मुख्यमंत्री ने किया 926 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ

  • मुख्यमंत्री ने गोरखपुर महानगर के विकास की 926 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
  • सुपोषण मिशन के द्वितीय संस्करण का शुभारम्भ तथा लाभार्थियों को टेक होम राशन के तहत नवीन अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया।
  • प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के शानदार 12 वर्ष पूर्ण, पूरे देश में विकास, सुशासन और सेवा का मॉडल देखने को मिल रहा
  • आज यहां गोरखपुर महानगर की महत्वपूर्ण योजनाओं की सौगात दी जा रही, यह योजनाएं स्वास्थ्य, स्पोर्ट्स, कल्याण, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी।
  • किसी भी बच्चे के जीवन के प्रारम्भिक 01 हजार दिन उसके सुदृढ़ भविष्य का निर्माण करते, प्रारम्भिक दिनों में बच्चे की सही देखभाल आवश्यक।
  • सुपोषण मिशन के द्वितीय फेज के कार्यों का लाभ लगभग 02 करोड़ बच्चों को मिलेगा।
  • 04 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा विभिन्न विकास खण्डों में टेक होम राशन प्लाण्ट से धात्री महिलाओं व कुपोषित बच्चों के लिए रेसिपी तैयार की जाती।
  • सरकार आंगनवाड़ी केन्द्रों में 03 से 06 वर्ष के बच्चों के लिए अच्छा पौष्टिक आहार दिया जाना सुनिश्चित कर रही।
  • 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्री-प्राइमरी व बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे।
  • गोरखपुर में इण्टरनेशनल स्टेडियम बनने जा रहा, यहां हॉकी का एक नया स्टेडियम शीघ्र ही तैयार होने वाला।
  • रामगढ़ताल व चिलुआताल पर्यटन के नये केन्द्र के रूप में विकसित हुए।
  • प्रदेश में मॉडर्न टेक्नोलाजी के उपयोग की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा।
  • उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं, जो प्रदेश कभी बीमारू राज्य था, आज वह देश की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बनकर अपनी पोटेंशियल का एहसास देश को करा रहा।
  • मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को सोमावती अमावस्या की अग्रिम शुभकामनाएं दी।

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के शानदार 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास, सुशासन और सेवा का मॉडल पूरे देश में देखने को मिल रहा है। ऐसे में आज का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। आज गोरखपुर महानगर की लगभग 01 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के साथ ही, प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय फेज के कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया गया है।आज वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में गोरखपुर महानगर के विकास की 926 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 226 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के सुपोषण मिशन के द्वितीय संस्करण का शुभारम्भ तथा लाभार्थियों को टेक होम राशन के तहत नवीन अनुपूरक पुष्टाहार भी वितरित किया। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में बाल विकास और पोषण पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।


मुख्यमंत्री ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान एवं नवनिर्मित पवेलियन का अवलोकन किया। उन्होंने वहां उपस्थित खिलाड़ियों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन एवं गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की। मुख्यमंत्री जी ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में पौधरोपण भी किया।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की प्रक्रिया में अपना योगदान देने के लिए गोरखपुर सहित प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि एक समय था, जब हमारा देश अपनी पहचान के लिए मोहताज था। भ्रष्टाचार इसकी पहचान बन चुकी थी। जब प्रधानमंत्री जी के रूप में एक महान व्यक्तित्व ने इसका नेतृत्व किया, तो भारत फिर से गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी का 12 वर्षों का कार्यकाल एक महान नेता के रूप में उनके द्वारा किए गए कार्यों के रूप में देखा जा सकता है। इनके लिए हमें प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बचपन सुरक्षित होगा, तो हमारा भविष्य भी मजबूत और सुरक्षित होगा। किसी भी बच्चे के जीवन के प्रारम्भिक 01 हजार दिन उसके सुदृढ़ भविष्य का निर्माण करते हैं। यदि इन दिनों में बच्चे को सही देखभाल मिल जाए, तो न केवल उस परिवार की, बल्कि समाज व राष्ट्र की सशक्त नींव तैयार होती है। बच्चा केवल एक परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र का भविष्य होता है। इसीलिए प्रारम्भिक दिनों में बच्चे की सही सही देखभाल आवश्यक है। सुपोषण मिशन के द्वितीय फेज के कार्यों का लाभ प्रदेश के लगभग 02 करोड़ बच्चों को मिलेगा।


वर्ष 2022 में हमने प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से जनपद प्रयागराज से टेक होम राशन प्रणाली की शुरुआत की थी। इसके अन्तर्गत 04 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदेश के विभिन्न विकास खण्डों में टेक होम राशन (टी0एच0आर0) प्लाण्ट के माध्यम से धात्री महिलाओं व कुपोषित बच्चों के लिए रेसिपी तैयार की जाती है। जब माँ स्वस्थ होगी, तो बच्चा भी स्वस्थ होगा। गर्भवती महिलाओं की कुपोषण की समस्या के समाधान के लिए उन्हें अनुपूरक पोषक आहार उपलब्ध कराकर उनके जीवन और भविष्य को सुरक्षित व सशक्त बनाया जाता है। जिन स्थानों पर टी0एच0आर0 प्लाण्ट के माध्यम से सप्लाई नहीं हो पाती है, वहां नैफेड के माध्यम से सप्लाई चेन बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनेक कार्य किए हैं। आज महिला एवं बाल विकास विभाग तथा नैफेड द्वारा इसी प्रक्रिया के द्वितीय चरण की शुरुआत की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी 03 से 06 वर्ष के बच्चों के लिए अच्छा पौष्टिक आहार दिया जाना सुनिश्चित कर रही है। वर्ष 2020 में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई थी। वर्ष 2022-23 में इसे प्रभावी रूप से लागू किया गया। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में प्रवेश की आयु 06 वर्ष है। इससे पहले 03 से 06 वर्ष की आयु का समय बच्चों के सीखने की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल अर्थात बाल वाटिका के रूप में विकसित किए जाने के कार्यों को सरकार ने तेजी से आगे बढ़ाया है, जहां बच्चे खेल-खेल में ही अक्षर ज्ञान भी प्राप्त कर लेते हैं। प्रदेश भर के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में प्री-प्राइमरी व बाल वाटिका के कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 02 करोड़ बच्चे अनुपूरक आहार का लाभ ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने गोरखपुर में हुए बदलावों को देखा और महसूस किया है।

आज से 09 वर्ष पूर्व गोरखपुर की पहचान इंसेफेलाइटिस बीमारी, बिजली के अभाव, बदहाल सड़कों, जल-जमाव, गंदगी, मच्छर, बाढ़ आदि से थी। यहां नौजवानों के लिए नौकरी नहीं थी। व्यापारियों को सुरक्षा और बेटियों के उत्तम शिक्षा की व्यवस्था भी नहीं थी। किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। परम्परागत उद्यमों के संरक्षण के लिए कोई कार्यक्रम नहीं थे। गरीब कल्याण की कोई योजना नहीं थी। इंसेफेलाइटिस की बीमारी से सैकड़ों बच्चों की असमय मृत्यु होती थी। बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज स्वयं बीमार था। फर्टिलाइजर कारखाना बंद था। यह सब गोरखपुर की पहचान बन चुके थे। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 06 से 08 घण्टे तथा वाराणसी जाने में 05 से 06 घण्टे लगते थे। रामगढ़ताल गंदगी का गढ़ बन गया था। गोरखपुर के नाम से लोगों को भय लगता था।

Read Also :मोबाइल स्क्रीन ने बढ़ाईं सामाजिक दूरियां-कुंवर मानवेंद्र सिंह


मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी शहर का परिवर्तन कैसे होता है, विकास की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है, कैसे प्रदेश का कायाकल्प होता है और कैसे यह देश फिर से गौरव के साथ आगे बढ़ता है, हमने विगत वर्षों में यह सभी साकार होते हुए देखा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली यात्रा के साथ आगे बढ़ा है। दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है। देश में उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ा है और प्रदेश सहित देश में गोरखपुर का सम्मान बढ़ा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कोई गोरखपुर से परहेज नहीं करता। यहां जल-जमाव की समस्या का समाधान हो चुका है। नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। व्यापारियों को सुरक्षा के साथ-साथ अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बेटियों की उत्तम शिक्षा के साथ-साथ उनके लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह जैसी योजना भी संचालित है। उनके स्वावलम्बन की दिशा में भी कार्य हो रहे हैं। बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज स्वस्थ हुआ है। साथ ही, इंसेफेलाइटिस बीमारी का खात्मा भी हो गया है। फर्टिलाइजर कारखाना पुनः संचालित हो गया है, जो अन्नदाता किसानों को खाद की ससमय उपलब्धता करा रहा है। चीनी मिलें संचालित हो रही हैं।


गोरखपुर की सड़कें चौड़ी हो गयी हैं। यहां की कनेक्टिविटी बेहतरीन हुई है। लोगों को अनवरत बिजली मिल रही है। पी0एम0 सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत लोगों के घर सोलर पैनल से आच्छादित होते हुए दिखायी दे रहे हैं। गोरखपुर में एम्स भी अपनी सेवाएं दे रहा है। यहां इण्टरनेशनल स्टेडियम बनने जा रहा है। यहां हॉकी का एक नया स्टेडियम शीघ्र ही तैयार होने वाला है। एक-एक पाई का जवाबदेही के साथ बेहतर उपयोग किया जा रहा है। रामगढ़ताल पर्यटन के एक नये केन्द्र के रूप में उभरा है। चिलुआताल भी पर्यटन के नये केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है।


अब गोरखपुर से लखनऊ की दूरी मात्र तीन से साढ़े तीन घण्टे में तथा वाराणसी की दूरी मात्र ढाई से तीन घण्टे में पूरी की जा सकती है। पहले यहां से अयोध्या धाम जाने में 04 घण्टे लगते थे, अब मात्र दो से ढाई घण्टे में यह दूरी तय की जा सकती है। गोरखपुर के चारों ओर 4-लेन की कनेक्टिविटी हो गयी है। गोरखपुर में एयर कनेक्टिविटी सहित रेलवे की बेहतरीन सुविधाएं हैं। गोरखपुर में गरीबों के लिए आवास तथा शौचालय की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। हर तबके के लोगों को विभिन्न सुविधाआें से जोड़ा जा रहा है। यहां नौजवानों को नौकरी मिल रही है तथा अन्नदाता किसानों को विभिन्न योजनाएं से जोड़ा गया है।


यह विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों की कहानी है। अब उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है। उत्तर प्रदेश को लोग शक की निगाहों से नहीं देखते। देश में उत्तर प्रदेश का नागरिक जहां भी जाता है, उनका अभिवादन ‘जय श्रीराम’ से होता है। उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम पूरे देश में उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ा है। 25 करोड़ प्रदेशवासी आज इस पहचान के साथ जाने जा रहे हैं।


उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे तथा रेलवे का बेहतरीन नेटवर्क है। यहां मेट्रो बन रही है, प्रदेश की इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी सुदृढ़ हुई है। नये-नये पावर प्लाण्ट तथा फैक्ट्रियां लग रही हैं। प्रदेश में वर्तमान की मॉडर्न टेक्नोलाजी के उपयोग की दिशा में भी प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है। यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है। यह बिना रुके, बिना डिगे, बिना थके और बिना झुके विरासत की इस यात्रा को अपने पूर्वजों तथा आराध्यों के प्रति अपनी आस्था को सम्मान देते हुए अनवरत आगे बढ़ रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब रुकने वाला नहीं है। जो प्रदेश कभी बीमारू राज्य था, आज वह देश की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बनकर अपनी पोटेंशियल का एहसास देश को करा रहा है। इसी क्रम में आज यहां विभिन्न योजनाओं की सौगात दी जा रही है। यह योजनाएं गोरखपुर महानगर की महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, जो स्वास्थ्य, स्पोर्ट्स, कल्याण, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं, जिनका लाभ यहां के लोगों को मिलेगा। गोरखपुर विकास का एक मॉडल बनकर उभरेगा। सोमावती अमावस्या की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों से अपील की कि वह नदियों में बैरिकेडिंग के भीतर स्नान करें। गहराई में न जाएं। स्वयं भी सुरक्षित रहें और बच्चों को भी किसी सम्भावित दुर्घटना से बचाएं।


मत्स्य मंत्री डॉ0 संजय निषाद ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्श में मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाया है। उन्होंने देश और विदेश में प्रदेश की एक पहचान बनाई है, जो एक मॉडल के रूप में सबके सामने है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मछुआरा समाज को बिना भेदभव के योजनाओं का लाभ मिल रहा है। प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर के विकास को नई ऊंचाई मिली है।


सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि डबल इंजन सरकार देश और प्रदेश का विकास कर रही है। प्रदेश में आज कानून का राज है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में आज गोरखपुर विकास की मिसाल पेश कर रहा है। गोरखपुर स्मार्ट सिटी बन रहा है।

Related Articles

Back to top button