Thursday, April 16, 2026
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राज्य में आपूर्ति,सुरक्षा और किसान हितों पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

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राज्य में आपूर्ति,सुरक्षा और किसान हितों पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान
राज्य में आपूर्ति,सुरक्षा और किसान हितों पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान

प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति की जाए सुनिश्चित। प्रवासी श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 5 किलो के एफटीएल सिलेंडर कराए जाएं उपलब्ध। पीएनजी गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को दी जाए गति। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को विशेष शिविरों का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाए क्षतिपूर्ति राशि का वितरण। किसी भी जिले में न हो अवैध शराब की बिक्री। फार्मर रजिस्ट्री में शेष किसानों के पंजीकरण कार्य में लाई जाए तेजी।


लखनऊ
। मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्थान पर गैस की किल्लत न होने पाए। कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखी जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में निवास करने वाले प्रवासी श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों की पहचान कर विशेष शिविरों के माध्यम से उन्हें 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे उन्हें भोजन पकाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।


            मुख्य सचिव ने पीएनजी गैस कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को और अधिक गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों तथा हाईराइज इमारतों में पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां के निवासियों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, पीएनजी पाइपलाइन बिछाने से संबंधित लंबित एनओसी एवं स्वीकृतियों का त्वरित परीक्षण कर उन्हें शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए। भारत सरकार द्वारा 2,04,795 पीएनजी कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 14 मार्च 2026 से अब तक 46,954 घरेलू पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1,700 से 1,800 कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं।


             उन्होंने प्रदेश में हाल ही में हुई अतिवृष्टि, ओलावृष्टि तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के संदर्भ में कहा कि फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु धनराशि जनपदों को जारी कर दी गई है। विशेष शिविरों का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में क्षतिपूर्ति राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित किसान राहत से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को शीघ्र लाभान्वित करने की प्रक्रिया को भी तेज करने पर जोर दिया।


              मुख्य सचिव ने अवैध शराब के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि चिन्हित हॉटस्पॉट एवं संवेदनशील क्षेत्रों में वैध दुकानों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में अवैध शराब की बिक्री न होने पाए और इससे संबंधित किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को पूर्णतः समाप्त किया जाए। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर छापेमारी कर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से आमजन को अवैध शराब के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए।


               कृषि क्षेत्र से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण 30 अप्रैल तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि शेष किसानों के पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। जिलों को कम संतृप्ति वाले गांवों का चयन कर 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी भूमिधर किसान, चाहे वे पीएम किसान योजना के लाभार्थी हों या नहीं, फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकृत हों।


                 उन्होंने कहा कि किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए तथा ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। यह भी अवगत कराया गया कि 15 मई, 2026 से उर्वरक, बीज एवं अन्य कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री किसान योजना के 82.35 प्रतिशत लाभार्थियों का पंजीकरण पूर्ण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 32,47,774 गैर-पीएम किसान भी पंजीकृत किए गए हैं, जिससे कुल पंजीकृत किसानों की संख्या 2,09,48,604 तक पहुंच गई है।