जलभराव से फिर घरों में कैद होगी तीन लाख की आबादी! बारिश से उड़ जाती आशियाना और एलडीए के लोगों की नींद। मूसलाधार बारिश से जलमग्न हो जाते कॉलोनी के मुख्य मार्ग। विधायक कार्यालय के सामने वाली सड़क पर भी होता जलभराव।

लखनऊ। इस उमस भरी गर्मी से निजात पाने के लिए लोग मूसलाधार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजधानी के आशियाना और एलडीए की करीब दो लाख की आबादी तेज बारिश होने से घबरा रही है। इस घबराहट की वजह सिर्फ और सिर्फ जलभराव है। आशियाना और एलडीए कालोनियों में तेज बारिश होने पर इस कदर जलभराव हो जाता है कि लोगों को कई कई दिनों तक घरों में कैद होना पड़ जाता है। भारी जलभराव से स्थानीय लोगों का घरों से निकलना और ऑफिस तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है। विकसित सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की यह भयावह स्थित पहली बार नहीं हो रही है। इस दंश को क्षेत्र की जनता पिछले कई सालों से झेल रही है। हकीकत यह है कि जलभराव को लेकर लोग दहशत में तो हैं ही इसने क्षेत्र के विकास के दावों की पोल खोल दी है।
राजधानी के पॉश इलाकों में शुमार आशियाना कॉलोनी में थोड़ी सी तेज बारिश होने पर सेक्टर के, के वन, रेलनगर सेक्टर जे, अंबिका विहार समेत कई सेक्टरों की गलियों में इस कदर जलभराव हो जाता है कि घरों के सामने खड़ी गाड़ियों के पहिए आधे से ज्यादा डूब जाते हैं। घरों में पानी घुस जाता है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकल पाना मुश्किल हो जाता है। बंगला बाजार पुलिस चौकी से खजाना मार्केट, आशियाना चौराहे तक के मुख्य मार्ग के दोनों ओर घुटनों तक पानी भर जाता है। इससे लोगों को आवागमन में तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस जलभराव में गिरकर कई लोग चोटिल तक हो चुके हैं। बरसात के दिनों में यहां के लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
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इससे भी बुरा हाल लखनऊ विकास प्राधिकरण की कानपुर रोड योजना के तहत विकसित की गई एलडीए कालोनियों का है। बंगला बाजार से सटी एलडीए सेक्टर एल, सेक्टर आई, सेक्टर एच के फेस वन और टू के अलावा सेक्टर जी और डी और डी वन में जलभराव से बुरा हाल हो जाता है। बारिश में एलडीए सेक्टर एल की सेंट मीरास स्कूल वाली रोड पर थोड़ी सी तेज बारिश होने पर मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भर जाता है। घरों के सामने की गलियों और घरों में पानी घुस जाता है। इससे लोगों को कई कई दिनों तक घरों में कैद रहने के लिए विवश होना पड़ता है। कुछ ऐसा ही हाल एलडीए सेक्टर एच, आई और सेक्टर जी और डी में भी देखने को मिलता है। गलियों और घरों में भारी जलभराव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिलचस्प बात तो यह है कि आशियाना के सेक्टर के स्थित सरोजनीनगर विधानसभा के विधायक के कार्यकाल के सामने वाली रोड पर भी भारी जलभराव हो जाता है। इस भारी जलभराव की वजह से लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ता है।
गलत निर्माण का दंश झेल रहे आशियाना एलडीए के निवासी
आशियाना, एलडीए कॉलोनी और आसपास के कई इलाकों के निवासी गलत निर्माण की वजह से जलभराव की समस्या से जुझ रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 1983 और 1986 के बीच जलनिकासी के लिए 40 किलोमीटर लंबा नाले का निर्माण कराया गया था। यह नाका सई नदी तक जाता है। एलडीए ने आशियाना कॉलोनी बनाते समय बिजनौर रोड पर शहीद पथ के आगे नाले का निर्माण अधूरा छोड़ दिया। शहीद पथ के नीचे जलनिकासी का लेवल भी करीब दो फीट ऊंचा है। इसके वजह से पानी आगे नहीं बढ़ पाता है। इससे आशियाना, एलडीए और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या बनी हुई है।



