उत्तर प्रदेश के दर्जनों जेल अनाथ

एक दर्जन जेल में अधीक्षक नहीं, एक जेल पर दो अधीक्षक जेल मुख्यालय व शासन का अजब-गजब कारनामा। प्रोन्नत अधीक्षक के तबादला करना भूल गए अफसर का मामला।

कुमार राकेश

लखनऊ। प्रोन्नत अधीक्षक का तबादला करने की भूल के मामले में कारागार मुख्यालय ने एक बार फिर अजब-गजब निर्णय लिया है। मुख्यालय अफसरों ने गाजीपुर से जेल प्रशिक्षण संस्थान (जेटीएस) में लगाई ड्यूटी को निरस्त करते हुए उन्हें वापस गाजीपुर जेल भेज दिया। दिलचस्प बात तो यह है कि प्रोन्नत पाए अधीक्षक को गाजीपुर जेल में पहले से अधीक्षक तैनात है। प्रदेश की करीब एक दर्जन जेलों में अधीक्षक नहीं होने के बाद प्रोन्नति अधीक्षक के वहां पहुंचने के बाद गाजीपुर जेल में दो अधीक्षक हो गए है। विभागीय अफसरों में एक दर्जन जेल अधीक्षक विहीन होने के बाद एक जेल पर दो अधीक्षक तैनात होने को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।


बीते फरवरी माह में कारागार विभाग के आधा दर्जन जेलर को प्रोन्नत देकर अधीक्षक बनाया गया था। नैनी में तैनात धर्मपाल सिंह प्रोन्नत होने के बाद ही सेवानिवृत हो गए। प्रोन्नत हुए पांच जेल अधीक्षक के तबादले किए जाने थे। सूत्रों के मुृताबिक जेेल मुख्यालय ने स्थानांतरण सत्र के दौरान पांच अधीक्षक के बजाए चार अधीक्षक रामशिरोमणी यादव, पीके त्रिपाठी, भोला नाथ मिश्रा व रमाकांत दोहरे के तबादले का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। अफसर प्रोन्नत अधीक्षक शिव कुमार यादव का प्रस्ताव भेजना ही भूल गए। दो बार विभागाध्यक्ष से मिलने के बाद उन्हें जेटीएस ड्यूटी के लिए भेज दिया। मामले का खुलासा होने पर मुख्यालय के अफसरों ने खामियों को छिपाने के लिए आनन-फानन में जेटीएस से गाजीपुर वापस भेज दिया।


सुत्रों का कहना है कि प्रदेश की केंद्रीय कारागार आगरा, फतेहगढ़, वाराणसी, आदर्श कारागार लखनऊ के अलावा जिला कारागार बांदा, मिर्जापुृर, इटावा, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, मऊ, नारी बंदी निकेतन महिला जेल लखनऊ समेत अन्य कई जेलों में अधीक्षक का प्रभार जेलर संभाल रहे है। विभागीय अफसरों में चर्चा है कि अधीक्षकविहीन जेेलें होने के बावजूद प्रोन्नत अधीक्षक को उसे जेेल में भेज दिया गया जहां पहले से अधीक्षक तैनात है। एक जेल में दो अधीक्षक व कई जेल जेलर के भरोस चल रही है। उधर इस सम्बंध में डीआईजी जेल मुख्यालय शैलेंद्र मैत्रेय ने प्रोन्नत अधीक्षक को गाजीपुर वापस भेजे जाने की पुष्टिï करने हुए कहा कि प्रस्ताव सभी का भेजा गया था। मालूम हो कि प्रोन्नत इस अफसर को 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त होना है।

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