- डेनिश डेयरी टेक्नोलॉजी से देसी गायों के दूध के उत्पाद बना यूपी बना देश का ‘धुरंधर’।
- सेना के जवानों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा यूपी की देसी गायों के दूध से बना स्कॉयर फ्रीज ड्राइड योगर्ट पाउडर।
- मुख्यमंत्री योगी की प्रेरणा से देसी नस्ल की गायों के संरक्षण से राष्ट्रशक्ति और आर्थिक समृद्धि का नया मॉडल तैयार।
- देसी गाय के दूध के विशेष उत्पाद से और फुर्तीले होंगे सेना के जवान, दुश्मनों के दांत खट्टे करने में मिलेगी नई ताकत।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने देसी गायों के दूध उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। राज्य सरकार की पशुपालन और डेयरी विकास संबंधी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिससे दुग्ध उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इससे न केवल किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।
उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण अब राष्ट्रशक्ति, सैनिक सामर्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला नया मॉडल बनकर उभरा है। योगी सरकार के कुशल प्रबंधन से प्रदेश की देसी नस्ल की गायों का दूध अब भारतीय सेना के जवानों की ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डेनमार्क और आइसलैंड की अत्याधुनिक डेयरी तकनीक से तैयार हो रहा विशेष डेयरी उत्पाद स्कॉयर (Skyrrup) सेना के जवानों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करने में उपयोगी साबित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश की देसी गायों के दूध से तैयार यह प्रीमियम सप्लीमेंट अब भारतीय सेना में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, कम फैट और प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर यह उत्पाद जवानों को अधिक फिट, ऊर्जावान और सक्षम बनाने में मदद करेगा। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित हो रही गो आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर भारत की नई ताकत बनती दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश का मॉडल अब पूरे देश के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है।
देश का पहला मॉडल, जहां गो सेवा से बढ़ रही सेना की शक्ति
प्रयागराज के रहने वाले इंजीनियर एस.एन. द्विवेदी ने नोएडा में रोजगार, गो संरक्षण और आधुनिक डेयरी तकनीक को जोड़कर एक अनूठा मॉडल विकसित किया है। उनकी डेयरी में गिर, साहीवाल समेत 250 से अधिक देसी नस्ल की गायों की देखरेख की जा रही है। इन गायों के दूध में प्राकृतिक रूप से उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन और अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हीं गुणों के कारण भारतीय सेना में इनके दूध से बने उत्पाद की मांग लगातार बढ़ रही है।
देसी गायों के दूध से तैयार स्कॉयर जवानों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देने तथा मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायक माने जा रहे हैं। आधुनिक प्रोसेसिंग और अल्ट्रा फिल्टर तकनीक के कारण इन उत्पादों की गुणवत्ता काफी बढ़ जाती है।
डेनमार्क की अल्ट्रा फिल्टर तकनीक से तैयार होता है स्कॉयर
स्कॉयर आइसलैंड का एक पारंपरिक डेयरी उत्पाद है, जिसे दही और चीज के बीच की श्रेणी का माना जाता है। इसका स्वाद हल्का खट्टा होता है और करीब 1000 साल पहले उत्तरी यूरोप के समुद्री योद्धा वाइकिंग्स (Vikings) खाते थे। इसमें सामान्य डेयरी उत्पादों की तुलना में अधिक प्रोटीन और बेहद कम फैट होता है। इसमें स्कॉयर, ग्रीक योगर्ट, जिलेटो आइसक्रीम, स्कॉयर पाउडर, योगार्ट पाउडर, पनीर और घी सभी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में पहली बार डेनमार्क की अत्याधुनिक अल्ट्रा फिल्टर डेयरी तकनीक और आइसलैंड की प्रोसेसिंग पद्धति का उपयोग कर इसे तैयार किया जा रहा है। यही कारण है कि प्रदेश में तैयार हो रहे प्रीमियम दूध और उससे बने उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। इससे प्रदेश की देसी गाय आधारित डेयरी अर्थव्यवस्था को नया बाजार और नई पहचान मिल रही है।
गो संरक्षण से रोजगार और आर्थिक समृद्धि की नई राह
इंजीनियर एस.एन. द्विवेदी अब अलीगढ़ में 500 देसी गायों की क्षमता वाली अत्याधुनिक गोशाला विकसित कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली प्रेरणा ने उन्हें गो सेवा और गो संरक्षण के कार्य को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प दिया।
उन्होंने गो सेवा को रोजगार सृजन और आर्थिक समृद्धि से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल विकसित किया है जिसकी चर्चा अब देशभर में हो रही है। आधुनिक तकनीक और भारतीय संस्कृति के समन्वय से उन्होंने साबित किया है कि गौ संरक्षण केवल परंपरा नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने का प्रभावी माध्यम भी बन सकता है।
योगी सरकार में राष्ट्रनिर्माण का आधार बन रहा गो संरक्षण
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि योगी सरकार द्वारा गो संरक्षण को लेकर किए गए प्रयास अब बड़े परिणामों के रूप में सामने आ रहे हैं। आधुनिक गोशालाएं, उन्नत डेयरी तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग और मूल्य संवर्धित गो उत्पादों ने प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि गो सेवा के माध्यम से जहां ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं, वहीं भारतीय सेना तक पौष्टिक गो उत्पाद पहुंचाकर इसे राष्ट्रसेवा से भी जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित हो रही गो आधारित अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भर भारत की नई ताकत बनती दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश का यह मॉडल अब पूरे देश के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है।



