कोविड-19 की चेन तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश

कोविड-19 प्रबंधन हेतु गठित टीम-09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देश

● कोविड की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी के क्रम में मानव संसाधन का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। नोएडा और लखनऊ में आज से मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण प्रारम्भ हो रहा है। इसी तरह, 01 जून से पीडियाट्रिक केयर ट्रेनिंग भी शुरू हो रही है। यह कार्य यथाशीघ्र पूरा कर लिया जाए।

● बरसात के मौसम को देखते बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के बेहतर इंतज़ाम किये जा रहे हैं। कोरोना मरीजों की तर्ज पर अब बच्चों की विभिन्न बीमारियों के त्वरित उपचार हेतु घर-घर दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बच्चों के मेडिकल किट वितरण की तैयारी यथाशीघ्र पूरी कर, अलगे पखवारे से वितरण प्रारंभ कर दिया जाए।

● ब्लैक फंगस के मरीजों के समुचित उपचार की व्यवस्था की गई है। इसकी सतत मॉनीटरिंग की जाए। दवाओं की उपलब्धता बनी रहे। जिस प्रकार सीएम हेल्पलाइन और आइसीसीसी के माध्यम से कोरोना मरीजों/परिजनों से संवाद बना कर उनकी जरूरतों की पूर्ति कराई जा रही है, इसी प्रकार पोस्ट कोविड मरीजों और ब्लैक फंगस की समस्या से ग्रस्त मरीजों/परिजनों से हर दिन संवाद किया जाए। उनकी सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए।

● प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य अभियान के रूप में जारी है। अब तक विभिन्न जिलों में 415 से अधिक ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किये गए हैं। स्थापना कार्य की रीयल टाइम मॉनीटरिंग की जाए। जिला प्रशासन इन प्लांट्स के स्थापना कार्य की सतत मॉनीटरिंग करे। रॉ मैटेरियल की उपलब्धता हो अथवा सिविल वर्क समय से पूरे किए जाएं। उत्तर प्रदेश ऑक्सीजन उत्पादन के पैमाने पर आत्मनिर्भर होगा।

● लगातार प्रयासों से एक ओर जहां संक्रमण की तीव्रता कम हुई है, वहीं ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति में संतुलन की स्थिति बन गई है। ऑक्सीजन ऑडिट से वेस्टेज रोकने में बहुत सहायता मिली है। विगत 24 घंटे में 465 एमटी ऑक्सीजन वितरित की गई, इसमें 272 एमटी केवल रीफिलर को उपलब्ध कराई गई। अब रिफिलर्स के पास करीब 1400 एमटी का बैकअप हो गया है। होम आइसोलेशन में भी ऑक्सीजन की मांग न्यूनतम हो रही है। ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए औद्योगिक इकाइयों को उनके उपयोग के लिए ऑक्सीजन उपयोग की अनुमति दी गई है। औद्योगिक गतिविधियां सामान्य रूप से क्रियाशील रखी जाएं।

● आपदाकाल में कतिपय निजी अस्पतालों द्वारा कोविड संक्रमित मरीजों से ओवरचार्जिंग की शिकायत प्राप्त हुई है। अस्पतालों द्वारा व्यवस्था का उल्लंघन तो किया ही गया, संवेदनहीनता भी हुई। ऐसे निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। हर एक शिकायत का समुचित परीक्षण सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए।

● स्वास्थ्य विभाग के सभी अस्पतालों में सेवारत स्टाफ निर्धारित गणवेश में ही रहे। उनके गणवेश पर उनका नाम पर पद नाम अवश्य लिखा हो, ताकि मरीज और परिजनों को सुविधा हो।

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