5 नवंबर को देशभर में चक्का जाम

 देशभर के 250 से अधिक किसान संगठनों की बैठक आज आयोजित की गई। इस बैठक में कई फैसलों पर मुहर लगाई गई। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने फैसला किया कि 3 किसान विरोधी कानूनों, प्रस्तावित बिजली बिल एवं पंजाब की मालगाडि़यों को बंद किए जाने के खिलाफ 5 नवंबर को देशभर में 12 से 4 बजे तक चक्का जाम किया जाएगा। इसी प्रकार 26-27 नवंबर को दो दिवसीय आह्वान पर दिल्ली में देशभर के किसान धरना लगाएंगे।

किसान संगठनों का ऐलान, 5 नवंबर को देशभर में चक्का जाम किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने फैसला किया कि 3 किसान विरोधी कानूनों, प्रस्तावित बिजली बिल एवं पंजाब की मालगाडि़यों को बंद किए जाने के खिलाफ 5 नवंबर को देशभर में 12 से 4 बजे तक चक्का जाम किया जाएगा।

इन राष्ट्रव्यापी धरनों के लिए आल इंडिया स्तर पर 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसमें पांच प्रतिनिधि शामिल हैं।    देशभर के किसान संगठनों की मंगलवार को दिल्ली में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि तीनों कानूनों को वापस कराने के लिए सरकार से वार्ता की प्रक्रिया भी जारी रखी जाएगी, जिससे इस मुद्दे का शांतिपूर्ण हल निकाला जा सके। लेकिन मुद्दे पर कोई हल न निकलने की स्थिति में सरकार का विरोध जारी रखा जाएगा। बैठक में 150 से ज्यादा किसान संगठनों के भाग लेने का दावा किया गया है।

 किसानों की बैठक में स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, मध्यप्रदेश के किसान नेता सुनीलम, पंजाब के प्रमुख किसान नेता दर्शन सिंह शामिल थे। बैठक में कुछ किसान संगठनों के भाग न लेने का मुद्दा भी छाया रहा। विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक बड़े किसान संगठन के किसी प्रतिनिधि के बैठक में शामिल न होने को लेकर भी सवाल खड़े हुए, लेकिन किसान नेताओं ने कहा कि वे सबसे बात कर सबको साथ लाने की कोशिश करेंगे।  

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