कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं जारी रखे

  • मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिये।
  • देश के अनेक राज्यों में कोरोना के नये वैरिएंट डेल्टा प्लस से संक्रमित मरीज पाये जाने के दृष्टिगत प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती जाए।
  • डेल्टा प्लस वैरिएंट के सम्बन्ध में विभिन्न राज्यों के फीडबैक का अध्ययन किया जाए, चिकित्सा विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप अविलम्ब सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
  • प्रदेश में जीनोम सिक्वंेसिंग की सुविधा को लगातार सुदृढ़ किया जाए।
  • बी0एच0यू0, वाराणसी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, सी0डी0आर0आई0, लखनऊ तथा आई0जी0आई0बी0, दिल्ली के सहयोग से जीनोम परीक्षण कराया जा रहा।
  • पिछले 24 घण्टों में कुल 2,63,033 कोरोना टेस्ट किये गये, राज्य में अब तक 05 करोड़ 73 लाख 48 हजार 462 कोविड टेस्ट सम्पन्न।
  • प्रदेश में 11 नई आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्टिंग लैब का संचालन प्रारम्भ करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जाएं।
  • इन प्रयोगशालाओं के क्रियाशील हो जाने पर प्रदेश के 45 जनपदों में आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्टिंग लैब कार्यशील हो जाएंगी।
  • कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किया जाए।
  • संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आगामी 01 जुलाई से प्रदेशव्यापी अभियान प्रारम्भ हो रहा, प्रत्येक जनपद मंे  अन्तर्विभागीय समन्वय से अभियान को संचालित किया जाए।
  • स्वच्छता सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश।
  • पीकू तथा नीकू के स्थापना कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।
  • विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में  5900 से अधिक पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 बेड स्थापित।
  • सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक मेडिकल उपकरण क्रियाशील अवस्था में रहने चाहिए, स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता रहे।
  • प्रदेश में 118 ऑक्सीजन प्लाण्ट क्रियाशील।
  • गो-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए।
  • पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गो-आश्रय स्थलों का सघन निरीक्षण किया जाए।

  लखनऊ। कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि देश के अनेक राज्यों में कोरोना के नये वैरिएंट डेल्टा प्लस से संक्रमित मरीज पाये जाने के दृष्टिगत प्रदेश में विशेष सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के सम्बन्ध में विभिन्न राज्यों के फीडबैक का अध्ययन किया जाए। चिकित्सा विशेषज्ञों के परामर्श के अनुरूप अविलम्ब सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

कोरोना वायरस का गहन अध्ययन करने के लिए प्रदेश में जीनोम सिक्वंेसिंग की सुविधा को लगातार सुदृढ़ किया जाए। इससे डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचाव एवं उपचार का बेहतर प्रबन्धन करने में मदद मिलेगी। बैठक में अवगत कराया गया कि बी0एच0यू0, वाराणसी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, सी0डी0आर0आई0, लखनऊ तथा आई0जी0आई0बी0, दिल्ली के सहयोग से जीनोम परीक्षण कराया जा रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 190 नए मामले प्रकाश में आए हैं। इसी अवधि में 261 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 3,046 है।
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में कुल 2,63,033 कोरोना टेस्ट किये गये हैं। राज्य में अब तक 05 करोड़ 73 लाख 48 हजार 462 कोविड टेस्ट किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर 98.5 प्रतिशत है।

कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने में टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रदेश में 11 नई आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्टिंग लैब का संचालन प्रारम्भ करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तेजी से पूरी की जाएं। बैठक में अवगत कराया गया कि इन प्रयोगशालाओं के क्रियाशील हो जाने पर प्रदेश के 45 जनपदों में आर0टी0पी0सी0आर0 टेस्टिंग लैब कार्यशील हो जाएंगी।

कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए। इसके लिए पुलिस द्वारा नियमित पेट्रोलिंग की जाए।

संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आगामी 01 जुलाई से प्रदेशव्यापी अभियान प्रारम्भ हो रहा है। इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार, डायरिया आदि संचारी रोगों की प्रभावी रोकथाम के लिए प्रत्येक जनपद मंे अन्तर्विभागीय समन्वय से अभियान को संचालित किया जाए। उन्होंने स्वच्छता सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिये।

पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा निओनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) के स्थापना कार्य को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इस कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए नियमित माॅनिटरिंग की जाए। बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रदेश के विभिन्न मेडिकल काॅलेजों में  5900 से अधिक पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 बेड स्थापित हो गये हैं। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सालयों में भी पीकू तथा नीकू स्थापना की कार्यवाही तेज गति से जारी है।

सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक मेडिकल उपकरण क्रियाशील अवस्था में रहने चाहिए। स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता रहे। स्वास्थ्य केन्द्रों की साफ-सफाई एवं रंगाई पुताई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

राज्य में निर्माणाधीन आॅक्सीजन संयंत्रों की प्रगति के सम्बन्ध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्हें अवगत कराया गया कि आॅक्सीजन संयंत्रांे की स्थापना की कार्यवाही तेजी से चल रही है। इन कार्यों की विभिन्न स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में 118 आॅक्सीजन प्लाण्ट क्रियाशील हो गये हैं। राज्य में आॅक्सीजन की पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्धता है।

कहा कि गो-आश्रय स्थलों को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। गायों के लिए चारे, पेयजल आदि आवश्यक व्यवस्था बनी रहे। हरा चारा एवं चोकर भी दिया जाए। निराश्रित गोवंश की उचित ढंग से देखभाल की जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गो-आश्रय स्थलों का सघन निरीक्षण किया जाए।

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