समय सीमा में अमूल प्लांट को तैयार करें-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अमूल डेयरी प्लांट, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट व अक्षय पात्र मेगा किचेन का किया निरीक्षणमुख्य सचिव ने पौधारोपण कर पर्यावरण का दिया संदेशसमयबद्ध तरीके से कार्य कर निर्धारित समय सीमा में अमूल प्लांट को तैयार करने के लिये अधिकारियों को दिया निर्देशअमूल प्लांट के बनने से वाराणसी और आसपास के लाखों किसानों को होगा फायदाअक्षय पात्र मेगा किचन के निरीक्षण के दौरान प्राइमरी स्कूल के बच्चों से मिलकर काफी प्रभावित हुएबच्चों ने संस्कृत में श्लोक सुनाया, जिससे प्रभावित हो मुख्य सचिव ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए 1100 रुपये का दिया पुरूस्कार

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र रविवार को डीजीपी श्री देवेंद्र सिंह चौहान के साथ वाराणसी आये। राजकीय वायुयान से लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने के बाद वहीं से वे सड़क मार्ग से करखियाव स्थित बनास काशी संकुल पहुंचे और 500 करोड़ की रुपये लागत से निर्माणाधीन अमूल प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण का संदेश भी दिया।

     मुख्य सचिव ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कार्य प्रगति के बारे में जानकारी लेने के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करने के बाबत अमूल के अधिकारियों को निर्देश दिया। पौधरोपण बाद अमूल प्लांट के ठीक सामने स्थित एग्रो पार्क के बारे में जानकारी ली। वही प्लांट के ठीक बगल में खाली व घास फूंस वाली जगह की साफ-सफाई करने का निर्देश दिया। बताते चलें कि गत वर्ष 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करखियांव में बनास काशी संकुल (अमूल प्लांट) की आधारशिला रखी गयी थी। यह प्लांट वाराणसी ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के लिए कई मायनों में उपयोगी साबित होगा। एक ओर जहां इस प्लांट से 50 किलोमीटर तक के गांव जुड़ जाएंगे। वहीं प्लांट के शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से गांवों में दुग्ध कलेक्शन सेंटर भी खोले जाएंगे। हर गांव में दूध समिति बनाए जाने के साथ ही इस परियोजना में दूध के अलावा आइसक्रीम, पनीर, खोवा, मक्खन का भी उत्पादन होगा। निश्चित रूप से जब यह प्लांट जब तैयार हो जाएगा, तो पूरे वाराणसी और आसपास के लाखों किसानों को फायदा होगा।

      मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र अराजीलाइन विकासखंड के शाहंशाहपुर स्थित राजकीय कृषि एवं पशुधन प्रक्षेत्र तथा लगभग 23 करोड़ रुपये धनराशि से बने कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का भी निरीक्षण किया और पूरी क्षमता से इसे संचालित किए जाने हेतु मौके पर उपस्थित प्लांट के अधिकारियों को निर्देशित किया। गौरतलब है कि इस कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट में प्रतिदिन लगभग 90 टन गोबर को प्रसंस्करण करने की क्षमता है। इससे प्रतिदिन ढाई टन कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) का उत्पादन होता है। इसके अलावा ठोस खाद के रूप में 30 टन और तरल खाद के रूप में 40 टन का उत्पादन किया जा रहा है। इससे जैविक खेती को जहां बढ़ावा मिल रहा है, तो वहीं पशुपालकों के पशुओं का गोबर बिक्री का अवसर भी मिल रहा है।

    मुख्य सचिव ने अर्दलीबाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर में 13.91 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अक्षय पात्र मेगा किचन का निरीक्षण किया। इस दौरान वे प्राइमरी स्कूल के बच्चों से मिलकर काफी प्रभावित हुए। बच्चों ने संस्कृत में श्लोक सुनाया, जिससे प्रभावित हो मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए 1100 रुपये का पुरूस्कार दिया। ममता पटेल ने संस्कृत में श्लोक पढ़कर मुख्य सचिव का स्वागत किया।निरीक्षण के दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल,एडीजी,आईजी के0सत्यनारायण, पुलिस कमिश्नर ए0सतीश गणेश, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी,अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री नीरज कुमार पांडेय,अमूल प्लांट के स्थानीय प्लांट मैनेजर व सिविल इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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