राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित वादों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश।
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में लंबित राजस्व वादों, सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व कार्यों की प्रगति तथा विभिन्न न्यायिक प्रकरणों के निस्तारण की तहसीलवार समीक्षा की गई।
गांव समाज की भूमि से संबंधित मामलों की नियमित समीक्षा के निर्देश
बैठक में अधिवक्ताओं से गांव समाज की भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित न्यायिक कार्रवाई की स्थिति की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में की गई कार्रवाई की बिंदुवार आख्या प्रत्येक सप्ताह समय से उपलब्ध कराई जाए।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आख्या केवल औपचारिक न हो, बल्कि संस्तुति सहित संबंधित अभिलेखों के साथ प्रस्तुत की जाए, जिससे प्रकरणों की प्रभावी समीक्षा एवं आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। मुख्य राजस्व अधिकारी को इन प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
पुराने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश
सीएम डैशबोर्ड पर राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने भू-आवंटन, पट्टा, संशोधन एवं नाम संशोधन से संबंधित लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। धारा-33, धारा-34 एवं धारा-166 से संबंधित लंबित वादों की भी तहसीलवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने 5 वर्ष से अधिक पुराने तथा 5 वर्ष एवं 3 वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों के निस्तारण में विशेष तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्तापूर्ण आदेश पारित करते हुए न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लंबित वादों के निस्तारण के साथ-साथ नए प्राप्त होने वाले प्रकरणों पर भी तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निस्तारित किया जाए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आदित्य विक्रम अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (भू) कौशल, नगर मजिस्ट्रेट संजीव उपाध्याय सहित सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।



