भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया है कि सनातन समाज के लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों और कार्यशैली को लेकर लोगों में असंतोष है। अखिलेश यादव के इस बयान ने प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सनातन समाज, धार्मिक मुद्दों और राजनीतिक दलों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को चर्चा में ला दिया है।
भाजपा सरकार जनता के वोट के अधिकार के साथ-साथ उसके अन्य अधिकारों को छीनने की साजिश कर रही है। केंद्रीय मंत्री के एक वायरल बयान पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री जी ये भी साफ कर दें कि क्या अब बच्चों को ‘मिड-डे मील’ का खाना नहीं परोसा जाएगा क्योंकि वो तो वयस्क नहीं हुए हैं, तो फिर उनका वोटर आईडी या एपिक नंबर कहाँ से आएगा। ये तो लाभार्थी योजना ही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इसका मतलब तो ये भी हुआ कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के द्वारा दिए गए आँकड़े के अनुसार अब उत्तर प्रदेश के 1 करोड़ 27 लाख बहुसंख्यक वोटर लाभार्थी नहीं रहेंगे और इसमें अगर अन्य हटाए जा रहे नामों को भी जोड़ दिया जाए तो ये आँकड़ा लगभग 3 करोड़ जनता का हक-अधिकार छीन लेगा। साथ ही जिन सीनियर सिटीजन बुजुर्गों की बहुत ज्यादा उम्र होने पर फिंगरप्रिंट या आँख की समस्या होने पर आइरिस से बायोमेट्रिक संभव नहीं होता, उनसे सरकारी योजनाओं का लाभ छीन लिया जाएगा। दरअसल भाजपा वोट के बहाने एक बड़ी साजिश कर रही है। हर पीडीए प्रहरी से अपील है कि केंद्रीय मंत्री श्री लल्लन सिंह जी का ये वीडियो दिखाकर जनता को बताएं कि कैसे भाजपा सरकारी योजनाओं का लाभ हड़पने की कोशिश कर रही है। इसीलिए वोट बनना कितना जरूरी है। पीडीए प्रहरी उनका वोट बनवाए और उन्हें भाजपा की षडयंत्रकारी सरकार हटाने के लिए अपनी ‘पीडीए सरकार’ बनाने का संकल्प दिलवाए।
अयोध्या के ‘राम मंदिर में चोरी’, साथ ही ‘भगवान राम व भगवान कृष्ण’ पर की गई एक ‘दुष्मुखी’ तथाकथित उपदेशक की हालिया टिप्पणी के बाद जिस तरह से सनातन समाज भाजपा से बुरी तरह नाराज है, उसी डर से भाजपा अब एसआईआर के माध्यम से उस आहत सनातन समाज को ही वोटर लिस्ट से हटा रही है, जो आगामी चुनावों में भाजपा को हराने और हमेशा के लिए हटाने के लिए कमर कसे बैठा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि दरअस्ल एसआईआर नागरिकता छीनने का एक बहुत बड़ा षडयंत्र है। ये षडयंत्रकारी भाजपाई वोटर लिस्ट से नाम काटने के बाद आम जनता को नागरिक नहीं मानेंगे और जनता की जमीन, खेत, जायदाद, धन-संपत्ति, मिल्कियत, बैंक के पैसे, बैंक लॉकर में रखा बहुमूल्य सामान, गहना-जेवर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, डिग्री, पासपोर्ट, जाति प्रमाणपत्र, मैरिज सर्टिफिकेट, आरक्षण, कॉलोनी-आवास, शौचालय, गैस सब्सिडी व स्कूल में दाखिले-दोपहर के भोजन व अस्पताल में भर्ती व राशन-पानी जैसे अन्य तरह के बाकी सारे अधिकार भी छीन लेंगे।
वोटर लिस्ट के बहाने जनता को परेशान करने की खबरें भाजपा शासित महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात व गोवा तक से लगातार आ रही हैं और बढ़ती भी जा रही हैं। जहाँ अधिकार भी छीने जा रहे हैं और वोट पाने की विभिन्न योजनाओं के नाम पर दिए पैसे वसूलने के लिए महिलाओं तक पर मुकदमे किए जा रहे हैं। जिसका सबसे अधिक शिकार शोषित, वंचित, गरीब ‘पीडीए’ समाज ही हो रहा है।उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि भाजपा ने अपने मूल समर्थक भी खो दिए हैं, इसीलिए भाजपा ‘वोट’ से नहीं ‘खोट’ से चुनाव जीतने की महा-साजिश में लगी है। अब भाजपा हमेशा के लिए हारेगी!



