अंतरिक्ष में भेजी जाएगी भगवद् गीता और प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर

जल्द ही अंतरिक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को भेजा जाएगा। ये तस्वीर उपग्रह के जरिए भेजी जानी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के अलावा भगवद् गीता और 25 हजार भारतीय लोगों (विशेषकर छात्रों) के नाम भी अंतरिक्ष में भेजे जाने हैं। निजी क्षेत्र का पहला उपग्रह सतीश धवन सैट की ओर से भेजा जाएगा। जिसमें मोदी व भगवद् गीता की तस्वीर होगी। इस उपग्रह का प्रक्षेपण इसरो अपने ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ‘पीएसएलवी सी-51’ से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ करेगा।

फरवरी के आखिरी दिनों में एक सैटेलाइट लॉन्च की जाएगी, जो अपने साथ भगवद् गीता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो और उनका नाम लेकर अंतरिक्ष में जाएगी। इस नैनो सैटेलाइट का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आकार देने वाले महान व्यक्तित्व सतीश धवन के नाम पर पड़ा है।  निजी क्षेत्र का यह पहला उपग्रह होगा, जो दूसरे अंतरिक्ष मिशन की तरह भगवद् गीता, प्रधानमंत्री मोदी की फोटो और अन्य 25,000 लोगों के नामों को लेकर अंतरिक्ष में जाने वाला है। इस नैनो सैटेलाइट को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल द्वारा प्रक्षेपित किया जाएगा। 

नैनो सैटेलाइट को लेकर काफी उत्‍साह है। ये अंतरिक्ष में तैनात होने वाला हमारा पहला उपग्रह होगा। जब हमने मिशन को अंतिम रूप दिया, तो हमने लोगों से उनके नामों की सूची हासिल की जिन्हें अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। एक सप्ताह के अंदर हमें 25,000 से ज्‍यादा नाम भेजे गए। जिसमें से 1,000 नाम भारत के बाहर के लोगों द्वारा भेजे गए थे। चेन्नई में एक स्कूल से सभी छात्रों के नाम हमें दिए गए।ये नैनो सैटेलाइट स्पेसकिड्स इंडिया की ओर से विकसित की जा रही है। ये एक ऐसी संस्था है जो छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा देती है और इसे महान वैज्ञानिक सतीश धवन द्वारा बनाया गया था। ये सैटेलाइट अपने साथ तीन अन्य पेलोड्स लेकर आएगी। 

इसमें अंतरिक्ष विकिरण, मैग्नेटोस्फीयर का अध्ययन और एक जो कम बिजली चौड़े क्षेत्र के संचार नेटवर्क का प्रदर्शन करेगा, शामिल है। स्पेसकिड्स इंडिया की संस्थापक और सीईओ डॉ. केसन का कहना है कि अभी हम सब काफी उत्सुक हैं, यह अंतरिक्ष में तैनात होने वाला हमारी पहली सैटेलाइट होगी। 

उन्होंने आगे कहा कि जब हमने मिशन को अंतिम रूप दिया तो हमने लोगों से अपना नाम भेजने को कहा, जो अंतरिक्ष में जाएंगे। एक हफ्ते के अंदर हमें 25,000 नाम मिल गए। इनमें से एक हजार नाम भारत के बाहर के लोगों की ओर से भेजे गए हैं। जिन लोगों के नाम भेजे जाएंगे, उन्हें बोर्डिंग पास भी दिया जाएगा।केसन ने आगे बताया कि उन्होंने इस मिशन में भगवद् गीता को अंतरिक्ष में भेजने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी लोग बाइबल जैसी पवित्र पु्स्तकों को अंतरिक्ष में ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमने टॉप पैनल में प्रधानमंत्री मोदी के नाम और उनकी फोटो को भी जोड़ दिया है। इसके अलावा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरपर्सन डॉक्टर के सिवन और वैज्ञानिक सचिव डॉक्टर आर उमामहेश्वरन का नाम नीचे के पैनल पर लिखा गया है। 

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