जल्द होगा कैण्ट से गोदौलिया तक बनने वाले रोप-वे निर्माण का भूमि पूजन

मुख्य सचिव ने कैण्ट से गोदौलिया तक बनने वाले रोप-वे निर्माण कार्य इसी माह शुरू करने का दिया निर्देश।कमिश्नरी में बनाने वाले मंडलीय कार्यालयों के डमरु भवन को स्मार्ट व ग्रीन बिल्डिंग बनाए जाने पर दिया जोर गंगा पार रेती पर बनने वाले टेंट सिटी को फरवरी की जगह मई तक क्रियाशील बनाए पर जोर दिया।

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र कैण्ट से गोदौलिया तक बनने वाले रोप-वे के निर्माण कार्य को 14 जुलाई के आसपास भूमि पूजन कर शीघ्र शुरू कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि काशी पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं का शहर है। रोप-वे कार्य यहां के लिए महत्वाकांक्षी योजना है। इसे शीघ्र शुरू कराकर निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाए। इसके गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत पर जोर दिया।

    मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। कमिश्नरी कार्यालय परिसर स्थित भूखंड पर 346.27 करोड़ की लागत से शिव के डमरू आकार का बनने वाले मंडलीय कार्यालय भवन परियोजना का प्रेजेंटेशन देते हुए कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि निर्माण कार्य पूरी तरह पीपीपी पैटर्न पर होगा। इस भवन के दो टावर होंगे। एक टावर कार्यदायी संस्था को 30 वर्षों के लीज पर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए दो-तीन बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई भी कार्यदायी संस्था इसके लिए आगे नहीं आया है। उन्होंने बताया कि कार्यदाई संस्थाओं की मांग है कि एक टावर जो 30 वर्ष के लिए लीज पर दिया जाना है, उसकी समयावधि काफी कम है उसे 90 वर्षों के लिए तथा दोनों टावर के नीचे का हिस्सा व्यवसायिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध कराए जाएं। 

     मुख्य सचिव ने कमिश्नर को निर्देशित करते हुए कहा कि भारत सरकार के मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट संगठन से संपर्क कर भवन के स्टीमेट का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही उन्होंने इसे स्मार्ट व ग्रीन बिल्डिंग बनाए जाने पर जोर दिया। उस पार रेती पर बनने वाले टेंट सिटी के संबंध में कमिश्नर ने बताया कि पर्यटकों का आवक अन्य जगहों पर भले घटा हो, लेकिन काशी में पर्यटको का आवक बढ़ा है। टेंट सिटी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि यह टेंट सिटी अक्टूबर से फरवरी तक रहेगी। मुख्य सचिव ने प्रयागराज के कुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा टेंट सिटी बताते हुए कहां कि जिलाधिकारी इलाहाबाद के साथ इस संबंध में बैठक कर इसके संबंध में जानकारी एवं जरूरत पड़ने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्रों आदि के संबंध में जानकारी प्राप्त कर लिया जाए। 

      मुख्य सचिव ने टेंट सिटी को फरवरी की जगह मई तक क्रियाशील रखे जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामान्यतः वर्षा ऋतु 15 जून के बाद से शुरू होता है, इसलिए इसे फरवरी की जगह मई तक क्रियाशील रखा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को प्रत्येक दशा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। निर्माण परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों को हर हालत में अपनाते हुए पूरा कराएं।बैठक में डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान, प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, एडीजी, आईजी के0सत्यनारायण, पुलिस कमिश्नर ए0सतीश गणेश, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण ईशा दुहन, नगर आयुक्त प्रणय सिंह, मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी तथा अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री नीरज कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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