
प्रतिष्ठित व्यवसाई एवं समाजसेवी जयकेश त्रिपाठी को नम आंखों से अंतिम विदाई। अयोध्या में सरयू नदी के रामघाट पर पुत्र हिमांशु ने दी मुखाग्नि। ब्रेन हेमरेज के बाद 30 सितंबर की शाम हुआ था निधन। अंतिम संस्कार में उप मुख्यमंत्री समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पत्रकार और गणमान्य लोग हुए शामिल।
राकेश यादव
लखनऊ/अयोध्या। सरल स्वभाव और सामाजिक सरोकारों के लिए पहचान रखने वाले प्रतिष्ठित व्यवसाई एवं समाजसेवी जयकेश त्रिपाठी का 30 सितंबर की शाम करीब 8 बजे ब्रेन हेमरेज के चलते निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
गुरुवार को अयोध्या में सरयू नदी के रामघाट पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ज्येष्ठ पुत्र हिमांशु त्रिपाठी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान कनिष्ठ पुत्र सुधांशु त्रिपाठी सहित परिवार के सदस्य मौजूद रहे। अंतिम संस्कार में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, गोरखपुर के सहजनवां विधायक प्रदीप शुक्ला, भाजपा कृपा शंकर पांडेय, एसडीएम अयोध्या आनंद तिवारी, एमएलसी रामचंद्र प्रधान, पूर्व कमिश्नर सुदेश ओझा, पूर्व सांसद रामपति त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश उपाध्याय, व्यवसाई सुरेश अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।इसके अलावा समाजसेवी एवं व्यवसायी राजेश बोरा, प्रदीप सिंह, बृजेश सिंह, धर्मेंद्र यादव, वरिष्ठ पत्रकार अविनाश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार राकेश यादव, उत्पल राय, राकेश राव, नंदलाल और ओपी त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में राजनेता, पत्रकार, बुद्धिजीवी और स्थानीय लोग अंतिम विदाई देने अयोध्या के सरयू तट पहुंचे। जयकेश त्रिपाठी के निधन से उनके परिवार और परिचितों में गहरा शोक है। परिवार में पत्नी प्रेमा त्रिपाठी, पुत्र हिमांशु त्रिपाठी, पुत्रवधू कामिनी त्रिपाठी, पुत्र सुधांशु त्रिपाठी पुत्रवधू इशिता त्रिपाठी और पोता शिवांश त्रिपाठी को छोड़ गए हैं। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।



