- मुख्यमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान भवन के समक्ष आयोजित समारोह में ध्वजारोहण तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया।
- स्वतंत्रता दिवस महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों, क्रान्तिकारियों और वीर सैनिकों के स्मरण करने एवं उनकी स्मृतियों को नमन करने का अवसर।
- प्रदेश के हर अन्नदाता किसान के खेत में समृद्धि हो, हर बेटी के सपने को उड़ान मिले, हर गांव में विकास की रोशनी हो और हर नागरिक के जीवन में सम्मान हो, यही डबल इंजन सरकार का संकल्प।
- स्वाधीनता हमें विरासत में मिली, लेकिन विकसित भारत का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी।
- विकसित भारत तब होगा, जब विकसित उ0प्र0 के लिए सभी सामूहिक रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
- आजादी की लड़ाई उ0प्र0 के बगैर अधूरी, प्रदेश के अनेक क्रान्तिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
- मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस बल के स्पेशल टास्क फोर्स के जाबाज़ इंस्पेक्टर शहीद सुनील कुमार के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का स्मरण किया।
- विगत 09 वर्षों में उ0प्र0 में सभी असमानताओं, पिछड़ेपन, गरीबी और अशिक्षा को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गये।
- उ0प्र0 में जेन-जी और जेन-अल्फा के लिए ए0आई0, मशीन लर्निंग, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, मेडटेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से कार्य को आगे बढ़ाया गया, इससे निवेश, नवाचार और एम्प्लॉयमेंट के नए-नए द्वार खुल रहे।
- हमारा संकल्प कि हर युवा के हाथ में स्किल, इनोवेशन और एम्प्लॉयमेंट हो, इसके दृष्टिगत उ0प्र0 सरकार एक नई यूथ पॉलिसी शीघ्र लेकर आ रही।
- यूथ पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश के युवा को इन्टीग्रेटेड एप्रोच के साथ उनके स्किल, इनोवेशन एवं एम्प्लॉयमेन्ट को और अधिक मजबूती प्रदान करने में सफलता प्राप्त होगी।
- उ0प्र0 एक्सप्रेस-वे से एयरपोर्ट तक, डिजिटल इण्डिया से आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस तक, कृषि से उद्योग की यात्रा में युवा शक्ति से स्टार्टअप शक्ति तक, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग से लेकर डीप टेक तक विकास के नित नए कीर्तिमान स्थापित।
- अब उ0प्र0 ‘उपद्रव प्रदेश’ से बदल कर ‘उत्सव प्रदेश’ बना, यह सुशासन के एक नये मॉडल की तरफ आगे बढ़ा।
- विगत 09 वर्षों उ0प्र0 का बजट तथा प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी।
- उ0प्र0 वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं, बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन, वन डिवीजन वन स्टेट यूनिवर्सिटी, वन डिवीजन वन अटल आवासीय विद्यालय तथा वन डिवीजन वन फॉरेन्सिक लैब की दिशा में मजबूती के साथ आगे बढ़ा।
- उ0प्र0 इन्वेस्टमेंट के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित, 75 हजार एकड़ से अधिक का डेडिकेटेड लैण्ड बैंक, बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 56 हजार एकड़ में फ्यूचर रेडी टाउनशिप।
- सुशासन के मॉडल के परिणामस्वरूप उ0प्र0 को 50 लाख करोड़ रु0 से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त।
- शिक्षक राष्ट्र निर्माण की पहली पंक्ति का योद्धा, प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शैक्षणिक कर्मचारियों और उनके परिवार जनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की।
- प्रदेश में 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता प्राप्त हुई।
- आज प्रदेश की महिलाएं तथा बहन-बेटियां स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही, बी0सी0 सखी, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी आदि के माध्यम से प्रदेश के विकास में भागीदार बन रही।
- विगत 09 वर्षां में प्रदेश सरकार ने नारी शक्ति को उचित सम्मान दिलाते हुए असुरक्षा से आजादी दिलाई, हमारा लक्ष्य आधी आबादी को समाज के प्रत्येक प्रारूप में भागीदारी देना।
- प्रदेश सरकार ने अन्नदाता किसानों को बिचौलियों के शोषण, अवसरों के अभाव, सिंचाई की कमी तथा गन्ना किसानों के दशकों से लम्बित भुगतान की समस्या का समाधान किया।
लखनऊ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर अन्नदाता किसान के खेत में समृद्धि हो, हर बेटी के सपने को उड़ान मिले, हर गांव में विकास की रोशनी हो और हर नागरिक के जीवन में सम्मान हो, यही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। हमारे स्वाधीनता सेनानियों ने हमें आजादी दिलायी है। अब वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि भारत को समृद्ध, सामर्थ्य और स्वाभिमान की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। स्वाधीनता हमें विरासत में मिली, लेकिन विकसित भारत का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। विकसित भारत तब होगा, जब विकसित उत्तर प्रदेश के लिए सभी सामूहिक रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। विकसित भारत का सपना साकार करने की दिशा में जब 25 करोड़ की आबादी वाला राज्य एक साथ, एक स्वर में, एक साथ चलता दिखाई देगा, तभी स्वाधीनता संग्राम सेनानियों और वीर सैनिकों के योगदान और बलिदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री जी 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज यहां विधान भवन के समक्ष आयोजित समारोह में ध्वजारोहण करने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। ध्वजारोहण के पूर्व राष्ट्रगीत एवं पश्चात राष्ट्रगान का वादन हुआ। कार्यक्रम में 32वीं एवं 35वीं वाहिनी पी0ए0सी0 तथा मिलिट्री बैण्ड ने अनुशासित एवं आकर्षक प्रस्तुति ने समारोह की गरिमा बढ़ायी। समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये। इसमें उत्तर प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ,़ गुजरात तथा बिहार के कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी गयीं। संस्कृति विभाग के ओर से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को केन्द्र में रखते हुए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी। मुख्यमंत्री जी ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने तिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े।
मुख्यमंत्री जी ने शौर्य चक्र से अलंकृत शहीद ले0 हरी सिंह बिष्ट व ले0 कर्नल अमित मोहिन्द्रा के परिजन तथा कर्नल भरत सिंह को सम्मानित किया। उन्होंने वीर चक्र से अलंकृत शहीद नायक राजा सिंह, ऑपरेशन विजय के वीर नायक शहीद मेजर रितेश शर्मा, शहीद एन0सी0 पुताली (वायु सेना), शहीद नायक अरुण कुमार त्रिपाठी, शहीद ले0 कमाण्डर रजनीकान्त यादव, शहीद राजवीर सिंह, सिग्नल मैन शहीद हर्षवर्धन सिंह तथा सेना मेडल से अलंकृत शहीद हवलदार पंकज सिंह, ले0 कर्नल प्रभांशु सिंह, शहीद रक्षाराम, शहीद दिवाकर तिवारी तथा लांसनायक शहीद बचान सिंह के परिजन को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का यह पावन पर्व सत्य और अहिंसा के साधक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, भारत के संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर, भारत के प्रथम राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद सहित भारत माता के महान स्वाधीनता संग्राम सेनानियों, क्रान्तिकारियों और वीर सैनिकों के स्मरण करने एवं उनकी स्मृतियों को नमन करने का अवसर है। उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया और स्वाधीन भारत को एक सुरक्षित माहौल देकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ बनाने की दिशा में निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी की लड़ाई उत्तर प्रदेश के बगैर अधूरी समझी जाएगी। प्रदेश में मंगल पाण्डे से लेकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना अवंती बाई लोधी, झलकारी बाई कोरी, वीरांगना ऊदा देवी पासी, चन्द्रशेखर आजाद, पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, ठा0 रोशन सिंह, तात्या टोपे, धन सिंह कोतवाल जैसे अनेक क्रान्तिकारियों की एक लम्बी श्रृंखला है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उत्तर प्रदेश की धरती में स्वाधीनता के बिगुल को प्रथम स्वातंत्र्य समर के रूप में पूरब से पश्चिम तक प्रत्येक जनपद तक पहुंचाने का कार्य इन महान क्रान्तिकारियों और स्वाधीनता संग्राम सेनानियों ने आगे बढ़ाया था, जिसकी परिणति 15 अगस्त, 1947 को भारत की स्वाधीनता के रूप में हम सभी को देखने को मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने आप को बलिदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ऐसे ही वीर सपूत उत्तर प्रदेश पुलिस बल के स्पेशल टास्क फोर्स के जाबाज़ इंस्पेक्टर शहीद सुनील कुमार थे, जिन्होंने शामली में कुख्यात अपराधियों के साथ मुठभेड़ करते हुए चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराने में सफलता प्राप्त की। लेकिन आमने-सामने की मुठभेड़ में वे गम्भीर रूप से घायल हुए और अंततः वीरगति को प्राप्त किया। इंस्पेक्टर सुनील कुमार के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रत्येक उस जवान के शौर्य, कर्तव्य, निष्ठा और बलिदान का एक राष्ट्रीय सम्मान है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ लगे और डटे हुए हैं। स्वाधीनता दिवस के अवसर पर उन्होंने शहीद सुनील कुमार को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 1947 में हमारे पूर्वजों तथा महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजादी दिलाई। परन्तु आजादी की कीमत विभाजन की त्रासदी के रूप में देश को चुकानी पड़ी थी। हमें आजादी तो मिली, लेकिन आजादी के साथ ही अशिक्षा, असमानता, अराजकता, असुरक्षा, गरीबी, पिछड़ापन, पलायन, जातिवाद, छुआछूत, अस्पृश्यता और तुष्टिकरण की समस्या भी इस देश को देकर गई। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में इन सभी असमानताओं, पिछड़ेपन, गरीबी और अशिक्षा को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं, जिसका परिणाम आज दिखाई दे रहा है। अब बदलते हुए भारत के साथ उत्तर प्रदेश रुक नहीं सकता। उत्तर प्रदेश ने भी उस परिवर्तन में स्वयं को शामिल किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम अपने डेमोक्रेटिक डिविडेंड को डेवलपमेंट इंजन के रूप में बदल रहे हैं। जेन-जी और जेन-अल्फा के लिए ए0आई0, मशीन लर्निंग, सेमीकण्डक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर, रोबोटिक, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, मेडटेक जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में तेजी के साथ कार्य आगे बढ़ाया गया है। इससे निवेश, नवाचार और एम्प्लॉयमेंट के नए-नए द्वार खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के लिए ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर स्पोर्ट्स कॉलेज, प्रत्येक जिले में स्टेडियम, प्रत्येक ब्लॉक में मिनी स्टेडियम, प्रत्येक गांव में खेल का मैदान और ओपन जिम का निर्माण कराया जा रहा है।
आज उत्तर प्रदेश का युवा पलायन की समस्या से मुक्त हो चुका है। साथ ही, हमारा संकल्प है हर युवा के हाथ में स्किल, इनोवेशन और एम्प्लॉयमेंट हो। इसी संकल्प को और अधिक गति प्रदान करते हुए, आपकी क्षमता का सही उपयोग करने के लिए, आपकी सम्भावनाओं को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक नई यूथ पॉलिसी बहुत शीघ्र लेकर आ रही है। आज इसकी घोषणा करते हुए उन्हें प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। यूथ पॉलिसी के माध्यम से प्रदेश के युवा को एक इन्टीग्रेटेड एप्रोच के साथ उनके स्किल, इनोवेशन एवं एम्प्लॉयमेन्ट को और अधिक मजबूती प्रदान करने में सफलता प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज विश्व के सामने भारत एक नई शक्ति के रूप में एक नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। उत्तर प्रदेश ने भी विरासत और विकास के बेहतरीन समन्वय के माध्यम से अपनी इस यात्रा को नई ऊंचाइयां प्रदान करना प्रारम्भ किया है। एक्सप्रेस-वे से एयरपोर्ट तक, डिजिटल इण्डिया से आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस तक, कृषि से उद्योग की इस यात्रा में युवा शक्ति से स्टार्टअप शक्ति तक, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग से लेकर डीप टेक तक प्रदेश ने विकास के नित नए कीर्तिमान स्थापित करने प्रारम्भ किए हैं। उत्तर प्रदेश आज केवल बदल नहीं रहा, बल्कि देश के अंदर बदलाव की दिशा को भी तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन प्रदेश को सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र के साथ नित नई ऊंचाइयों की ओर स्थापित करने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कानून व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार के साथ अब प्रदेश उत्तर प्रदेश ‘उपद्रव प्रदेश’ से बदल कर ‘उत्सव प्रदेश’ बना है। उत्तर प्रदेश अब सुशासन के एक नये मॉडल की तरफ आगे बढ़ा है, जहां पर अब कोई बीमारू राज्य के रूप में यू0पी0 की गिनती नहीं करता, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में उत्तर प्रदेश की गिनती होती है। विगत 09 वर्षों उत्तर प्रदेश का बजट तीन गुना बढ़ा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाने में सफलता प्राप्त हुई है। उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति तीन गुना बढ़ी है। साथ ही, वीमेन वर्क फोर्स का योगदान भी तीन गुना बढ़ा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं, बल्कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज, वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन, वन डिवीजन वन स्टेट यूनिवर्सिटी, वन डिवीजन वन अटल आवासीय विद्यालय तथा वन डिवीजन वन फॉरेन्सिक लैब की दिशा में मजबूती के साथ आगे बढ़ा है। पॉलिसी पैरालिसिस को समाप्त करते हुए उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हुआ है। आज प्रदेश में 36 सेक्टोरल पॉलिसीज हैं। 75,000 एकड़ से अधिक का डेडिकेटेड लैण्ड बैंक है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में फ्यूचर रेडी टाउनशिप बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्ष में सुशासन के मॉडल का परिणाम है कि 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। इनके माध्यम से 65 लाख से अधिक युवाओं को अपने ही जनपद और क्षेत्र में नौकरी और रोजगार की सम्भावनाएं आगे बढ़ी हैं। पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से विगत 09 वर्षों में प्रदेश के 09 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलीं। राज्य सरकार ने नकल माफिया तथा भर्ती माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त 04 करोड़ से अधिक रोजगार और स्वतः रोजगार का सृजन हुआ। प्रदेश में बड़े उद्योगों की संख्या ढाई गुना बढ़ी। 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट, 32,000 से अधिक बड़े उद्योग और 22,000 से अधिक स्टार्टअप प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आज गति प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, स्टार्टअप, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल, एग्रीटेक, फिनटेक, डीपटेक, मेडटेक जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इनके माध्यम से युवाओं के लिए निवेश, नवाचार और रोजगार के नए-नए द्वार प्रदेश में खुल रहे हैं। सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस और एस0टी0पी0आई0 जैसे संस्थानों के माध्यम से युवाओं को एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में 19 बुनियादी सुविधाओं का संतृप्तीकरण हुआ है। सी0एम0 अभ्युदय विद्यालय, पी0एम0 श्री विद्यालय और सी0एम0 कम्पोजिट विद्यालय एक मॉडल बने हैं। उत्तर प्रदेश में स्कूल ड्रॉप आउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गई है। इंसेफेलाइटिस जैसी संचारी बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। प्रदेश में 10 करोड़ आयुष्मान भारत से जुड़े हुए लाभार्थियों को 05 लाख प्रतिवर्ष स्वास्थ्य सुविधा का कवर प्राप्त हो रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की पहली पंक्ति का योद्धा है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार ने शिक्षकों, शैक्षणिक कर्मचारियों और उनके परिवार जनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की है। विगत 09 वर्षों में हमने शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया को उचित मानदेय का लाभ पहुंचाते हुए उन्हें उनकी चिंता से मुक्ति दिलाई है। जब एक शिक्षक स्वास्थ्य की चिंता से मुक्त होगा, तो और अधिक ऊर्जा के साथ हमारी युवा शक्ति के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में अपना योगदान देगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लाभार्थियों के बैंक खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से लाभ पहुंचाकर बिचौलियों से मुक्ति दिलाने का कार्य किया गया है। विगत 09 वर्ष में 65 लाख से अधिक परिवारों को एक-एक आवास उपलब्ध हुआ है। 03 करोड़ से अधिक गरीबों के घर में शौचालय की सुविधा उपलब्ध हुई है। 02 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को निःशुल्क रसोई गैस के कनेक्शन, 10 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य का लाभ और 16 करोड़ जरूरतमंदों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध करवाने का कार्य निरन्तर संचालित है। साथ ही, वनटांगिया, मुसहर, थारू, चेरो, कोल, सहरिया, बुक्सा जैसी जनजातियांं को शासन की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं से संतृप्तीकरण कराने का कार्य तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश की सभी 57,600 से अधिक ग्राम पंचायतों को ग्राम सचिवालय के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है। प्रदेश में 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाने में सफलता प्राप्त हुई है। जब अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक उसका अधिकार पहुंच जाए, यही अन्त्योदय है और उस अन्त्योदय के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में जब कोई सरकार कदम बढ़ाती है, तो वास्तव में उस गरीब के लिए यही स्वाधीनता का पूर्ण अर्थ होता है। आज प्रदेश की महिलाएं तथा बहन-बेटियां स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। वह उद्यम तथा स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं। साथ ही, बैंकिंग व्यवस्था से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन जैसी तकनीक का उपयोग कर खेती-बाड़ी के कार्य को और आसान बना रही हैं। बी0सी0 सखी, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनियां, एफ0पी0ओ0 आदि के माध्यम से प्रदेश की नारी शक्ति प्रदेश के विकास में भागीदार बन रही है। प्रदेश की महिलाएं तथा बहन-बेटियां इन सभी कार्यां के माध्यम से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम की ओर अग्रसर कर रही हैं।
पी0एम0 मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान को नई गति मिली है। प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के कारण हमारी बहन और बेटियां अब कभी भी बाजार तथा पढ़ाई के लिए अकेले जा सकती हैं। अपने कार्य से घर लौट सकती हैं और सपनों को पूरा कर सकती हैं। विगत 09 वर्षां में प्रदेश सरकार ने नारी शक्ति को उचित सम्मान दिलाते हुए असुरक्षा से आजादी दिलाई है। प्रदेश में मिशन शक्ति के पांच चरणों को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ है। आज उत्तर प्रदेश के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केन्द्र है। प्रदेश सरकार इन केन्द्रों के माध्यम से बहन और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन को सुरक्षित कर रही है। 17 नगर निगमों और गौतमबुद्धनगर सहित 18 सिटी आज सेफ सिटी परियोजना के साथ जुड़ें हैं। स्टार्टअप में 50 प्रतिशत सहभागिता महिलाओं की है। पंचायत में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ा है। पुलिस में उनके प्रतिनिधित्व को मजबूती के साथ बढ़ाने का कार्य हुआ है। हमारा लक्ष्य आधी आबादी को समाज के प्रत्येक प्रारूप में भागीदारी देना है। उस राह पर हम अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसान का सम्मान भारत के अन्न का सम्मान है। आज किसान को योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में मिल रहा है। प्रदेश के अन्नदाता किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिल रही है। उन्हें गन्ने का उचित मूल्य का भुगतान समय पर दिया जा रहा है, बीज और खाद मिल रहा है, नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है, स्टोरेज और प्रोसेसिंग की सुविधा मिल रही है तथा कृषि को बाजार से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत 03 करोड़ से अधिक किसानों को 01 लाख 04 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान उनके स्वयं के बैंक खाते में हुआ है। विगत 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने अन्नदाता किसानों को बिचौलियों के शोषण, अवसरों के अभाव, सिंचाई की कमी तथा गन्ना किसानों के दशकों से लम्बित भुगतान की समस्या का समाधान किया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत प्रभावित अन्नदाता किसानों को सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी गई है। 16 लाख निजी नलकूप संचालित करने वाले अन्नदाता किसानों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन और विद्युत सुविधा उपलब्ध करायी गई है। इसी का परिणाम है कि विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 08 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंची है। यह केवल आंकड़ों का परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रदेश के आत्मविश्वास में आए परिवर्तन का परिणाम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम एक ऐसा उत्तर प्रदेश बना रहे हैं, जहां पर विरासत है, भविष्य की तकनीक, संस्कृतियों पर गौरव होगा और आधुनिकता की गति भी, जहां परम्पराओं की जड़ें मजबूत होंगी और विकास के पंख आसमान छूते हुए दिखाई देंगे। उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत युवा शक्ति है। हमारा युवा प्रतिभावान एवं परिश्रमी है। देश और समाज के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति से भरपूर है। प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा में ही प्रदेश की शक्ति निहित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज अयोध्या, काशी, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज, विन्ध्याचल, चित्रकूट, शुकतीर्थ, सम्भल, बरेली, नैमिषारण्य पावन तीर्थों, भगवान बुद्ध से जुड़े कपिलवस्तु, सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कौशाम्बी, संकिसा आदि विरासत स्थलों, जैन तीर्थंकरों से जुड़े स्थलों, संत कबीरदास, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि सहित अन्य सामाजिक न्याय के पुरोधाओं के सम्मान तथा विरासत के संरक्षण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर सृजित हो रहे हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में 156 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तर प्रदेश में आये हैं। बांदा जिले में विन्ध्य पर्वतमाला की पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक प्राचीन अजय कालिंजर का किला इस वर्ष गणतंत्र दिवस झांकी का हिस्सा रहा है। हाल ही में सारनाथ यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल हुआ है। अयोध्या सहित प्रदेश के 16 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान’ के अन्तर्गत एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का कार्य उत्तर प्रदेश की जनता-जनार्दन ने अपनी युवा शक्ति के बल पर पूरा किया है। ‘एक जनपद एक नदी योजना’ के अन्तर्गत नदियों का पुनरुद्धार कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से लुप्तप्राय और सूखी छोटी नदियों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।



