ग्लेशियर टूटने से उत्तराखंड में भारी तबाही

उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। वहीं, चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है। 
अपर जिलाधिकारी टिहरी शिव चरण द्विवेदी ने बताया कि धौली नदी में बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

ऋषि गंगा और तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं। वहीं, आपदा के दौरान रैणी  में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त, सीमा पर आवाजाही ठप हो गई है। तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कई मजदूर भी सुरंग में फंसे हैं। वहीं, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने आपदा में मृतकों के परिवार को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की है।

उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने से हाहाकार मच गया है। इस घटना से वैज्ञानिक भी हैरान हैं। वैज्ञानिकों का तर्क है कि सर्दियोंमें ग्लेशियर फटने की यह घटना पहली बार देखी है. वैज्ञानिकों ने इसे असामान्य घटना बताया है।

इसके साथ ही हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। सभी थानों और नदी किनारे बसी आबादी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, श्रीनगर जल विद्युत परियोजना को झील का पानी कम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ताकि अलकनंदा का जल स्तर बढ़ने पर अतिरिक्त पानी छोड़ने में दिक्कत न हो।

चमोली उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है। धौली नदी में बाढ़ आने से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है। ग्लेशियर टूटने के बाद जोशीमण के रेणी में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में तबाही हुई है।


चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि काफी नुकसान की सूचना आ रही है। लेकिन अभी स्थिति स्पष्ट नहीं। टीम मौके पर जा रही है, उसके बाद ही नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी। 

बताया जा रहा है कि ग्लेशियर फटने के बाद बांध क्षतिग्रस्त हुआ। जिससे नदियों में बाढ़ आ गई है। तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। श्रीनगर में प्रशासन ने नदी किनारे बस्तियों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों में जाने की अपील की है। वहीं, नदी में काम कर रहे मजदूरों को भी हटाया जा रहा है।


उत्तराखंड के चमोली में आई आपदा के बाद सरकार राहत और बचाव कार्य में जुट गई है। प्रशासनिक अधिकारी मुश्किल हालात में लोगों की मदद करने के लिए ग्राउंड जीरो पर हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं। कई राज्यों में भी इसके असर को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। चमोली से लेकर ऋषिकेश और हरिद्वार में अलर्ट जारी किया गया है। चमोली और हरिद्वार में नदी किनारे रहने वाले लोगों को वहां से हटाने का निर्देश दिया गया है।

उधर, बाढ़ के बाद अब धौली नदी का जल स्तर पूरी तक रूका हुआ है। स्टेट कंट्रोल रूम के अनुसार, गढ़वाल की नदियों में पानी ज्यादा बढ़ा हुआ है। करंट लगने से कई लोग लापता बताए जा रहे है।

सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर :- ग्लेशियर फटने की घटना के बाद सरकार लोगों की मदद के लिए पूरी तरह जुट गई है। कई टीमों को प्रभावित स्थानों पर भेजा गया है। आईटीबीपी की दो टीमें मौके पर पहुंची हैं। एनडीआरएफ की तीन टीमें देहरादून से रवाना की गई हैं और तीन अतिरिक्त टीमें शाम तक वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से वहां पहुंचेंगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं, आपको किसी तरह की मदद की जरूरत है तो आपदा परिचालन केंद्र के नंबर 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें। लोगों की हरसंभव मदद की जाएगी।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तराखण्ड के चमोली में ग्लेशियर टूटने से आयी आपदा में हुई जनहानि पर गहरा दुःख प्रकट किया है। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में हम सभी पूरी तरह उत्तराखण्ड और पीड़ितों के साथ खड़े है।
श्री यादव ने कहा कि उत्तराखण्ड त्रासदी में जो लोग फंसे हुए है, उनको बचाना एवं जो लापता हैं उनकी तत्काल खोज करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। अखिलेश यादव ने उत्तराखण्ड में समाजवादी पार्टी के सभी पदाधिकारियों से अपील की है कि वे आगे आकर प्रभावित लोगों और राहतकार्य में लगे बचाव दल की हर सम्भव मदद करें।

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