स्वास्थ्य

दैहिक,मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना ही स्वास्थ्य है। किसी व्यक्ति की शारीरिक,मानसिक,आध्यात्मिक और सामाजिक रुप से अच्छे होने की स्थिति को ही स्वास्थ्य कहते हैं। स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है। अपितु जीवन है। हमें सर्वांगीण स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होना बहुत आवश्यक है। इसका का अर्थ विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग होता है। लेकिन अगर हम एक सार्वभौमिक दृष्टिकोण की बात करें तो अपने आपको स्वस्थ कहने का यह अर्थ होता है कि हम अपने जीवन में आने वाली सभी सामाजिक,शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों का प्रबन्धन करने में सफलता पूर्वक सक्षम हों।

आमतौर पर स्वास्थ्य का मतलब रोग-रहित जीवन समझा जाता है। लेकिन क्या सचमुच यही है…? तो फिर स्वस्थ रहने का मतलब क्या है…? चिकित्सकीय दृष्टि से यदि हम बीमारियों से मुक्त हैं तो हमें स्वस्थ माना जाता है। लेकिन स्वास्थ्य नहीं है। अगर हम देह,मन और आत्मा से एक पूर्ण मनुष्य जैसा महसूस करते हैं, तभी हम वास्तव में स्वस्थ हैं। ऐसे अनेक लोग हैं जो चिकित्सकीय दृष्टि से स्वस्थ हैं। पर वे सच्चे अर्थ में स्वस्थ नहीं हैं, क्योंकि वे अपने भीतर तंदुरुस्ती का एहसास नहीं कर रहे होते। जब स्वास्थ्य की बात आती है, तो कोई भी इंसान पूर्णतः बेदाग स्थितियों में नहीं पलता। हम जो भोजन करते हैं। हम जिस हवा में सांस लेते हैं। हम जो पानी पीते हैं। रोजमर्रा की जिंदगी के तनाव, ये सब हमें कई प्रकार से प्रभावित कर सकते हैं।

संसार में हम जितने अधिक सक्रिय रहते हैं। हम अपनी सक्रियता से ही नकारात्मक चीजों के संपर्क में आते हैं। हमारी सक्रियता रसायनिक संतुलन को बिगाड़ देते हैं। हमारे लिए स्वास्थ्य-समस्याएं खड़ी कर देती हैं। स्वास्थ्य मनुष्य का सबसे बड़ा धन होता है। स्वास्थ्य के बिना मनुष्य की हर ख़ुशी अधूरी होती है। स्वस्थ व्यक्ति वह होता है, जो शारीरिक,मानसिक,आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से तंदरुस्त हो। स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है। इससे ही मनुष्य अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकता है। यदि हम स्वस्थ नहीं है,तो हमारे पास कितनी भी सम्पत्ति क्यों न हो। हम उसका सुख नहीं ले सकते है।

  • Photo of जानें थायराइड उपचार का आयुर्वेदिक नुस्ख़ा…

    जानें थायराइड उपचार का आयुर्वेदिक नुस्ख़ा…

    डॉ.रोहित गुप्ता थायराइड एक तितली के आकार की ग्रंथि होती है जो एडम एप्पल के ठीक नीचे गर्दन में स्थित…

    Read More »
  • Photo of जनभागीदारी टीबी उन्मूलन अभियान की आत्मा-अनुप्रिया

    जनभागीदारी टीबी उन्मूलन अभियान की आत्मा-अनुप्रिया

    जनभागीदारी टीबी उन्मूलन अभियान की आत्मा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने निःक्षय वाहन रवाना कर…

    Read More »
  • Photo of जानें काली खांसी से बचाव के घरेलू उपाय

    जानें काली खांसी से बचाव के घरेलू उपाय

    सुहागा, कलमीशोरा, फिटकरी, काला नमक और यवक्षार को पीसकर चूर्ण तैयार कर लें। इसे तवे पर भूनकर 2-2 ग्राम की…

    Read More »
  • Photo of खाली पेट इलायची चबाने के अद्भुत फायदे…

    खाली पेट इलायची चबाने के अद्भुत फायदे…

    ब्यूरो निष्पक्ष दस्तक इलायची सिर्फ सात दिनों तक इस छोटी सी आदत को अपनाएं और आप अपने शरीर में सकारात्मक…

    Read More »
  • Photo of पानी में भिगो कर खाएंगे नहीं होगी बीमारियां…

    पानी में भिगो कर खाएंगे नहीं होगी बीमारियां…

    डॉ.रोहित गुप्ता आयुर्वेद के अनुसार अगर किसी चीज को रातभर भिगोकर रखा जाए और अगले दिन उसका सेवन किया जाए…

    Read More »
  • Photo of ड्राई फ्रूट्स लड्डू-सर्दी भगाएं,इम्यूनिटी बढ़ाएं

    ड्राई फ्रूट्स लड्डू-सर्दी भगाएं,इम्यूनिटी बढ़ाएं

    सर्दियों में शरीर की गरमाहट को कायम रखने के लिए आज ड्राई फ्रूट्स के लड्डू बनाने जा रहे हैं. इन्हें…

    Read More »
  • Photo of सिजेरियन सेक्शन के बाद खाद्य पदार्थ और परहेज

    सिजेरियन सेक्शन के बाद खाद्य पदार्थ और परहेज

    डॉ.प्रियंका सौरभ बहुत सी सिजेरियन डिलीवरी, गर्भावस्था की कुछ जटिलताओं या अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण की जाती है। सी-सेक्शन प्रक्रिया…

    Read More »
  • Photo of मिलावटी दूध से खतरे में सेहत

    मिलावटी दूध से खतरे में सेहत

    विजय गर्ग  देश भर में बच्चे-बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बीमार व्यक्ति प्रतिदिन दूध और इससे बने उत्पादों का सेवन करते…

    Read More »
  • Photo of बवासीर कारण व निवारण

    बवासीर कारण व निवारण

    डॉ.रुप कुमार बनर्जीहोमियोपैथिक चिकित्सकबवासीर की समस्या आज के समय में सामान्य हो गई है,व्यस्त जीवन शैली,गलत खानपान, भोजन में अत्यधिक मसाले का प्रयोग, चटपटा भोजन करना, जंक फूड का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना, कसरत मेहनत ना करना इत्यादि इसके कई कारण हो सकते हैं। बवासीर, जिसे पायल्स, हेमोरोइड्स और मुलव्याधि भी कहा जाता है, एक भयानक रोग है। यह एक कष्टकारी समस्या है जो दुनिया भर में कई लोगों को प्रभावित करती है,आंतरिक, बाहरी या दोनों प्रकार का हो सकता है जिसमें दर्द,जलन, खुजली, खून गिरना और सूजन इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं। शुरू में शर्म के मारे चिकित्सक को दिखाने में हीला हवाली करने पर बाद में यह विकट रूप धारण कर भयंकर कष्ट का कारण बन सकता है। बवासीर कारण व निवारणबवासीर के कारण :- बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं। इनके बारे में जानकारी हमे सतर्क रहने में मदद कर सकती है। बवासीर के पांच मुख्य कारण हैं :- मल त्याग करते समय जोर लगाना,अव्यवस्थित जीवनशैली,अपेक्षाकृत पानी कम पीना,आहार में फाइबर की कमी,मोटापा,गर्भावस्था।बवासीर के प्रकार :- बवासीर को उसकी गंभीरता और अन्य कारकों के आधार पर दो प्रमुख प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है। वे दो प्रमुख प्रकार हैं – खूनी बवासीर व बादी बवासीर।खूनी बवासीर :- बवासीर उभरती हुई और सूजी हुई नसों के कारण आंतरिक या बाहरी गुदा में होती है। ब्लीडिंग बवासीर उन फूली हुई नसों के टूटने से होती है जो बार-बार मल त्याग करने या बैठते समय फट जाती है। खूनी बवासीर से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां अपनानी चाहिए :- प्रतिदिन खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें, फाइबर युक्त आहार लें, मल त्याग करते समय ज्यादा जोर न लगाएं, नियमित रूप से सप्ताह में कम से कम पांच दिन अवश्य व्यायाम करें,लंबे समय तक बैठे न रहें।खूनी बवासीर का इलाज :- इसके उपचार की विधि समस्या की गंभीरता पर निर्भर करती है हल्के मामलों में, दवाइयों और दवाओं का उपयोग करके सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। होम्योपैथिक विभाग के द्वारा खूनी बवासीर को जड़ से ठीक किया जा सकता है । बशर्ते इसके लिए मरीज को धैर्यपूर्वक काफी दिनों तक इस बीमारी का इलाज करवाना चाहिए और चिकित्सक के बिना पूछे दवा नहीं बंद करना चाहिए।बादी बवासीर :- बादी बवासीर एक गंभीर मलाशय संबंधी समस्या होती है, जिसमें मलाशय की नसें सूज जाती हैं और मलाशय से बाहर लटकती हैं। अंग्रेजी में यह “Grade 3 or Grade 4 hemorrhoids” के रूप में भी जाना जाता है।बादी बवासीर के लक्षण :- बादी बवासीर के लक्षणों में खून आना, खुजली, सूजन और दर्द शामिल हैं। इसके साथ ही, मलत्याग के समय भी बादी बवासीर के रोगी को बहुत दर्द होता है और मलाशय में खुजली हो सकती है। बादी बवासीर के लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए और समय रहते उपचार के लिए चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए ना कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के बाजार से दवा खरीद के खाना चाहिए।बवासीर के महत्वपूर्ण उपचार :- बवासीर का इलाज स्थिति के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। सामान्य मामलों में उच्च फाइबर आहार लेना, शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना और नियमित व्यायाम करना जैसी जीवनशैली में परिवर्तन करने से हल किया जा सकता है। खुजली और असहजता जैसे सामान्य लक्षणों का इलाज क्रीम और उबटनों के इस्तेमाल से किया जा सकता है। गंभीर स्थितियों में चिकित्सा उपचार की आवश्यकता हो सकती है। यदि आप बवासीर के लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो अपने चिकित्सक से अवश्य परामर्श करें  ताकि आपकी व्यक्तिगत उपचार आवश्यकताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ उपचारों का निर्धारण किया जा सके। होम्योपैथी एक ऐसी विधा है जिससे बवासीर की बीमारी को जड़ से ठीक किया जा सकता है।अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न :-  बवासीर क्यों होता है?       बवासीर कई कारणों से हो सकता है। कुछ मुख्य कारण में मल त्याग करते समय जोर लगाना, बैठने की लम्बी अवधि, कब्ज या दस्त का अधिक समय तक होना, अत्यधिक मोटापा, और गर्भावस्था शामिल है2. बवासीर की शुरुआत कैसे होती है?बवासीर उस समय शुरू होता है जब गुदा और मलाशय क्षेत्र की नसें सूज और फूल जाती हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। बवासीर की शुरुआती अवस्था में, लोगों को गुदा क्षेत्र में दर्द, खुजली और सूजन जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में मल त्याग करते समय खून भी निकल सकता है।3. बवासीर में क्या खाना चाहिए?बवासीर के मरीज को आहार में फाइबर से भरपूर फल और सब्जी जैसे कि गाजर, सेब, पपीता, अनार, लौकी,पत्तागोभी,आदि, दालें, हरी सब्जियां और उनके सूप अधिक पानी पीना, नारियल पानी, आदि लेने की सलाह दी जाती है।4. बवासीर होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?बवासीर के मरीज को अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की सूची में तले हुए और मसालेदार खाद्य पदार्थ, तीखे और तले हुए नमकीन स्नैक्स, तली हुई चीजें, मिर्च-मसाला वाले खाद्य पदार्थ, बहुत ज्यादा चाट पकौड़ी,जंक फूड टोमेटो सॉस आदि शामिल हैं।5. बवासीर जड़ से खत्म कैसे होता है?बवासीर को जड़ से खत्म करने के लिए कुछ मुख्य उपाय निम्नलिखित हैं:सही खान-पानपानी का सेवननियमित व्यायाम:चिकित्सा–बिना पूछे चिकित्सक से दवा बिल्कुल बंद नहीं करना चाहिए। बवासीर कारण व निवारण

    Read More »
  • Photo of अस्थमा और दमे के आयुर्वैदिक घरेलू उपचार

    अस्थमा और दमे के आयुर्वैदिक घरेलू उपचार

    अस्थमा/दमा एक जलन पैदा करने वाली बीमारी है जो फेफड़ों और सांस लेने के रास्तों को प्रभावित करती है। इस…

    Read More »
Back to top button