वनटांगिया गांवों में विकास की नई रोशनी, 82 करोड़ की 52 परियोजनाओं की सौगात।गोरखपुर में दीपावली पर वनटांगिया परिवारों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास; लाभार्थियों को बांटी आवास की चाबियां और आयुष्मान कार्ड।
गोरखपुर/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी ने दीपावली के अवसर पर जनपद गोरखपुर के वनटांगिया ग्राम जंगल तिकोनिया नम्बर-3 में आयोजित कार्यक्रम में 82 करोड़ रुपये की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबियां, स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड और प्रमाणपत्र भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अयोध्या में भव्य दीपोत्सव के बाद वह वनटांगिया परिवारों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों का वास्तविक अर्थ अपनी खुशियों को दूसरों के साथ बांटना है। दीपावली आपसी प्रेम, सहयोग, सद्भाव और सामाजिक सहभागिता का संदेश देती है। सभी लोग इस पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं।
एक सदी से अधिक समय तक उपेक्षा का जीवन जीने को मजबूर रहे वनटांगिया परिवार
मुख्यमंत्री ने वनटांगिया गांवों के अतीत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का वनवास 14 वर्षों का था, लेकिन वनटांगिया गांवों के लोगों और उनके पूर्वजों को अंग्रेजों के शासनकाल से एक सदी से अधिक समय तक उपेक्षा और अभाव का जीवन जीना पड़ा। उत्तर प्रदेश में कुल 56 वनटांगिया गांव थे, जिनकी लंबे समय तक किसी ने सुध नहीं ली। देश की आजादी के बाद भी इन गांवों के लोगों को वास्तविक आजादी और बुनियादी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाया था। इनके नाम मतदाता सूची में नहीं थे और गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल, राशन कार्ड, विद्यालय तथा चिकित्सालय जैसी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद इन गांवों को राजस्व गांव के रूप में मान्यता प्रदान की गई और सरकारी योजनाओं से जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाने का काम शुरू हुआ। आज इन गांवों की तस्वीर बदल चुकी है। यहां पक्की सड़कें, बिजली, पेयजल, विद्यालय, राशन कार्ड, पक्के मकान और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
वनटांगिया गांवों में 770 आवासों का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने वनटांगिया परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इन गांवों में 770 आवासों का निर्माण कराया गया है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना, बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का निर्माण, पक्की सड़कों, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि पहले बच्चे ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर थे, लेकिन आज गांवों में बिजली की सुविधा उपलब्ध है। सभी बस्तियों में सोलर लाइट की व्यवस्था की गई है और जल जीवन मिशन के माध्यम से पेयजल की सुविधा पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। आज वनटांगिया परिवार सम्मानजनक जीवन जीते हुए विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

वनटांगिया परिवारों को वोट बैंक नहीं, अपना परिवार माना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वनटांगिया परिवारों के लिए जो कार्य किए हैं, वे सरकार के दायित्व का हिस्सा हैं। सरकार ने इन परिवारों को अपना मानते हुए उनके हितों के संरक्षण, जीवन स्तर में सुधार और खुशहाली लाने के लिए काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से इन परिवारों को जोड़कर विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इन लोगों को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं देखा, बल्कि भगवान श्रीराम के भक्त होने के नाते प्रत्येक वनवासी, ग्रामवासी, वंचित और दलित परिवार को अपना परिवार माना है। उन्हें रामकाज में सहभागी बनाया है। रामकाज का अर्थ राष्ट्र का कार्य है और इसी भावना के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रमाणपत्रों को सुरक्षित रखें और आने वाली पीढ़ियों को बताएं कि किस प्रकार उनके गांवों को राजस्व गांव का दर्जा मिला तथा उन्हें आवास, जमीन, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्राप्त हुईं।
युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे और जुए जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि दीपावली खुशियां बांटने का पर्व है, जुआ खेलने का अवसर नहीं। नशा व्यक्ति के विनाश का कारण बनता है और जुआ व्यक्ति को गुलाम बना देता है। इन बुराइयों से हंसता-खेलता परिवार बिखर सकता है। उन्होंने युवाओं को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को संवारने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार माफिया उन्मूलन के बाद अब नशे के सौदागरों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई कर रही है। युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना और समाज को नशामुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। नौजवानों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं और सरकार उन्हें इन अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अन्नदाता किसानों का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अच्छी उपज पैदा करें। सरकार उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ ही उन्हें खाद्य प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन से जोड़ने का प्रयास करेगी, जिससे कृषि उत्पादों का मूल्य बढ़े और किसानों की आय में वृद्धि हो।
डबल इंजन सरकार विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए संकल्पित
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का नया अध्याय शुरू हुआ है। अयोध्या में चौड़ी सड़कें, बेहतर बिजली व्यवस्था, एयरपोर्ट और रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा है। प्रदेश की जनता को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि जब अच्छी सरकार आती है तो वह जनता को बेहतर सुविधाएं और अच्छा जीवन देने का काम करती है। डबल इंजन सरकार युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने, गांवों का विकास करने और प्रत्येक नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खड़ी है और उसके विकास एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
साढ़े चार किलोमीटर लंबे मार्ग के लिए 3.65 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने बताया कि रजही से जंगल तिकोनिया नम्बर-3 होते हुए गोरखपुर-पिपराइच मार्ग तक लगभग साढ़े चार किलोमीटर लंबे मार्ग पर इंटरलॉकिंग कार्य के लिए करीब 3 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



