गोरखपुर में महिलाओं को मिला नया सहारा

गोरखपुर में आधुनिक महिला शरणालय का लोकार्पण, मुख्यमंत्री ने कहा— निराश्रित महिलाओं के लिए बनेगा सहारा।

लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त 100 बेड वाले राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के लाभार्थी बच्चों को लैपटॉप भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं, घर से बिछड़ी बेटियों, बहनों, माताओं तथा अन्य निराश्रित महिलाओं के लिए यह शरणालय सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास का केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आश्रय देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर मंडल में स्थापित यह 100 बेड का महिला शरणालय उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित होगा, जिन्हें किसी कारणवश घर छोड़ना पड़ा है या जो संकट की स्थिति में हैं।

महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटी के जन्म से लेकर शिक्षा, विवाह, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक हर चरण में सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि:

  • मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत विवाह हेतु एक लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
  • वृद्धावस्था पेंशन, आवास, राशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को जोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 1.10 करोड़ परिवारों को वार्षिक पेंशन, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन तथा 65 लाख से अधिक परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की महिलाओं को घरौनी योजना के माध्यम से संपत्ति का अधिकार भी सुनिश्चित किया गया है।

कोविड में अनाथ हुए बच्चों के लिए सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में जिन बच्चों ने अपने अभिभावकों को खो दिया, सरकार उनके साथ खड़ी रही। ऐसे बच्चों को 4,000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति, टैबलेट और अन्य शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप वितरित किए।

कानून व्यवस्था और विकास का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब कर्फ्यू, दंगा, भय, गुंडागर्दी और अवैध कब्जों से मुक्त वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में सुरक्षा और विकास का माहौल तैयार हुआ है।

उन्होंने बताया कि पूर्वांचल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है और इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। साथ ही, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूहों, मिल्क प्रोड्यूसर संगठनों, बीसी सखी और ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

रोजगार और आधारभूत संरचना पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। वहीं, 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें महिलाओं और युवाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी है।

उन्होंने गोरखपुर क्षेत्र में बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लिंक मार्ग से लखनऊ और गोरखपुर के बीच आवागमन आसान हुआ है। कार्यक्रम में गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ल, कुशीनगर सांसद विजय दुबे, विभिन्न विधायक, जनप्रतिनिधि और महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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