सड़कों का मरम्मत कार्य प्रत्येक दशा में 30 नवम्बर तक पूर्ण करें-ज़ितिन प्रसाद

देश एवं प्रदेश की सरकार जन-जन के आवागमन सुलभ बनाने के लिए है प्रतिबद्ध। सड़कों का मरम्मत कार्य 30 नवम्बर तक प्रत्येक दशा में हो पूरा। सड़कों के गुणवत्ता में कमी मिली तो सम्बन्धित विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार होंगे दण्डित।

श्रावस्ती। गांव एंव नगरों में आवागमन के लिए सड़के बेहतर होंगी तो निश्चित ही गांवों एवं नगरों का विकास होगा तथा हमारे समाज में खुशहाली आयेगी। इसी के मद्देनजर देश एवं प्रदेश सरकार लोगों के आवागमन को सुलभ बनाने के लिए बेहतर सड़के और पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे चल रहे सड़कों एवं पुलों के निर्माण कार्य की निरन्तर मानिटरिंग करें, और समय सीमा के अन्तर्गत उन्हें पूरा करायें, ताकि लोगों के आवागमन को सुलभ एवं बेहतर बनाया जा सके। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि वर्षा एवं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की पैचिंग एवं मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर करके 30 नवम्बर, 2022 तक प्रत्येक दशा में सड़कों को गढ़ढामुक्त किया जाए। सड़कों पर चल रहे मरम्मत कार्य का उच्च अधिकारियों द्वारा अनुश्रवण भी किया जाए, और यदि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी मिलती है तो इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए, ताकि सम्बन्धित कार्यदायी संस्था एवं कार्य करने वाली संस्था के विरूद्ध कार्रवाई अमल में लायी जा सके।


लोक निर्माण मंत्री ज़ितिन प्रसाद ने आज जनपद श्रावस्ती पहुँचकर कलेक्ट्रेट सभागर में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग द्वारा कराये जा रहे सड़कों, पुलों एवं भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित विभागीय अभियंताओं को दिये गये। उन्होने जोर देते हुए कहा कि देश के मा0 प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री जी जीरो टालरेंस पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए नई सड़कों के निर्माण, पुलों का निर्माण, सड़कों/पुलों की मरम्मत के लिए धन उपलब्ध है, उस काम को समय सीमा के अन्तर्गत पूरा कराया जाए और यह भी ध्यान रखा जाए कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न होने पाए। उन्होने मुख्य अभियंता को निर्देश दिया है कि पैच मरम्मत, नवीनीकरण, स्पेशल पैच मरम्मत, सड़कों के नाम, कार्य करने वाले अभियंता एवं ठेकेदारों का नाम, कार्य प्रारम्भ करने की तिथि, कार्य पूरा करने की तिथि एवं धनराशि आदि का उल्लेख करते हुए सूची बनायी जाए, और उसकी निरन्तर मानिटरिंग करके गुणवत्ता के साथ कार्यो को पूरा कराया जाए।


मंत्री ने जिले में क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत कार्यो की भी क्रमवार समीक्षा की तथा सम्बन्धित अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपनी व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्य को समय सीमा के अन्तर्गत पूरा कराये। यदि इस कार्य में शिथिलता पायी गई तो उनकी जवाबदेही तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जायेगी। उन्होने दो टूक शब्दों में कहा कि अब लापरवाही नही, बल्की अभियंताओं को समय सीमा के अन्तर्गत कार्य कराना होगा, नही तो वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मंत्री ने जिले में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन भवन की भी समीक्षा की और कार्य को गुणवत्तापूर्ण ढंग से तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया। जिले में निर्माणाधीन कारागार की समीक्षा के दौरान निर्माण कार्य की शिथिल गति पाये जाने पर सम्बन्धित अभियंता को कार्य में तेजी लाने की नसीहत भी दी। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत दद्दन मिश्रा, विधायक रामफेरन पाण्डेय, सदस्य विधान परिषद डा0 प्रज्ञा त्रिपाठी, जिलाधिकारी नेहा प्रकाश, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग देवीपाटन मंडल गोंडा वीरेंद्र चौधरी, अधीक्षण अभियंता देवीपाटन मंडल गोंडा अवधेश शरण चौरसिया, महाप्रबन्धक राजकीय निर्माण निगम लखनऊ, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण/अभियंतागण उपस्थित रहे।

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