जनता के गुस्से से दिखा सन्नाटा, डबल इंजन में टकराहट..?

अखिलेश यादव से आज लखनऊ में ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की तथा ग्राम रोजगार सेवकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। अखिलेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी तथा आश्वस्त किया कि ग्राम रोजगार सेवकों की न्यायोचित मांगों को समाजवादी पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र (मेनिफेस्टो) में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।


    प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष 2006 से ग्राम रोजगार सेवक कार्यरत हैं, जो मनरेगा सहित ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद आज तक उनके नियमितीकरण के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे हजारों ग्राम रोजगार सेवकों एवं उनके परिवारों के समक्ष भविष्य को लेकर असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है।

जनता के गुस्से से दिखा सन्नाटा, डबल इंजन में टकराहट..?
जनता के गुस्से से दिखा सन्नाटा, डबल इंजन में टकराहट..?


    प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि वर्ष 2006 से निरंतर कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों की सेवाओं को मान्यता देते हुए उनका नियमितीकरण किया जाए तथा उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की भांति सेवा सुरक्षा एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि समाजवादी पार्टी अपने घोषणा पत्र में इस मांग को प्रमुखता से शामिल करे, जिससे प्रदेश के हजारों ग्राम रोजगार सेवकों को न्याय मिल सके। अखिलेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि समाजवादी पार्टी सदैव मेहनतकश एवं कर्मचारियों के अधिकारों की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याएं वास्तविक हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।      

 अखिलेश यादव ने कहा है कि जनता पूछ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के पहले दौरे में जनता ने ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ के गुस्से की वजह से उनका बहिष्कार तो किया ही है, क्या डबल इंजन की टकराहट भी इस सन्नाटे की वजह है? दरअसल उत्तर प्रदेश का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर के मारे अपने घरों में दुबका बैठा है या प्रदेश से बाहर भाग गया है, नहीं तो कुछ लोग तो जरूर दिखाई देते, बेचारे ‘नव-निर्मित अध्यक्ष जी’ हाथ हिलाने के लिए तरसते दिखाई न देते। आज उन्हें भी पता चला होगा कि ‘5’ बड़ा या ‘7’। भगवान से धोखा करनेवालों का दुर्भाग्य देखिए कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करने वालों का झंडा तक उठाने वाले अब कोई नहीं बचा, वो भी किराये पर ही लाए गए। 

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