‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का असर: 86 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस बहाल, सुधार के बाद फिर शुरू हुआ कारोबार। यूपी में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर 112 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित, 1,752 सुधार नोटिस जारी; 5 नवंबर तक 3,035 निरीक्षण।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों की शुद्धता, गुणवत्ता और सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां पाए जाने पर जिन 112 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे, उनमें से 86 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस आवश्यक सुधार और विभागीय सत्यापन के बाद बहाल कर दिए गए हैं। इससे संबंधित कारोबारियों को दोबारा व्यवसाय शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित करना भी है। विभाग का जोर स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा को कारोबार की अनिवार्य कार्यसंस्कृति बनाने पर है।
3,035 निरीक्षण, 112 लाइसेंस निलंबित और 1,752 सुधार नोटिस
17 सितंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत 5 नवंबर तक प्रदेशभर में कुल 3,035 निरीक्षण किए गए। इस दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 112 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि सुधार योग्य कमियां पाए जाने पर 1,752 सुधार सूचना नोटिस जारी किए गए।
विभागीय निर्देशों के अनुपालन में आवश्यक सुधार करने और सत्यापन में मानकों का पालन पाए जाने के बाद 86 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस बहाल कर दिए गए। यह अभियान की उस कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जिसमें नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के साथ कारोबारियों को सुधार का अवसर भी दिया जा रहा है।
स्वच्छता और गुणवत्ता सुधार पर कारोबारियों का जोर
अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को निर्माण, भंडारण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया में स्वच्छता तथा अनुमन्य खाद्य सामग्री और एडिटिव्स के निर्धारित मात्रा में इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया।
लखनऊ में बीकानेरवाला, चंपारण, मोतीमहल डीलक्स, क्लब जलवा और रेबेल फूड जैसे प्रतिष्ठानों ने आवश्यक सुधार करने के बाद दोबारा कारोबार की अनुमति प्राप्त की। विभाग का मानना है कि कारोबारियों की कार्यप्रणाली में सुधार से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उत्पीड़न नहीं, सुधार और सहयोग है अभियान का उद्देश्य
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचिव एवं आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने स्पष्ट किया कि ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का उद्देश्य किसी खाद्य कारोबारी का उत्पीड़न करना अथवा उसका कारोबार बंद कराना नहीं है। विभाग चाहता है कि प्रदेश में खाद्य कारोबार से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों और निर्धारित मानकों का पालन करे।
उन्होंने कहा कि कमियां दूर करने के बाद 86 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस बहाल होना अभियान का सकारात्मक परिणाम है। इन प्रतिष्ठानों ने अपनी कार्यप्रणाली में जरूरी सुधार किए और विभागीय परीक्षण एवं सत्यापन में मानकों का अनुपालन पाए जाने के बाद उन्हें दोबारा कारोबार की अनुमति दी गई।
हालांकि, खाद्य पदार्थों में जानबूझकर मिलावट करने, प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल करने और आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। अभियान के दौरान ऐसे गंभीर मामलों में तीन प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। इसके अलावा नियमों के उल्लंघन और अधोमानक खाद्य सामग्री के मामलों में लगभग 55.60 कुंतल खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1.41 करोड़ रुपये है।
खाद्य कारोबार के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्र अभियान के दायरे में
‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें फास्ट फूड चेन, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, हेल्थ सप्लीमेंट्स एवं न्यूट्रास्यूटिकल्स के विनिर्माण और विक्रय प्रतिष्ठान, रेलवे एवं हवाई सेवाओं की कैटरिंग इकाइयां, फ्लाइट किचन, बेस किचन और वेयरहाउस शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों की कैंटीन एवं भोजनालयों, दूध और दुग्ध उत्पादों, पनीर, खोया, मिठाइयों, फलों तथा अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
ऑनलाइन खाद्य आपूर्ति से जुड़े डार्क स्टोर्स, वेयरहाउस और वितरण केंद्र भी अभियान के दायरे में हैं। दीपावली के मद्देनजर मिठाई निर्माण इकाइयों, रिटेल स्टोर्स और अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि त्योहारों में उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
15 नवंबर तक नियमित प्रवर्तन कार्रवाई स्थगित
दीपावली सहित अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 15 नवंबर तक नियमित प्रवर्तन कार्रवाई स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्रदेश के खाद्य कारोबारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालांकि, इस अवधि में ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान बंद नहीं होगा। विभाग की ओर से कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी देने, कार्यप्रणाली में सुधार के लिए प्रेरित करने और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य जारी रहेगा।
कारोबारियों के साथ उपभोक्ताओं को भी किया जा रहा जागरूक
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से कारोबारियों एवं उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है। कारोबारियों को खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, अनुमन्य खाद्य योजकों, उनके निर्धारित उपयोग, अधिकतम स्वीकार्य सीमा तथा स्वच्छता और भंडारण संबंधी मानकों की जानकारी दी जा रही है। वहीं, उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग और खरीदारी के दौरान आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार सुरक्षित खाद्य व्यवस्था केवल सरकारी कार्रवाई से सुनिश्चित नहीं हो सकती। इसके लिए प्रशासन, खाद्य कारोबारियों और उपभोक्ताओं की साझा जिम्मेदारी एवं सक्रिय सहभागिता जरूरी है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान इसी सोच के साथ प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।



