अयोध्या की स्वच्छता व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने की सराहना, किया सम्मानित

अयोध्या की स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना हम सभी का दायित्व। दीपोत्सव-2026 के बाद निषाद बस्ती में दीपावली मिलन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री, सफाई कर्मियों, नाविकों और निषाद समाज के लोगों को किया सम्मानित। 30 लाख से अधिक दीपों से जगमगाई अयोध्या की स्वच्छता व्यवस्था की मुख्यमंत्री ने की सराहना, रुक्मिणी महल का किया लोकार्पण।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर अयोध्या धाम में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम ‘दीपोत्सव श्री अयोध्या धाम-2026’ में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने दीपोत्सव के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले सफाई कर्मियों, नाविकों, निषाद समाज के लोगों, दलित परिवारों, पार्षदों एवं अन्य नागरिकों को सम्मानित किया तथा उन्हें दीपावली का उपहार भेंट किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम की अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और मर्यादित स्वरूप में आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। अयोध्या का नाम आज देश और दुनिया में अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान के साथ लिया जाता है। अयोध्या का निवासी होना अपने आप में गौरव की बात है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने नगर की स्वच्छता, सुंदरता और व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित होने के बाद भी स्वच्छ रहे घाट और सड़कें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन में 30 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित किए गए और देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही, लेकिन इसके बावजूद सुबह जब उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो सभी घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई दिए। कहीं भी गंदगी, अव्यवस्था अथवा अराजकता नजर नहीं आई।

उन्होंने कहा कि यह अपने आप में अद्भुत और सराहनीय उपलब्धि है। इसके लिए सफाई कर्मियों ने जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया, वे हृदय से बधाई के पात्र हैं। सरयू आरती के दौरान नाविकों की मुस्तैदी और समर्पण भी प्रशंसनीय रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाविकों, मांझियों और निषाद समाज के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

भगवान श्रीराम के आदर्शों में सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली का उपहार प्रभु श्रीराम के उन सहयोगियों और मित्रों की विरासत को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के अभियान का हिस्सा है, जिन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसी भावना के साथ निषाद परिवारों, दलित परिवारों, सफाई कर्मियों, नाविकों, पार्षदों और अयोध्या की सुंदरता एवं सुव्यवस्था में योगदान देने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर अधर्म के विरुद्ध संघर्ष किया था। सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता से ही विजय प्राप्त हुई। यही सामाजिक समरसता, सहयोग और एकजुटता की हमारी महान विरासत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भगवान श्रीराम लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे थे, तब उनके स्वागत में पूरे भारतवर्ष में दीप प्रज्वलित किए गए थे। हमारे ऋषियों, पूर्वजों और संतों ने दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी, रामनवमी, विवाह पंचमी और अयोध्या के झूला मेले जैसे पर्वों के माध्यम से सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक स्मृतियों को आज भी जीवंत रखा है।

नई अयोध्या की सुंदरता और व्यवस्थाओं का संरक्षण नागरिकों की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या त्रेतायुग की स्मृति को जीवंत करती हुई दिखाई दे रही है। इसका श्रेय यहां के नागरिकों, सफाई कर्मियों, नाविकों, निषाद समाज, पार्षदों और उन सभी लोगों को जाता है, जिन्होंने अयोध्या के विकास एवं निर्माण में किसी न किसी रूप में योगदान दिया है। सरकार निर्माण कार्य करा सकती है, लेकिन निर्मित व्यवस्थाओं को सुरक्षित रखना और उनका संरक्षण करना स्थानीय नागरिकों की जिम्मेदारी है। यदि सरकार किसी स्थान पर निर्माण कराए और अगले ही दिन कोई व्यक्ति वहां से पत्थर उखाड़कर ले जाए तो विकास कार्यों का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इसलिए अयोध्या को सुंदर बनाने के साथ उसकी सुंदरता और गरिमा बनाए रखना भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का कोई नागरिक देश-दुनिया में कहीं जाकर स्वयं को अयोध्या का निवासी बताए तो सामने वाला व्यक्ति भी उसका सम्मान करे। इसके लिए जरूरी है कि हमारा नगर स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित हो। उन्होंने सभी नागरिकों से अयोध्या की गरिमा और गौरव को बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।

अयोध्या के वैभव और प्रतिष्ठा को बनाए रखना हमारा सामूहिक संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अयोध्या पर भविष्य में किसी मंथरा और किसी मारीच की कुदृष्टि नहीं पड़नी चाहिए। अयोध्या के वैभव को लूटने और उसकी प्रतिष्ठा को फिर से धूमिल करने का कोई प्रयास सफल नहीं होना चाहिए। अब अयोध्या में पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता। यह हम सभी के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास और निर्माण में योगदान देने वाले लोगों की भूमिका आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। आने वाली पीढ़ियां भी गर्व करेंगी कि जब नई अयोध्या का निर्माण हो रहा था, तब उनके पूर्वज इस पुनीत कार्य में सहभागी बने थे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंच से कुछ लोगों को सांकेतिक रूप से दीपावली के उपहार प्रदान किए गए हैं। नगर निगम और प्रशासन की व्यवस्था के माध्यम से सभी पात्र लोगों को दीपावली का उपहार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने सभी से उपहार स्वीकार कर अपने परिवार और प्रियजनों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करने की अपील की।

रुक्मिणी महल का लोकार्पण, श्रीराम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी में किए दर्शन

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या धाम स्थित रुक्मिणी महल का लोकार्पण किया। इससे पूर्व उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर एवं श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने दिगम्बर अखाड़ा, बड़ा भक्तमाल और छावनी में महंतों से भेंटकर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कारसेवकपुरम में महंतगण को दीपावली का उपहार भेंट किया तथा गोमाता को गुड़ और केला खिलाया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, संतजन एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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