अवसर पर विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी, दीपक पटेल,पीयूष रंजन निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, विधान परिषद सुरेन्द्र चौधरी, के0पी0 श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 वी0के0 सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
























